सुप्रीम कोर्ट ने TMC को भी नहीं दी कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश पर दखल, फ्रीज बैंक खाते बरकरार
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बैंक खातों पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत लगाए गए प्रवर्तन निदेशालय (ED) के पाबंदियों में दखल देने से इनकार किया. कलकत्ता हाई कोर्ट ने इन खातों पर पाबंदी लगाई है.

सौजन्य से:- ETV Bharat
सुप्रीम कोर्ट से TMC को नहीं मिली राहत, फ्रीज बैंक खातों पर कलकत्ता हाई कोर्ट का आदेश बरकरार
बेंच ने कहा कि हाई कोर्ट के 9 जुलाई के आदेश से यह सुनिश्चित हुआ कि रोजमर्रा के कामकाज न रुकें.
By Sumit Saxena
Published : August 11, 2026 at 7:40 PM IST
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बैंक खातों पर कलकत्ता हाई कोर्ट की पाबंदियों में दखल देने से इनकार कर दिया. मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इन खातों को फ्रीज कर रखा है.
यह मामला जस्टिस एमएम सुंदेश और जस्टिस पीबी वराले की बेंच के सामने आया. बेंच ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले टीएमसी गुट की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें ईडी द्वारा पार्टी के खाते फ्रीज करने के फैसले को चुनौती दी गई थी और हाई कोर्ट द्वारा कोई अंतरिम राहत न देने के फैसले को भी चुनौती दी गई थी.
ईडी ने तीन बैंक खातों को फ्रीज किया था, जिनमें कुल 440.42 करोड़ रुपये जमा थे. यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के सिलसिले में की गई थी, जो पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा दर्ज FIR के आधार पर शुरू हुई थी. एफआईआर में कथित तौर पर बेईमानी से किए गए वित्तीय लेन-देन, गैर-कानूनी तरीके से पैसे इकट्ठा करने और कुछ पार्टी खातों के जरिए संदिग्ध फंड को इधर-उधर करने का आरोप लगाया गया था.
20 जुलाई के एक अंतरिम आदेश में, हाई कोर्ट ने पार्टी को 3 बैंक खाते चलाने की इजाजत देने से इनकार कर दिया था, जबकि 9 जुलाई के आदेश में कोर्ट द्वारा नियुक्त विशेष अधिकारी की देखरेख में रोजमर्रा के खर्चों के लिए उन खातों के इस्तेमाल की इजाजत दी थी.
एक और याचिका बागी टीएमसी नेता विश्वनाथ दास ने दायर की थी, जिसमें उन्होंने 9 जुलाई के आदेश को चुनौती दी थी. याचिकाकर्ता का तर्क था कि वही असली पार्टी का प्रतिनिधित्व करते हैं.
दोनों याचिकाओं का निपटारा करते हुए बेंच ने कहा कि हाई कोर्ट का आदेश संतुलित था और दास को स्पेशल ऑफिसर के सामने अपनी आपत्तियां रखने की इजाजत भी दी. बेंच ने यह भी साफ किया कि हाई कोर्ट में लंबित मुख्य याचिका में सभी तर्क रखे जा सकते हैं.
बेंच ने कहा कि वह इस पर कुछ नहीं कहेगी और दोनों मामलों का निपटारा कर देगी, साथ ही यह फैसला हाई कोर्ट द्वारा नियुक्त स्पेशल ऑफिसर पर छोड़ देगी. बेंच ने कहा, "आप जो भी कहना चाहते हैं, मुख्य याचिका में कहें." बेंच ने कहा कि हाई कोर्ट के 9 जुलाई के आदेश से यह सुनिश्चित हुआ कि रोज़मर्रा के कामकाज न रुकें.
3 अगस्त को, सुप्रीम कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) से पूछा कि क्या ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले TMC गुट के फ्रीज़ किए गए बैंक खातों से कुछ फंड कोर्ट द्वारा नियुक्त स्पेशल ऑफिसर को जारी किए जा सकते हैं, ताकि पार्टी के रोज़मर्रा के खर्च पूरे किए जा सकें.
ये भी पढ़ें: क्या रोजाना के खर्चों के लिए TMC के फ्रीज किए गए अकाउंट से कुछ रकम जारी की जा सकती है? सुप्रीम कोर्ट ने ED से पूछा
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