होमकानूनबेसिक शिक्षा विभाग के 59 मामले 20 अगस्त तक निपटाने के दिए निर्देश
कानून

बेसिक शिक्षा विभाग के 59 मामले 20 अगस्त तक निपटाने के दिए निर्देश

प्रयागराज में 64वीं मंडलीय पेंशन अदालत में बेसिक शिक्षा विभाग के 59 मामलों का निस्तारण 20 अगस्त तक करने के निर्देश दिए गए। मंडलायुक्त ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि पेंशनरों को अनावश्यक चक्कर लगाने पड़ते हैं, इसलिए सेवा पुस्तिका और पूर्व में सत्यापित अभिलेखों की दोबारा मांग न की जाए।

11 अगस्त 2026 को 04:56 pm बजे
बेसिक शिक्षा विभाग के 59 मामले 20 अगस्त तक निपटाने के दिए निर्देश

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

- Hindi News

- Local

- Uttar pradesh

- Prayagraj

- Prayagraj Divisional Pension Adalat | Basic Shiksha Vibhag Cases Order

प्रयागराज में लगी 64वीं मंडलीय पेंशन अदालत:बेसिक शिक्षा विभाग के 59 मामले 20 अगस्त तक निपटाने के निर्देश

- कॉपी लिंक

प्रयागराज में मंगलवार को 64वीं मंडलीय पेंशन अदालत का आयोजन किया गया। मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. की अध्यक्षता में आयुक्त कार्यालय के गांधी सभागार में हुई इस अदालत में सेवानिवृत्त कर्मचारियों और पेंशनरों के मामलों की सुनवाई की गई। मंडलायुक्त ने सभी प्रकरणों के त्वरित और समयबद्ध निस्तारण के कड़े निर्देश दिए। इस दौरान 16 मामलों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया।

समीक्षा के दौरान वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत प्राप्त 40 नए और 35 पुराने प्रकरणों पर विचार किया गया। इनमें से कुल 59 मामले अकेले बेसिक शिक्षा विभाग से संबंधित थे, जिनमें 39 नए और 20 पुराने प्रकरण शामिल थे। ये मामले मुख्य रूप से नोशनल वेतन वृद्धि और पुनरीक्षित पेंशन से जुड़े थे।

बेसिक शिक्षा विभाग के मामलों में अपेक्षित प्रगति न मिलने पर मंडलायुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार को निर्देश दिया कि इन सभी 59 प्रकरणों का निस्तारण 20 अगस्त तक अनिवार्य रूप से कर इसकी आख्या प्रस्तुत की जाए। इसके अतिरिक्त, उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड से संबंधित पारिवारिक पेंशन के एक नए मामले की भी सुनवाई हुई।

मंडलायुक्त ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि छोटी-छोटी औपचारिकताओं और पहले से सत्यापित दस्तावेजों की बार-बार मांग के कारण बुजुर्ग पेंशनरों को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने पड़ते हैं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सेवा पुस्तिका और पूर्व में सत्यापित अभिलेखों की दोबारा मांग न की जाए, ताकि प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो। केवल उन्हीं नए दस्तावेजों की मांग की जाए जिनका पूर्व में परीक्षण नहीं हुआ है।

मंडलायुक्त ने इस बात पर जोर दिया कि शासन की मंशा सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अधिकतम राहत पहुंचाना है। उन्होंने शिक्षा निदेशालय, जिला पंचायत, चकबंदी और आबकारी सहित अन्य विभागों के अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि वे लंबित मामलों का तत्काल परीक्षण करें और पात्र पेंशनरों को उनके वैधानिक लाभ समय पर दिलाएं। इस अवसर पर संबंधित विभागों के अधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे।

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
शहरी विकास कानून ने नागरिकों को बुनियादी ढांचे की बाधाओं को दूर करने में मदद कैसे की?
कानून

शहरी विकास कानून ने नागरिकों को बुनियादी ढांचे की बाधाओं को दूर करने में मदद कैसे की?

12 सितंबर को हाथरस में राष्ट्रीय लोक अदालत की रणनीति पर व्यापक चर्चा
कानून

12 सितंबर को हाथरस में राष्ट्रीय लोक अदालत की रणनीति पर व्यापक चर्चा

JDU का दो टूक: बिहार में शराबबंदी कानून की समीक्षा का कोई सवाल नहीं!
कानून

JDU का दो टूक: बिहार में शराबबंदी कानून की समीक्षा का कोई सवाल नहीं!

रेलकर्मियों का बड़ा लाभ: टाटानगर और राउरकेला में अदालतें लगेगी, WhatsApp से शिकायतें करें
कानून

रेलकर्मियों का बड़ा लाभ: टाटानगर और राउरकेला में अदालतें लगेगी, WhatsApp से शिकायतें करें

लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष एएनआर ने सुनील कुमार सिंह के मामले का सामना किया
कानून

लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष एएनआर ने सुनील कुमार सिंह के मामले का सामना किया

135 वर्ष पुराने कानून की जगह बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल 2026 को संसद ने मंजूरी दी
कानून

135 वर्ष पुराने कानून की जगह बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल 2026 को संसद ने मंजूरी दी

जनविरोधी कानूनों का प्रदर्शन, किसानों ने जारी किया संघर्ष
कानून

जनविरोधी कानूनों का प्रदर्शन, किसानों ने जारी किया संघर्ष

राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक मामलों का निपटारा सुनिश्चित करने पर जोर
कानून

राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक मामलों का निपटारा सुनिश्चित करने पर जोर

ताज़ा ख़बरें