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सुशील कुमार को बड़ा झटका, दिल्ली हाई कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज करने का फैसला

दिल्ली हाई कोर्ट ने ओलंपियन पहलवान सुशील कुमार को छत्रसाल स्टेडियम में पूर्व जूनियर नेशनल रेसलिंग चैम्पियन सागर धनखड़ की हत्या के मामले में जमानत नहीं दी। कोर्ट ने अपराध की गंभीरता और गवाहों को प्रभावित किए जाने की आशंका को आधार बनाया है।

11 अगस्त 2026 को 04:57 pm बजे
सुशील कुमार को बड़ा झटका, दिल्ली हाई कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज करने का फैसला

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ओलंपियन पहलवान सुशील कुमार को छत्रसाल स्टेडियम में पूर्व जूनियर नेशनल रेसलिंग चैम्पियन सागर धनखड़ की हत्या के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट से राहत नहीं मिली है. कोर्ट ने सुशील कुमार की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी. जस्टिस पुरुषैंद्र कुमार ने 6 अगस्त को यह फैसला सुनाया.

कोर्ट ने जमानत देने से इनकार करते हुए अपराध की गंभीरता के साथ-साथ गवाहों को प्रभावित किए जाने की आशंका को भी अहम आधार माना. कोर्ट ने कहा कि इस मामले में कथित हमला पहले से तय और बेहद गंभीर था, जिसके चलते सागर धनखड़ की मौत हुई. मामले में हथियार की बरामदगी, वीडियो सबूत और बड़ी मात्रा में अन्य सामग्री भी मौजूद है, जिसकी ट्रायल के दौरान जांच होनी बाकी है.

'जमानत नियम है, जेल अपवाद' लेकिन मामला गंभीर

दिल्ली हाई कोर्ट ने माना कि सामान्य तौर पर जमानत नियम और जेल अपवाद है, लेकिन मौजूदा मामले की परिस्थितियां अलग हैं. अदालत ने कथित वारदात को 'पूर्व नियोजित और वीभत्स हमला' बताया, जिसके परिणामस्वरूप सागर धनखड़ की मौत हुई.

कोर्ट ने यह भी ध्यान में रखा कि इस मामले में पहले सुप्रीम कोर्ट गवाहों पर सुशील कुमार के प्रभाव को लेकर गंभीर चिंता जता चुका है. अदालत के मुताबिक, आरोपी की सामाजिक हैसियत और प्रभाव को देखते हुए मुकदमे की प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.

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सुशील कुमार की ओर से क्या दलील दी गई?

जमानत के लिए सुशील कुमार की ओर से दलील दी गई कि परिस्थितियों में बदलाव आया है. बचाव पक्ष ने कहा कि मृतक सागर धनखड़ के पिता अशोक धनकड़, जिनकी शिकायत के आधार पर पहले जमानत रद्द हुई थी, अब ट्रायल में अभियोजन की कहानी का समर्थन नहीं कर रहे हैं.

बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि सुशील कुमार पांच साल से ज्यादा समय से हिरासत में हैं और अब मामले में सिर्फ औपचारिक और सरकारी गवाहों की गवाही बाकी है. इसी आधार पर नियमित जमानत देने की मांग की गई. हालांकि, दिल्ली पुलिस और सागर धनखड़ के पिता ने जमानत याचिका का विरोध किया.

कोर्ट ने गवाह के बयान को माना ट्रायल का विषय

हाई कोर्ट ने कहा कि सागर धनखड़ के पिता की गवाही को अभियोजन के खिलाफ या असमर्थन वाली गवाही के तौर पर पेश किया जाना विवादित है. कोर्ट ने साफ किया कि किसी गवाह की गवाही आखिरकार अभियोजन के पक्ष में है या नहीं, यह ट्रायल कोर्ट द्वारा सबूतों की पूरी समीक्षा के बाद तय किया जाएगा.

अदालत ने कहा कि इसे ऐसा 'बदला हुआ हालात' नहीं माना जा सकता, जिसके आधार पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा पहले बंद किया गया जमानत का रास्ता दोबारा खोला जाए.

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कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने पहले जमानत रद्द करते समय यह माना था कि सुशील कुमार की समाज में काफी प्रतिष्ठा और प्रभाव है. साथ ही, जब भी उन्हें अस्थायी तौर पर आजादी मिली, गवाहों के मुकरने की स्थिति सामने आई थी.

सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त 2025 में रद्द की थी बेल

सुशील कुमार को इस मामले में मई 2021 में गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद 19 जुलाई 2023 को सेशन कोर्ट ने उन्हें घुटने की सर्जरी के लिए एक हफ्ते की अंतरिम जमानत दी थी.

इसके बाद 4 मार्च 2025 को हाई कोर्ट ने सुशील कुमार को जमानत दे दी थी. लेकिन इस आदेश को चुनौती दी गई और 13 अगस्त 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट का फैसला पलटते हुए सुशील कुमार की जमानत रद्द कर दी थी.

सुप्रीम कोर्ट ने उस समय कहा था कि गवाहों पर सुशील कुमार के 'दबदबे वाले प्रभाव' को देखते हुए उनके प्रभावित होने या ट्रायल की कार्यवाही में देरी की आशंका को खारिज नहीं किया जा सकता.

ट्रायल कोर्ट भी पहले कर चुका है जमानत से इनकार

इससे पहले 6 फरवरी को ट्रायल कोर्ट ने भी सुशील कुमार को जमानत देने से इनकार कर दिया था. अदालत ने तब कहा था कि इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता कि आरोपी गवाहों को प्रभावित कर सकता है.

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मामले में ट्रायल कोर्ट ने अक्टूबर 2022 में सुशील कुमार और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए थे. उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की हत्या, आपराधिक साजिश, धमकी और घातक हथियार के साथ दंगा करने से जुड़ी धाराओं के तहत आरोप तय किए गए. इसके अलावा आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धाराएं भी लगाई गई थीं.

क्या हुआ था छत्रसाल स्टेडियम में?

मामला मई 2021 का है. अभियोजन के मुताबिक, सागर धनखड़ को कथित तौर पर अगवा करके छत्रसाल स्टेडियम लाया गया था. इसके बाद वहां कई आरोपियों ने उनके साथ बेसबॉल और हॉकी स्टिक से बुरी तरह मारपीट की.

गंभीर रूप से घायल सागर धनखड़ की बाद में मौत हो गई थी. इसी मामले में सुशील कुमार को गिरफ्तार किया गया और उनके खिलाफ हत्या समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा चल रहा है.

अब दिल्ली हाई कोर्ट ने भी नियमित जमानत देने से इनकार कर दिया है. अदालत ने माना कि सुशील कुमार की ओर से ऐसा कोई ठोस बदला हुआ हालात सामने नहीं आया है, जिसके आधार पर उन्हें जमानत दी जा सके.

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न्याय 247 न्यूज़ द्वारा प्रस्तुत

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