दिल्ली कोर्ट में अस्थायी ठहरने से नहीं मिलेगी सुरक्षा
साकेत कोर्ट ने साइबर-धोखाधड़ी के आरोपित को ट्रांजिट अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि अस्थायी रूप से होटल में रुकने के आधार पर दिल्ली की अदालत से सुरक्षा नहीं मांगी जा सकती।

सौजन्य से:- jagran.com
दिल्ली में होटल में थोड़े समय रुकने के आधार पर अदालत से नहीं मांगी जा सकती सुरक्षा, साकेत कोर्ट का फैसला
साकेत कोर्ट ने छत्तीसगढ़ में दर्ज साइबर-धोखाधड़ी के मामले में वांछित आरोपित सुरेंद्र शाह को ट्रांजिट अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा ...और पढ़ें
HighLights
- साकेत कोर्ट ने ट्रांजिट अग्रिम जमानत अर्जी खारिज की।
- आरोपित सुरेंद्र शाह छत्तीसगढ़ के साइबर-धोखाधड़ी में वांछित।
- अस्थायी होटल निवास पर दिल्ली कोर्ट का अधिकार क्षेत्र नहीं।
जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। साकेत कोर्ट ने छत्तीसगढ़ में दर्ज साइबर-धोखाधड़ी के मामले में वांछित आरोपित को ट्रांजिट अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि वह केवल शहर में होटल में थोड़े समय तक रुकने के आधार पर दिल्ली की अदालत से सुरक्षा नहीं मांग सकता।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समर विशाल, सुलेंद्र शाह द्वारा दायर एक अर्जी पर सुनवाई कर रहे थे। शाह ने ट्रांजिट अग्रिम जमानत की मांग की थी ताकि वह छत्तीसगढ़ की अदालत में जा सकें, जहां उनके खिलाफ एफआइआर दर्ज है।
कोर्ट को ट्रांजिट अग्रिम जमानत की अर्जी पर विचार करने का अधिकार नहीं
10 अगस्त के आदेश में अदालत ने कहा कि होटल में अस्थायी रूप से रुकना, बिना किसी ऐसे दस्तावेज के जो उस इलाके में सामान्य निवास, रोजगार, काम-धंधे, पेशे या किसी अन्य वास्तविक संबंध को साबित करे- अकेले इस अदालत को ट्रांजिट अग्रिम जमानत की अर्जी पर विचार करने का अधिकार क्षेत्र (टेरिटोरियल ज्यूरिस्डिक्शन) नहीं देता है।
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