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सोनपुर में राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए जागरूकता शिविर, सुलहनीय मामलों के त्वरित निपटारे की अपील

शिविर का उद्देश्य आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक सुलहनीय मामलों को प्रस्तुत करना और अधिवक्ताओं, पुलिस व न्यायालय कर्मियों से समझौता योग्य मामलों की पहचान कर सूचीबद्ध करने का अनुरोध करना था। अतिरिक्त बेंच के गठन से आपराधिक मामलों का शीघ्र निष्पादन संभव होगा, जिससे कानूनी प्रक्रिया तेज, खर्च कम और पक्षकारों के आपसी संबंध बेहतर रहेंगे।

10 सितंबर 2026 को 01:04 am बजे
सोनपुर में राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए जागरूकता शिविर, सुलहनीय मामलों के त्वरित निपटारे की अपील

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

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राष्ट्रीय लोक अदालत को ले जागरूकता शिविर

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सोनपुर के अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय परिसर में बुधवार को राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर का उद्देश्य आगामी शनिवार को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक सुलहनीय मामलों को भेजना और त्वरित निपटारे के ल

कार्यक्रम का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सारण के अध्यक्ष अनंत कुमार के निर्देश पर किया गया। अध्यक्षता प्राधिकार के सचिव राजीव कुमार ने की। शिविर में अधिवक्ताओं, पुलिस पदाधिकारियों और न्यायालय कर्मियों से अपील की गई कि वे समझौता योग्य मामलों की पहचान कर उन्हें लोक अदालत में सूचीबद्ध कराएं।राजीव कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत आपसी सहमति से विवाद सुलझाने का प्रभावी मंच है। उन्होंने सुलहनीय आपराधिक मामलों, दीवानी विवाद, बैंक ऋण, मोटर दुर्घटना दावा, पारिवारिक और वैवाहिक विवाद, बिजली तथा माप-तौल से जुड़े मामलों को लोक अदालत में लाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि इस बार समझौता योग्य आपराधिक मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए एक अतिरिक्त बेंच का गठन किया गया है।

इससे अधिक मामलों की सुनवाई और तेजी से निपटारा संभव होगा।शिविर में मौजूद न्यायिक पदाधिकारियों ने कहा कि लोक अदालत में निपटारे से लंबी कानूनी प्रक्रिया से राहत मिलती है। पक्षकारों का समय और खर्च कम होता है। सहमति से विवाद खत्म होने पर आपसी संबंध भी बेहतर रहते हैं। लोक अदालत का फैसला अंतिम माना जाता है और सामान्यतः अपील का प्रावधान नहीं होता।

कार्यक्रम में अनुराग मिश्रा, गजाला तंजीम और डॉ. नवल कुमार सिंह सहित न्यायालय से जुड़े अधिकारी, अधिवक्ता और अन्य हितधारक उपस्थित रहे। अंत में सभी से अपील की गई कि अधिक से अधिक सुलहनीय मामलों को शनिवार की राष्ट्रीय लोक अदालत में भेजा जाए।

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