सुप्रीम कोर्ट ने पुष्टि की, सीट बेल्ट अनिवार्यता का कानून पर्याप्त, प्रवर्तन पर है ज़िम्मेदारी
अदालत ने कहा कि वाहन चलाते समय सीट बेल्ट पहनना अनिवार्य करने वाला मौजूदा नियम पर्याप्त है और उसका पालन सुनिश्चित करना कानून लागू करने वाली एजेंसियों का काम है। लापरवाहियों और प्रवर्तन में कमी से सड़क दुर्घटनाओं में चोटें व मौतें बढ़ रही हैं, इसलिए अधिकारियों को कड़ाई से कार्य करना चाहिए। याचिकाकर्ता को अपने सुझाव संबंधित प्राधिकार को भेजने की अनुमति दी गई।

सौजन्य से:- livehindustan.com
सीट बेल्ट अनिवार्यता के लिए कानून पर्याप्त : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वाहन चलाते समय सीट बेल्ट लगाने का कानून पर्याप्त है और इसका पालन सुनिश्चित करना प्रवर्तन एजेंसियों की जिम्मेदारी है। अदालत ने कहा कि लोगों की लापरवाहियों और नियमों के कमजोर क्रियान्वयन से सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ती चोटें और मौतें हो रही हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि वाहन चलाते समय सीट बेल्ट लगाने को अनिवार्य बनाने वाले मौजूदा कानून पर्याप्त हैं और इनका पालन सुनिश्चित करना कानून लागू करने वाली प्रवर्तन एजेंसियों की जिम्मेदारी है। शीर्ष अदालत ने वाहन चालकों के लिए सीट बेल्ट लगाना अनिवार्य करने की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर विचार करते हुए यह टिप्पणी की। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने कहा कि सीट बेल्ट को लेकर कानून बहुत साफ है। सवाल इसके लागू होने का है। हम यह कैसे सुनिश्चित कर सकते हैं कि देश का हर नागरिक और हर चालक इसका पालन करे? पीठ ने कहा कि नियमों का पालन सुनिश्चित करना कानून प्रवर्तन एजेंसियों का काम है।
शीर्ष अदालत ने कहा कि लोगों द्वारा कानून का पालन नहीं करना या कानून लागू करने वाली एजेंसियों का नियमों के उल्लंघन करने वालों के खिलाफ समुचित कार्रवाई नहीं कर पाना, असल में कानून-व्यवस्था बनाए रखने का मामला है। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए याचिकाकर्ता को याचिका की प्रति संबंधित प्राधिकार को भेजने की अनुमति दे दी, ताकि अधिकारी उसके द्वारा दिए गए सुझावों पर विचार कर सकें। पीठ ने याचिकाकर्ता से कहा कि वह इस मामले पर अपने सुझाव भी सक्षम प्राधिकार को भेजे।मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश अधिवक्ता ने पीठ से कहा कि यदि सीट बेल्ट पहनने के नियम का पालन किया जाए, तो सड़क हादसों में होने वाली कई मौतों और चोटों को रोका जा सकता है। अधिवक्ता ने पीठ से कहा कि कानून के बावजूद, फैंसी सीट कवर या अन्य बदलावों की वजह से कई गाड़ियों में सीट बेल्ट काम नहीं करती। याचिकाकर्ता ने पीठ से कहा कि लोगों की लापरवाही और कानून का कमजोर क्रियान्वयन देश भर में सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर चोटों और यहां तक कि मौतों का कारण बनता है।
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