UGC कानून को रद्द करने की मांग पर बड़े ट्रैक्टर मार्च का एलान
तीन दिन तक यूजीसी कानून की वापसी की मांग में धरना जारी रहा, प्रशासन के आश्वासन पर इसे अस्थायी रूप से रोक दिया गया। लेकिन आंदोलनकारियों ने यदि मांग पूरी नहीं हुई तो 18 सितंबर को 5,000 ट्रैक्टर और 50,000 लोगों के साथ कलेक्ट्रेट का घेराव करने की चेतावनी दी है। छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने डीएम से वार्ता कराने की मांग भी की है।

सौजन्य से:- amarujala.com
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यूपी न्यूज: यूजीसी कानून वापसी की मांग, एक बड़ी लड़ाई की हो गई तैयारी; सवर्ण ट्रैक्टर मार्च की हुई घोषणा
Thu, 10 Sep 2026 08:08 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Thu, 10 Sep 2026 08:08 AM IST
सार
यूजीसी कानून वापस लेने की मांग को लेकर तीन दिन से चल रहा धरना प्रशासन के आश्वासन के बाद स्थगित कर दिया गया, लेकिन आंदोलनकारियों ने सरकार पर दबाव बढ़ाने की चेतावनी दी है। छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने डीएम से सरकार से वार्ता कराने की मांग की और कहा कि मांग पूरी नहीं हुई तो 18 सितंबर को 5 हजार ट्रैक्टर और 50 हजार लोगों के साथ कलेक्ट्रेट का घेराव होगा।
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विस्तार
यूजीसी कानून को वापस लेने की मांग को लेकर कुबेरपुर स्थित एक्सप्रेसवे फ्लाईओवर के नीचे सवर्ण समाज एवं सर्व समाज की ओर से चल रहा आंदोलन मंगलवार को प्रशासन के आश्वासन के बाद स्थगित कर दिया गया।
बुधवार को आंदोलनकारियों के छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी मनीष बंसल से मुलाकात कर सरकार से वार्ता कराने की मांग रखी। छह सितंबर को यूजीसी कानून के विरोध में सवर्ण महापंचायत आयोजित की गई थी। बाद में महापंचायत अनिश्चितकालीन धरने में तब्दील हो गई। तीन दिन तक धरना जारी रहा। इस दौरान तहसील और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने आंदोलनकारियों से वार्ता का प्रयास किया, लेकिन सहमति नहीं बन सकी।
मंगलवार को एसडीएम एत्मादपुर सुमित कुमार सिंह सहायक पुलिस आयुक्त देवेश कुमार समेत अन्य अधिकारियों ने धरनास्थल पर पहुंचकर आंदोलनकारियों से वार्ता की। प्रशासन की ओर से पहले जिलाधिकारी और उसके बाद सरकार से वार्ता कराने का आश्वासन दिया गया। इस पर प्रदर्शनकारियों ने सहमति जताते हुए राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर धरना स्थगित कर दिया।
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बुधवार सुबह 11 बजे छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी मनीष बंसल से वार्ता की। प्रतिनिधिमंडल ने यूजीसी कानून वापस लेने के मुद्दे पर सरकार से वार्ता कराने की मांग की। जिलाधिकारी ने सरकार से वार्ता कराने का आश्वासन देते हुए कहा कि सरकार इस मुद्दे को लेकर गंभीर और सजग है।
5 हजार ट्रैक्टर व 50 हजार लोगों से कलेक्ट्रेट का घेराव
प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी कि यदि सरकार से वार्ता नहीं कराई गई और कानून वापस नहीं हुआ तो 18 सितंबर को 5 हजार ट्रैक्टर और 50 हजार लोगों के साथ जिला कलेक्ट्रेट का घेराव किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और राज्य सरकार की होगी। वार्ता में सिस्टम सुधार संगठन (किसान) यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अंशुमन ठाकुर, सिंगर एमएस ठाकुर, रामवीर सिंह जादौन, पवन सिसोदिया, पंडित नागेंद्र उपाध्याय, प्रवीन सिकरवार, टिंकू पुंडीर, दिनेश उपाध्याय और योगेंद्र सिकरवार मौजूद रहे।
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बुधवार को आंदोलनकारियों के छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी मनीष बंसल से मुलाकात कर सरकार से वार्ता कराने की मांग रखी। छह सितंबर को यूजीसी कानून के विरोध में सवर्ण महापंचायत आयोजित की गई थी। बाद में महापंचायत अनिश्चितकालीन धरने में तब्दील हो गई। तीन दिन तक धरना जारी रहा। इस दौरान तहसील और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने आंदोलनकारियों से वार्ता का प्रयास किया, लेकिन सहमति नहीं बन सकी।
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मंगलवार को एसडीएम एत्मादपुर सुमित कुमार सिंह सहायक पुलिस आयुक्त देवेश कुमार समेत अन्य अधिकारियों ने धरनास्थल पर पहुंचकर आंदोलनकारियों से वार्ता की। प्रशासन की ओर से पहले जिलाधिकारी और उसके बाद सरकार से वार्ता कराने का आश्वासन दिया गया। इस पर प्रदर्शनकारियों ने सहमति जताते हुए राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर धरना स्थगित कर दिया।
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बुधवार सुबह 11 बजे छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी मनीष बंसल से वार्ता की। प्रतिनिधिमंडल ने यूजीसी कानून वापस लेने के मुद्दे पर सरकार से वार्ता कराने की मांग की। जिलाधिकारी ने सरकार से वार्ता कराने का आश्वासन देते हुए कहा कि सरकार इस मुद्दे को लेकर गंभीर और सजग है।
5 हजार ट्रैक्टर व 50 हजार लोगों से कलेक्ट्रेट का घेराव
प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी कि यदि सरकार से वार्ता नहीं कराई गई और कानून वापस नहीं हुआ तो 18 सितंबर को 5 हजार ट्रैक्टर और 50 हजार लोगों के साथ जिला कलेक्ट्रेट का घेराव किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और राज्य सरकार की होगी। वार्ता में सिस्टम सुधार संगठन (किसान) यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अंशुमन ठाकुर, सिंगर एमएस ठाकुर, रामवीर सिंह जादौन, पवन सिसोदिया, पंडित नागेंद्र उपाध्याय, प्रवीन सिकरवार, टिंकू पुंडीर, दिनेश उपाध्याय और योगेंद्र सिकरवार मौजूद रहे।
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