सुप्रीम कोर्ट ने कहा: सीट‑बेल्ट नियमों का पालन एजेंसियों की ज़िम्मेदारी
सुप्रीम कोर्ट ने बताया कि वाहन चलाते समय सीट‑बेल्ट पहनना अनिवार्य करने वाले पर्याप्त कानून पहले से मौजूद हैं और उनका कार्यान्वयन कानून‑प्रवर्तन एजेंसियों पर है। केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989 के धारा 138(3) को उल्लेखित करते हुए न्यायालय ने याचिकाकर्ता से अपने सुझाव सक्षम प्राधिकरण को भेजने को कहा।

सौजन्य से:- Jagran
'कानून का पालन कराना एजेंसियों की जिम्मेदारी', सीट बेल्ट कानून पर सुप्रीम कोर्ट की फटकार
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वाहन चलाते समय सीट बेल्ट पहनने के लिए पर्याप्त कानून मौजूद हैं और इसका पालन ...और पढ़ें
HighLights
- सीट बेल्ट के लिए पर्याप्त कानून पहले से मौजूद हैं।
- कानून का पालन सुनिश्चित करना एजेंसियों का काम है।
- याचिकाकर्ता सुझाव सक्षम प्राधिकरण को भेजें।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि वाहन चलाते समय सीट बेल्ट पहनने के लिए पर्याप्त कानून मौजूद हैं और यह इंफोर्समेंट एजेंसियों की जिम्मेदारी है कि वे इस कानून का पालन सुनिश्चित करें।
यह टिप्पणी CJI सूर्यकांत, न्यायाधीश जोयमाल्या बागची और वी मोहन की पीठ ने की, जो वाहनों में सीट बेल्ट पहनने के लिए अनिवार्य दिशा-निर्देशों की मांग करने वाली याचिका की सुनवाई कर रही थी।
याचिकाकर्ता के वकील ने पीठ को बताया कि सड़क दुर्घटनाओं के कारण होने वाली कई मौतें और चोटें रोकी जा सकती हैं यदि सीट बेल्ट पहनने से जुड़ा कानून सख्ती से लागू किया जाए। उन्होंने बताया कि कानून के बावजूद कई वाहनों में सीट बेल्ट काम नहीं करती, इसकी वजह फैंसी सीट कवर या वाहनों में किए गए अन्य बदलाव होते हैं।
पीठ ने कहा- "सीट बेल्ट के संबंध में कानून बहुत स्पष्ट है। सवाल इसके क्रियान्वयन का है। हम यह कैसे सुनिश्चित कर सकते हैं कि इस देश का हर नागरिक और हर चालक इसका पालन करे?" अदालत ने स्पष्ट कहा कि कानून का पालन सुनिश्चित करना कानून प्रवर्तन एजेंसियों का काम है।
केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 138(3) का उल्लेख करते हुए पीठ ने कहा कि इसके अनुसार चालक, आगे की सीट पर बैठे व्यक्ति या पीछे की सीटों पर सामने की ओर मुंह किए बैठे व्यक्तियों को वाहन चलते समय सीट बेल्ट पहनना जरूरी है।
याचिकाकर्ता के वकील ने तर्क किया कि लोगों की लापरवाही और कानून के कमजोर प्रवर्तन के कारण देशभर में सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर चोटें और यहां तक कि मौतें होती हैं।
कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि सड़क सुरक्षा उपायों, जिसमें वाहन चलाते समय सीट बेल्ट पहनना भी शामिल हैं, के संबंध में पर्याप्त कानून मौजूद हैं। याचिका को निपटाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा कि वह इस मुद्दे पर अपने सुझावों को सक्षम प्राधिकरण को भेजे और उन पर विचार करने के लिए कहे।
(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
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