सेट‑बेल्ट उपयोग को अनिवार्य बनाना, सुप्रीम कोर्ट ने प्रवर्तन एजेंसियों पर जिम्मेदारी थोपी
सुप्रीम कोर्ट ने बताया कि गाड़ी चलाते समय सीट बेल्ट पहनना अनिवार्य बनाने वाले पर्याप्त कानून मौजूद हैं और उनका पालन सुनिश्चित करना कानून‑प्रवर्तन एजेंसियों का कर्तव्य है। बेंच ने याचिकाकर्ता को सुझाव संबंधित प्राधिकरण को भेजने को कहा तथा बताया कि नियमों की लापरवाही सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर चोटों और मौतों का कारण बनती है।

सौजन्य से:- Navbharat Times
Supreme Court News: सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा कि गाड़ी चलाते समय सीट बेल्ट कानून का पालन सुनिश्चित करना विधि प्रवर्तन एजेंसियों की जिम्मेदारी है। सीजेआई के नेतृत्व वाली बेंच ने मामले पर क्या कुछ कहा जानिए।
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि गाड़ी चलाते समय सीट बेल्ट लगाने को अनिवार्य बनाने वाले पर्याप्त कानून मौजूद हैं और इनका पालन सुनिश्चित करना लॉ एंफोर्समेंट एजेंसियों की जिम्मेदारी है। मुख्य न्यायाधीश सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने यह टिप्पणी की। बेंच गाड़ी चलाते समय सीट बेल्ट पहनना अनिवार्य करने के निर्देश दिए जाने संबंधी याचिका पर सुनवाई कर रही थी।
याचिकाकर्ता के वकील ने क्या कहा
याचिकाकर्ता के वकील ने पीठ से कहा कि अगर सीट बेल्ट पहनने के नियम का पालन किया जाए, तो सड़क हादसों में होने वाली कई मौतों और चोटों को रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि कानून के बावजूद, फैंसी सीट कवर या अन्य बदलावों की वजह से कई गाड़ियों में सीट बेल्ट काम नहीं करती। पीठ ने कहा कि सीट बेल्ट को लेकर कानून बहुत साफ है। सवाल इसके लागू होने का है। हम यह कैसे सुनिश्चित कर सकते हैं कि देश का हर नागरिक और हर ड्राइव इसका पालन करे?
शीर्ष अदालत ने कह दी बड़ी बात
शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ता से कहा कि वह इस मामले पर अपने सुझाव सक्षम प्राधिकार को भेजे। उन्होंने कहा कि नियमों का पालन सुनिश्चित करना कानून प्रवर्तन एजेंसियों का काम है। याचिकाकर्ता के वकील ने तर्क दिया कि लोगों की लापरवाही और कानून का कमजोर क्रियान्वयन देश भर में सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर चोटों और यहां तक कि मौतों का कारण बनता है।
'गाड़ी चलाते समय सीट बेल्ट लगाने के लिए पर्याप्त कानून'
पीठ ने कहा कि गाड़ी चलाते समय सीट बेल्ट लगाने सहित सड़क सुरक्षा उपायों से जुड़े पर्याप्त कानून मौजूद हैं। इसने कहा कि लोगों द्वारा कानून का पालन न करना या कानून लागू करने वाली एजेंसियों का नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई न कर पाना, असल में कानून-व्यवस्था बनाए रखने का मामला है। पीठ ने याचिका का निपटारा करते हुए याचिकाकर्ता को याचिका की प्रति संबंधित प्राधिकार को भेजने की अनुमति दे दी, ताकि अधिकारी उसके द्वारा दिए गए सुझावों पर विचार कर सकें।
लेखक के बारे मेंरुचिर शुक्लारुचिर शुक्ला, नवभारत टाइम्स (डिजिटल) में असिस्टेंट न्यूज एडिटर हैं। फरवरी 2020 से नवभारत टाइम्स ऑनलाइन से जुड़े हैं। वह होमपेज टीम के सदस्य हैं। शिफ्ट देखने के साथ न्यूज स्टोरी लिखने और संपादन की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। खबरों के अलग-अलग एंगल से डेवलप करने में माहिर है। करियर की शुरुआत 2011 में न्यूज एजेंसी से की, इस दौरान डेस्क के साथ-साथ रिपोर्टिंग में भी हाथ आजमाया। कई अहम खबरों को ब्रेक किया। राजनीतिक, सामाजिक, क्राइम, पॉजिटिव न्यूज में विशेषज्ञता रखते हैं। न्यूज एजेंसी से शुरुआत के बाद टीवी फिर डिजिटल न्यूज टीम का हिस्सा बने। करीब 13 साल से डिजिटल मीडिया में कार्यरत हैं।
विशेषज्ञता : रुचिर शुक्ला की पॉलिटिकल खबरों में खास रुचि है। ब्रेकिंग पर नजर रहती है। बड़ी खबरों से जुड़ी इनसाइड स्टोरी, एनालिसिस में भी महारत रखते हैं। क्राइम, पॉजिटिव, सक्सेस स्टोरी के साथ ग्लोबल पॉलिटिकल मुद्दों पर भी निगाहें रहती हैं।
पत्रकारिता का अनुभव : रुचिर शुक्ला ने 2011 में News Point न्यूज एजेंसी से करियर की शुरुआत की, जहां डेस्क के साथ रिपोर्टिंग में हाथ आजमाया। इस दौरान बीजेपी और कांग्रेस बीट को कवर किया। कई खबरें ब्रेक की। इस दौरान पंजाब पुलिस से जुड़ी एक डॉक्यूमेंट्री में भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की। 2012 में मैजिक टीवी न्यूज चैनल से जुड़े। 2013 में इंडिया न्यूज के बिहार-झारखंड चैनल से जुड़े। अप्रैल 2014 में अमर उजाला डिजिटल से जुड़े। इस दौरान होम टीम में कई अहम जिम्मेदारी संभाली। करीब ढाई साल तक अमर उजाला डिजिटल में रहने के बाद अगस्त 2016 में वनइंडिया हिंदी से जुड़े। यहां उन्होंने होम टीम और शिफ्ट की जिम्मेदारी संभाली। इस दौरान यूपी असेंबली इलेक्शन 2017 को लेकर अहम जिम्मेदारी मिली। वनइंडिया हिंदी में रहते हुए लोकसभा चुनाव 2019 कवर किया। जिसमें कई खास विश्लेषण और स्पेशल स्टोरी की। इसके बाद 2011 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में भी खास रोल निभाया। फरवरी 2020 में नवभारत टाइम्स ऑनलाइन से जुड़ने के बाद कई अहम जिम्मेदारियों को संभाला। फिलहाल रुचिर होम पेज और शिफ्ट की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। रुचिर शुक्ला ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से हिंदी ऑनर्स में ग्रेजुएशन किया है।... और पढ़ें
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