नैनीताल हाईकोर्ट में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन
उत्तराखंड उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति 12 सितंबर को नैनीताल हाईकोर्ट परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित करेगी, जहाँ दीवानी‑आपराधिक, बैंक ऋण, श्रम, यूटिलिटी बिल, पारिवारिक, भूमि और मोटर दुर्घटना जैसे विभिन्न लंबित विवादों का निपटारा होगा। पक्षकार शारीरिक रूप से न आ पाएं तो हाईकोर्ट की वेबसाइट के लिंक से वर्चुअल रूप में भाग ले सकते हैं, जिससे समय‑धन की बचत और समझौते के आधार पर कोर्ट फीस की वापसी भी संभव होगी।

सौजन्य से:- Hindustan
हाईकोर्ट परिसर में 12 सितंबर को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत
उत्तराखंड उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति 12 सितंबर को नैनीताल हाईकोर्ट परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन करेगी, जिसमें लंबित मामलों का समाधान होगा। इसमें दीवानी और आपराधिक मामलों सहित कई प्रकार के विवादों का निस्तारण किया जाएगा। आभासी भागीदारी का विकल्प भी उपलब्ध होगा।
नैनीताल, संवाददाता। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों के तहत उत्तराखंड उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति की ओर से 12 सितंबर को नैनीताल हाईकोर्ट परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। जिसमें आपसी समझौते और सुलह के माध्यम से लंबित मामलों का निस्तारण किया जाएगा। ये जानकारी बुधवार को उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति नैनीताल की सचिव नेहा कुशवाहा ने प्रेस वार्ता कर दी।उन्होंने बताया, कि लोक अदालत में दीवानी और शमनीय आपराधिक मामलों के साथ ही चेक बाउंस से जुड़े परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के मामले, बैंक ऋण एवं वित्तीय विवाद, श्रम एवं रोजगार संबंधी मामले, बिजली-पानी के बिलों से जुड़े विवाद, पारिवारिक एवं वैवाहिक विवाद व भूमि अधिग्रहण, प्रतिकर, किराया, इंजंक्शन वाद और मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण से संबंधित मामलों को निस्तारण के लिए रखा जाएगा।
इसके अलावा आपसी समझौते से सुलझाए जा सकने वाले अन्य दीवानी मामलों का भी निस्तारण किया जाएगा। लोक अदालत के माध्यम से मामलों का त्वरित समाधान होने के साथ पक्षकारों के समय और धन की बचत होगी। समझौते के आधार पर मामलों का निस्तारण होने पर कोर्ट फीस की वापसी का भी प्रावधान है। वहीं, आपसी सहमति से विवाद समाप्त होने के कारण पक्षकारों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने बताया, कि जो पक्षकार या अधिवक्ता शारीरिक रूप से उपस्थित होने में असमर्थ हैं, वे हाईकोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध लिंक के माध्यम से वर्चुअल रूप से भी लोक अदालत की कार्यवाही में शामिल हो सकेंगे। उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति ने वादकारियों और अधिवक्ताओं से अपील की है, कि वे अपने मामलों को राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारित कराने के लिए 11 सितंबर या उससे पहले संबंधित पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करा लें। अधिक जानकारी के लिए उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति के कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है। समिति का दूरभाष नंबर 9412979696 और ईमेल hclsc-hc@uk.gov.in है।
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