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विशेष लोक अदालत में एनआई एक्ट व धारा 138 के मामलों के निपटारे पर जोर

जिला न्यायालय परिसर में आयोजित बैठक में एनआई एक्ट की धारा 138 के तहत आने वाले चेक बाउंस के मामलों और अन्य राजीनामा योग्य प्रकरणों को आपसी सहमति से निपटाने के लिए रणनीति तैयार की गई।

5 जुलाई 2026 को 12:24 am बजे
विशेष लोक अदालत में एनआई एक्ट व धारा 138 के मामलों के निपटारे पर जोर

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

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विशेष लोक अदालत, समाधान समारोह को लेकर बैठक, एनआई एक्ट व धारा 138 के मामलों के निपटारे पर जोर

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भास्कर न्यूज | प्रतापगढ़

अदालतों में लंबे समय से लंबित मुकदमों के त्वरित निपटारे और आमजन को राहत देने के उद्देश्य से आगामी 18 जुलाई को विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन को सफल बनाने तथा राजस्थान उच्च न्यायालय के ''समाधान समारोह अभियान'' व ''मीडिएशन 2.0'' के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला न्यायालय परिसर में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष और जिला व सेशन न्यायाधीश आशा कुमारी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जिले के सभी न्यायिक अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में मुख्य रूप से एनआई एक्ट की धारा 138 के तहत आने वाले चेक बाउंस के मामलों और अन्य राजीनामा योग्य प्रकरणों को आपसी सहमति से निपटाने के लिए रणनीति तैयार की गई। इसका मुख्य उद्देश्य पक्षकारों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से मुक्ति दिलाना और मामलों का मौके पर ही शांतिपूर्ण समाधान निकालना है। बैठक में चेक बाउंस (एनआई एक्ट की धारा 138) से जुड़े मामलों के अधिकाधिक निस्तारण पर विस्तृत चर्चा हुई। प्राधिकरण अध्यक्ष आशा कुमारी ने मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि एनआई एक्ट के तहत पात्र लंबित मामलों की पहचान कर तुरंत सूची बनाई जाए और संबंधित पक्षों को समय पर नोटिस जारी किए जाएं। नोडल अधिकारी और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के माध्यम से सभी बैंकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने से संबंधित मामलों को जल्द से जल्द अदालत में प्रस्तुत करें ताकि समय रहते पक्षकारों को समझाइश के लिए बुलाया जा सके।

समाधान समारोह अभियान और मध्यस्थता से होगा मुकदमों का सौहार्दपूर्ण अंत : बैठक के दौरान राजस्थान उच्च न्यायालय के समाधान समारोह अभियान के तहत पेंडिंग मुकदमों को सुलझाने के लिए जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए। इसके तहत अदालतों में मौजूद प्रशिक्षित मध्यस्थों की मदद ली जाएगी। पीठासीन अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे अदालतों में आने वाले पक्षकारों को समझाइश करें और संबंधित वकीलों के माध्यम से उन्हें मध्यस्थता योजना के लाभों के बारे में जागरूक करें।

बैठक में सुंदर लाल खारोल सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सुरेशचंद्र बंसल न्यायाधीश एनडीपीएस न्यायालय, महेंद्र कुमार दवे न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय, वैभव कुमार टेलर न्यायाधीश अजा/अजजा न्यायालय, विशेष लोक अदालत की नोडल अधिकारी दीप्ति स्वामी (मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट), संयोगिता अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, तन्वी गोस्वामी सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट और तुषार शर्मा न्यायाधीश ग्राम न्यायालय मौजूद रहे।

भास्कर नॉलेज: क्या है एनआई एक्ट की धारा 138? : नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत चेक बाउंस होना एक दंडनीय अपराध है।

जब कोई व्यक्ति किसी कर्ज या देनदारी को चुकाने के लिए चेक जारी करता है और वह बैंक में खाते में पर्याप्त पैसे न होने या अन्य तकनीकी कारणों से रुक जाता है (बाउंस हो जाता है), तो पीड़ित पक्ष अदालत में केस दर्ज करा सकता है।

लोक अदालत के माध्यम से इन मामलों को आपसी समझौते और लेन-देन की शर्तों को तय कर आसानी से सुलझाया जाता है।

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