शोले से सख्ती: बघाट बैंक ने 186 डिफॉल्टरों के नाम अदालत में भेजे, गिरफ्तारी वारंट जल्दी जारी होंगे
बघाट अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक में जिन लोगों ने लोन का पैसा नहीं चुकाया, उन 186 नामों को अदालत में भेज दिया गया है। अदालत से अब गिरफ्तारी वारंट जारी किए जाएंगे।

सौजन्य से:- Amar Ujala
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Solan News: बघाट बैंक प्रबंधन सख्त, 186 डिफॉल्टरों के नाम अदालत में भेजे
Sat, 04 Jul 2026 11:28 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Sat, 04 Jul 2026 11:28 PM IST
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एआरसीएस की अदालत से जारी होंगे इनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट
79 करोड़ रुपये दबाकर बैठे डिफाल्टर, नोटिस का जवाब भी नहीं देते
अब 102 करोड़ रुपये से पहुंचा 119 करोड़ रुपये एनपीए, मुश्किलें बढ़ी
सोमदत्त शर्मा
सोलन। बघाट अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक में लंबे समय से लोन का पैसा न चुकाने वालों पर बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में है। इसमें बैंक ने कुल 186 डिफाल्टरों के नाम समन तैयार कर सहायक पंजीयक की अदालत में भेज दिए हैं। अदालत से इन डिफाल्टरों को गिरफ्तारी वारंट जारी किए जाएंगे। जिसके बाद पुलिस इनकी गिरफ्तारी करेगी। इसमें सोलन, शिमला, नाहन, ऊना समेत अन्य जिलों के डिफाल्टरों के नाम शामिल हैं। पहली बार बैंक प्रबंधकों ने इतनी लंबी लिस्ट अदालत में भेजी है। हालांकि इससे पहली भी गिरफ्तारी वारंट जारी हुए थे, मगर उसमें 10 से 15 डिफाल्टरों के नाम शामिल होते थे, जबकि इस बार 186 डिफाल्टरों के नाम अदालत में भेज दिए गए हैं।
मौजूदा समय में बैंक के 75 हजार से ज्यादा ग्राहकों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं क्योंकि भारतीय रिजर्व बैंक ने बघाट बैंक की कैपिंग तीन माह और बढ़ा दी है। 8 अक्तूबर तक यह कैपिंग बढ़ाई गई है। वहीं 8 अक्तूबर को बैंक में कैपिंग लगे हुए एक साल का समय हो जाएगा। एक साल से बैंक के ज्यादातर ग्राहकों को केवल 10 हजार रुपये ही मिल पाए हैं। जबकि लाखों रुपये ग्राहकों के बैंक में फंसे हुए हैं।
इनसेट
79 करोड़ रुपये की जानी है वसूली
बघाट बैंक की ओर से इन डिफाल्टरों से करीब 79 करोड़ रुपये की वसूली की जानी है। इसमें सबसे बड़े डिफाल्टर के पास करीब 11 करोड़ रुपये की राशि फंसी हुई है, जबकि 15 से 20 ऐसे डिफाल्टर हैं, जो एक करोड़ से ज्यादा हैं। अब इन डिफाल्टरों की गिरफ्तारी के आदेश होने से शायद यह कुछ राशि जमा करवाएं तो बैंक की वित्तीय स्थिति बेहतर हो सकती है। हालांकि अभी बैंक का लोन वापस न होने से बैंक प्रबंधक भी परेशान हैं।
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इनसेट
बघाट बैंक की बीडीओ कर दी है सस्पेंड
बघाट बैंक सोलन पर राज्य सरकार ने बीते दिनों बड़ी कार्रवाई करते हुए बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स (बीओडी) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। इसके साथ ही बैंक के प्रबंधन को संभालने के लिए तीन सरकारी प्रशासकों की नियुक्ति कर दी गई। रजिस्ट्रार सहकारी समितियां की ओर से बोर्ड को कारण बताओ नोटिस जारी कर 30 दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है। इसी के बाद बाद यह कार्रवाई बैंक की ओर से अब की जा रही है।
इनसेट
एनपीए में वृद्धि ने बढ़ाई मुश्किलें
बघाट बैंक के लिए यह स्थिति चिंताजनक है, क्योंकि डिफाल्टरों द्वारा रोकी गई राशि के कारण बैंक का एनपीए लगातार बढ़ रहा है। जो राशि पहले 102 करोड़ रुपये तक पहुंच गई थी, वदी अब बढ़कर 119 करोड़ रुपये हो गई है। इसका कारण डिफाल्टरों की ओर से लोन की राशि न चुकाना है। वहीं अब कई डिफाल्टरों ने बैंक की ओर से भेजे गए नोटिसों का जवाब भी नहीं दिया है।
इनसेट
बघाट बैंक की ओर से करीब 186 डिफाल्टरों के समन तैयार कर एआरसीएस की अदालत में भेज दिए गए हैं। जहां से इनके गिरफ्तारी के वारंट जारी होंगे। बैंक अब सख्ती से निपटेगा। जो डिफाल्टर पैसे नहीं दे रहा है, उस पर नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। - राजकुमार कश्यप, प्रबंध निदेशक, बघाट बैंक
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एआरसीएस की अदालत से जारी होंगे इनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट
79 करोड़ रुपये दबाकर बैठे डिफाल्टर, नोटिस का जवाब भी नहीं देते
अब 102 करोड़ रुपये से पहुंचा 119 करोड़ रुपये एनपीए, मुश्किलें बढ़ी
सोमदत्त शर्मा
सोलन। बघाट अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक में लंबे समय से लोन का पैसा न चुकाने वालों पर बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में है। इसमें बैंक ने कुल 186 डिफाल्टरों के नाम समन तैयार कर सहायक पंजीयक की अदालत में भेज दिए हैं। अदालत से इन डिफाल्टरों को गिरफ्तारी वारंट जारी किए जाएंगे। जिसके बाद पुलिस इनकी गिरफ्तारी करेगी। इसमें सोलन, शिमला, नाहन, ऊना समेत अन्य जिलों के डिफाल्टरों के नाम शामिल हैं। पहली बार बैंक प्रबंधकों ने इतनी लंबी लिस्ट अदालत में भेजी है। हालांकि इससे पहली भी गिरफ्तारी वारंट जारी हुए थे, मगर उसमें 10 से 15 डिफाल्टरों के नाम शामिल होते थे, जबकि इस बार 186 डिफाल्टरों के नाम अदालत में भेज दिए गए हैं।
मौजूदा समय में बैंक के 75 हजार से ज्यादा ग्राहकों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं क्योंकि भारतीय रिजर्व बैंक ने बघाट बैंक की कैपिंग तीन माह और बढ़ा दी है। 8 अक्तूबर तक यह कैपिंग बढ़ाई गई है। वहीं 8 अक्तूबर को बैंक में कैपिंग लगे हुए एक साल का समय हो जाएगा। एक साल से बैंक के ज्यादातर ग्राहकों को केवल 10 हजार रुपये ही मिल पाए हैं। जबकि लाखों रुपये ग्राहकों के बैंक में फंसे हुए हैं।
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79 करोड़ रुपये की जानी है वसूली
बघाट बैंक की ओर से इन डिफाल्टरों से करीब 79 करोड़ रुपये की वसूली की जानी है। इसमें सबसे बड़े डिफाल्टर के पास करीब 11 करोड़ रुपये की राशि फंसी हुई है, जबकि 15 से 20 ऐसे डिफाल्टर हैं, जो एक करोड़ से ज्यादा हैं। अब इन डिफाल्टरों की गिरफ्तारी के आदेश होने से शायद यह कुछ राशि जमा करवाएं तो बैंक की वित्तीय स्थिति बेहतर हो सकती है। हालांकि अभी बैंक का लोन वापस न होने से बैंक प्रबंधक भी परेशान हैं।
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बघाट बैंक की बीडीओ कर दी है सस्पेंड
बघाट बैंक सोलन पर राज्य सरकार ने बीते दिनों बड़ी कार्रवाई करते हुए बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स (बीओडी) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। इसके साथ ही बैंक के प्रबंधन को संभालने के लिए तीन सरकारी प्रशासकों की नियुक्ति कर दी गई। रजिस्ट्रार सहकारी समितियां की ओर से बोर्ड को कारण बताओ नोटिस जारी कर 30 दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है। इसी के बाद बाद यह कार्रवाई बैंक की ओर से अब की जा रही है।
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एनपीए में वृद्धि ने बढ़ाई मुश्किलें
बघाट बैंक के लिए यह स्थिति चिंताजनक है, क्योंकि डिफाल्टरों द्वारा रोकी गई राशि के कारण बैंक का एनपीए लगातार बढ़ रहा है। जो राशि पहले 102 करोड़ रुपये तक पहुंच गई थी, वदी अब बढ़कर 119 करोड़ रुपये हो गई है। इसका कारण डिफाल्टरों की ओर से लोन की राशि न चुकाना है। वहीं अब कई डिफाल्टरों ने बैंक की ओर से भेजे गए नोटिसों का जवाब भी नहीं दिया है।
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बघाट बैंक की ओर से करीब 186 डिफाल्टरों के समन तैयार कर एआरसीएस की अदालत में भेज दिए गए हैं। जहां से इनके गिरफ्तारी के वारंट जारी होंगे। बैंक अब सख्ती से निपटेगा। जो डिफाल्टर पैसे नहीं दे रहा है, उस पर नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। - राजकुमार कश्यप, प्रबंध निदेशक, बघाट बैंक
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