सुप्रीम कोर्ट में संघर्ष: आरसीए ने हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी, चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग
राजस्थान क्रिकेट संघ ने उच्च न्यायलय के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक विशेष अनुरोध याचिका दायर की है। उच्च न्यायलय ने रजिस्ट्रार को चुनाव कार्यक्रम घोषित करने की जिम्मेदारी सौंपी है।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ RCA ने सुप्रीम कोर्ट में SLP दायर की, चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाने की कोशिश
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हाईकोर्ट की डबल बेंच ने राजस्थान क्रिकेट संघ को 1 जुलाई को निलंबित कर राजस्थान क्रिकेट संघ के चुनाव कराने के लिए भास्कर ए. सावंत को प्रशासक नियुक्त किया है। हाईकोर्ट ने इसके लिए रजिस्ट्रार को 29 जुलाई तक जवाब देने के लिए भी कहा है। इसमें नोटिस के बाद
हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद राजस्थान क्रिकेट संघ सुप्रीम कोर्ट चला गया है। राजस्थान क्रिकेट संघ की ओर से सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायक की गई है। सूत्रों के अनुसार, इसमें कहा गया है कि हाईकोर्ट ने बिना सुने ही आरसीए एडहॉक को निलंबित कर दिया। यह एसएलपी अभी पेंडिंग दिखा रही है। इस बीच मेघा गौड़ की ओर से एक कैविएट भी दाखिल की गई है। इसका मतलब साफ है उन्हें भी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई का मौका दिया जाएगा। आरसीए की ओर से दाखिल एसएलपी में राजीव प्रताप सिंह राठौड़, बीसीसीआई, स्टेट अॉफ राजस्थान और रजिस्ट्रार कोअॉपरेटिव सोसायटी को पार्टी बनाया गया है।
हाईकोर्ट ने तो दो साल से ज्यादा समय से आरसीए के चुनाव नहीं हो रहे, इस पर रजिस्ट्रार को जिम्मेदार ठहराते हुए प्रशासक की नियुक्ति की है और उन्हें चुनाव कार्यक्रम घोषित करने की जिम्मेदारी सौंपी है। फिर आरसीए ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी क्यों लगाई। क्या आरसीए वाकई में चुनाव कराने के पक्ष में नहीं है। अगर है तो फिर प्रशासक को जो जिम्मेदारी हाईकोर्ट ने दी है, उसके खिलाफ आरसीए को सुप्रीम कोर्ट जाने की क्या जरूरत थी।
-राजीव प्रताप सिंह राठौड़, पूर्व कप्तान, राजस्थान रणजी टीम
मेघा गौड़ की ओर से दाखिल की गई कैविएट, आरसीए चुनाव का मामला
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