राजू सिंह की विधानसभा सदस्यता खत्म, साहेबगंज में उपचुनाव की तैयारी!
भाजपा विधायक राजू सिंह को हर्ष फायरिंग मामले में 4 साल की सजा मिलने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द हो गई है। अब साहेबगंज में उपचुनाव होगा।

सौजन्य से:- Jagran
BJP विधायक राजू सिंह की विधानसभा सदस्यता खत्म, इस कानून के तहत गई कुर्सी; अब साहेबगंज में होगा उपचुनाव
Representation Of The People Act: भाजपा विधायक राजू सिंह को हर्ष फायरिंग मामले में 4 साल की सजा मिलने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द हो गई है। जनप् ...और पढ़ें
समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, मुजफ्फरपुर। Raju Singh Disqualification: दिल्ली स्थित राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा वर्ष 2018 के बहुचर्चित हर्ष फायरिंग मामले में बिहार के साहेबगंज (मुजफ्फरपुर) से भाजपा विधायक डॉ. राजू कुमार सिंह को 4 साल की सजा सुनाए जाने के बाद सूबे की सियासत गरमा गई है।
इस अदालती फैसले के साथ ही राजू सिंह की विधानसभा सदस्यता भी तकनीकी और कानूनी रूप से समाप्त हो गई है। ऐसे में हर किसी के जेहन में यह सवाल है कि उनकी सदस्यता किस कानून के तहत गई है?
साहेबगंज सीट कब से खाली मानी जाएगी और अब आगे की कानूनी व चुनावी प्रक्रिया क्या होगी? आइए इन सभी तकनीकी पहलुओं को विस्तार से समझते हैं।
तत्काल प्रभाव से खाली हुई साहेबगंज सीट
अदालती फैसला आते ही साहेबगंज विधानसभा सीट उसी तिथि यानी 04 जुलाई 2026 से खाली मानी जाएगी। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के कड़े प्रावधानों के मुताबिक, जैसे ही अदालत का अंतिम फैसला आता है, संबंधित विधायक की सदस्यता उसी क्षण (तत्काल प्रभाव) से समाप्त हो जाती है। विधानसभा के रिकॉर्ड में भी सीट खाली होने की प्रभावी तारीख सजा सुनाए जाने का दिन ही दर्ज की जाती है।
इस कड़े कानून के तहत गई विधायकी
राजू सिंह की सदस्यता 'जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951' (Representation of the People Act, 1951) की धारा 8(3) के तहत गई है। इस कानून के निम्न प्रावधान हैं:
यदि किसी भी सांसद या विधायक को किसी आपराधिक मामले में 2 वर्ष या उससे अधिक की सजा सुनाई जाती है, तो वह दोषी ठहराए जाने की तारीख से ही सदन का सदस्य होने के लिए अयोग्य हो जाता है।
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चुनावी प्रतिबंध: इस कानून के तहत राजू सिंह न केवल वर्तमान में अयोग्य हुए हैं, बल्कि वह अपनी 4 साल की सजा काटने के बाद भी अगले 6 वर्षों तक कोई भी चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। यानी उनके चुनावी करियर पर एक लंबा ब्रेक लग गया है।
'लिली थॉमस' फैसले से बदला नियम
अक्सर यह भ्रम रहता है कि कोर्ट से सजा मिलने के बाद ऊपरी अदालत में अपील के लिए कुछ दिनों का समय मिलता है, लेकिन अब ऐसा नहीं है। सदस्यता जाने में अब एक भी दिन का वक्त नहीं लगता।
दरअसल, पहले कानून में सजा के बाद अपील के लिए 3 महीने की मोहलत मिलती था।
लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2013 में 'लिली थॉमस बनाम भारत संघ' के ऐतिहासिक मामले में फैसला सुनाते हुए इस रियायत को असंवैधानिक घोषित कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा आदेशानुसार, निचली अदालत द्वारा सजा घोषित होते ही सदस्यता तुरंत समाप्त हो जाती है।
क्या है विधानसभा सचिवालय की प्रक्रिया
राजू सिंह की सदस्यता खत्म होने के बाद अब प्रशासनिक और विधायी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है:
- कोर्ट ऑर्डर की प्रति: सबसे पहले नई दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट के फैसले और सजा के आदेश की प्रमाणित कॉपी आधिकारिक तौर पर बिहार विधानसभा सचिवालय को भेजी जाएगी।
- अधिसूचना : कोर्ट ऑर्डर की कॉपी मिलते ही बिहार विधानसभा सचिवालय त्वरित कार्रवाई करता है। आमतौर पर आदेश मिलने के 2 से 7 दिनों के भीतर सचिवालय की ओर से राजू सिंह की सदस्यता समाप्त करने और साहेबगंज सीट को 'रिक्त' (Vacant) घोषित करने का गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा।
- चुनाव आयोग को रिपोर्ट: विधानसभा सचिवालय इस अधिसूचना की एक प्रति तुरंत भारतीय चुनाव आयोग (Election Commission of India) को भेजता है, ताकि वहां अगली प्रक्रिया शुरू हो सके।
साहेबगंज में उपचुनाव की तैयारी
साहेबगंज विधानसभा सीट खाली होने के बाद अब वहां लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बहाल करने के लिए निर्वाचन आयोग कदम उठाएगा।
- 6 महीने में चुनाव अनिवार्य: नियमानुसार, यदि किसी विधानसभा सीट के सामान्य कार्यकाल में 1 वर्ष से अधिक का समय बचा हो, तो सीट रिक्त होने की तिथि से अगले 6 महीने के भीतर वहां उपचुनाव (By-Election) कराना अनिवार्य होता है।
- प्रशासन के हाथ में कमान: चुनाव आयोग जल्द ही साहेबगंज क्षेत्र में उपचुनाव की तारीखों का ऐलान करेगा। जब तक नया जनप्रतिनिधि नहीं चुन लिया जाता, तब तक इस क्षेत्र में विकास कार्यों और प्रशासनिक व्यवस्था की सीधी जिम्मेदारी स्थानीय जिला प्रशासन और राज्य सरकार की देखरेख में रहेगी।
यह भी पढ़ें- हर्ष फायरिंग मामला: बीजेपी विधायक राजू सिंह को 4 साल की सजा, विधानसभा सदस्यता भी जाएगी
Rouse Avenue Court in Delhi sentenced Bihar MLA Raju Kumar Singh to 4-year imprisonment in a case of death due to celebratory firing during the new year party on December 31, 2018.
— ANI (@ANI) July 4, 2026
The court has also directed to pay a compensation of Rs. 25 lakh to the husband of deceased.
He…
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