सिरमौर में शराब तस्करी मामले में दोषी ठहराए गए व्यक्ति की अपील खारिज
जिला एवं सत्र न्यायालय ने अवैध शराब तस्करी के मामले में दोषी ठहराए गए तहसील माजरा निवासी की आपराधिक अपील खारिज कर दी है। अदालत ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की सुनाई गई छह माह के कारावास और दो हजार रुपये जुर्माने की सजा को सही ठहराया है।

सौजन्य से:- Amar Ujala
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Sirmour News: अदालत
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शराब के साथ पकड़े आरोपी की अपील
खारिज, छह माह की सजा बरकरार
22 अगस्त 2020 को नाहन क्षेत्र का मामला, पुलिस ने आरोपी से 216 बोतलें शराब की बरामद करने का किया था दावा
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने 1 नवंबर 2025 को निचली अदालत के फैसले को ठहराया सही
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। जिला एवं सत्र न्यायालय ने अवैध शराब तस्करी के मामले में दोषी ठहराए गए तहसील माजरा निवासी गुरमीत सिंह की आपराधिक अपील खारिज कर दी है। अदालत ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) की सुनाई गई छह माह के कारावास और दो हजार रुपये जुर्माने की सजा को सही ठहराया है।
यह मामला 22 अगस्त 2020 को नाहन थाना क्षेत्र का है। पुलिस टीम ने नाकाबंदी के दौरान एक बोलेरो वाहन को रोककर तलाशी ली थी। वाहन से देसी और अंग्रेजी की 216 बोतल शराब बरामद हुई थी। चालक गुरमीत सिंह मौके पर शराब के परिवहन से संबंधित कोई वैध लाइसेंस या परमिट प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने शराब और वाहन को कब्जे में लेकर मामला दर्ज किया था। सुनवाई के दौरान अपीलकर्ता ने दावा किया कि उसे झूठा फंसाया गया है और शराब किसी अन्य व्यक्ति की थी।
हालांकि अदालत ने पाया कि बरामद शराब आरोपी के कब्जे वाले वाहन से मिली थी तथा अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयान, जब्ती प्रक्रिया और फॉरेंसिक रिपोर्ट एक-दूसरे की पुष्टि करते हैं। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी का अपराध संदेह से परे साबित करने में सफल रहा है। बचाव पक्ष ऐसा कोई ठोस साक्ष्य पेश नहीं कर सका। अदालत ने यह भी माना कि इतनी बड़ी मात्रा में शराब को पुलिस की ओर से झूठा फंसाने के उद्देश्य से बरामद दिखाना संभव प्रतीत नहीं होता। इन तथ्यों के आधार पर अदालत ने अपील निरस्त करते हुए 1 नवंबर 2025 को निचली अदालत का दोषसिद्धि एवं सजा संबंधी आदेश यथावत रखा।-- -- -- -- -
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खारिज, छह माह की सजा बरकरार
22 अगस्त 2020 को नाहन क्षेत्र का मामला, पुलिस ने आरोपी से 216 बोतलें शराब की बरामद करने का किया था दावा
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने 1 नवंबर 2025 को निचली अदालत के फैसले को ठहराया सही
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। जिला एवं सत्र न्यायालय ने अवैध शराब तस्करी के मामले में दोषी ठहराए गए तहसील माजरा निवासी गुरमीत सिंह की आपराधिक अपील खारिज कर दी है। अदालत ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) की सुनाई गई छह माह के कारावास और दो हजार रुपये जुर्माने की सजा को सही ठहराया है।
यह मामला 22 अगस्त 2020 को नाहन थाना क्षेत्र का है। पुलिस टीम ने नाकाबंदी के दौरान एक बोलेरो वाहन को रोककर तलाशी ली थी। वाहन से देसी और अंग्रेजी की 216 बोतल शराब बरामद हुई थी। चालक गुरमीत सिंह मौके पर शराब के परिवहन से संबंधित कोई वैध लाइसेंस या परमिट प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने शराब और वाहन को कब्जे में लेकर मामला दर्ज किया था। सुनवाई के दौरान अपीलकर्ता ने दावा किया कि उसे झूठा फंसाया गया है और शराब किसी अन्य व्यक्ति की थी।
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हालांकि अदालत ने पाया कि बरामद शराब आरोपी के कब्जे वाले वाहन से मिली थी तथा अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयान, जब्ती प्रक्रिया और फॉरेंसिक रिपोर्ट एक-दूसरे की पुष्टि करते हैं। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी का अपराध संदेह से परे साबित करने में सफल रहा है। बचाव पक्ष ऐसा कोई ठोस साक्ष्य पेश नहीं कर सका। अदालत ने यह भी माना कि इतनी बड़ी मात्रा में शराब को पुलिस की ओर से झूठा फंसाने के उद्देश्य से बरामद दिखाना संभव प्रतीत नहीं होता। इन तथ्यों के आधार पर अदालत ने अपील निरस्त करते हुए 1 नवंबर 2025 को निचली अदालत का दोषसिद्धि एवं सजा संबंधी आदेश यथावत रखा।
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