राम मंदिर दान मामले में जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका
राजद सांसद सुधाकर सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर राम मंदिर ट्रस्ट से पूछा है कि वह अपने गठन के बाद से प्राप्त हुए सभी दानों और चढ़ावों का विवरण पेश करे. साथ ही उन्होंने जांच के लिए सीबीआई को भेजने की मांग भी की है.

सौजन्य से:- ETV Bharat
'राम मंदिर उद्घाटन के बाद से पूरे दान का ब्योरा तलब करें': राजद सांसद ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका
याचिका में कहा गया- श्रद्धालुओं के चढ़ावे के प्रबंधन से जुड़े आरोपों की जारी जांच निष्पक्ष, स्वतंत्र और देश का भरोसा जीतने वाली हो.
By Sumit Saxena
Published : July 4, 2026 at 2:48 PM IST
नई दिल्लीः अयोध्या राम मंदिर में कथित चढ़ावे की चोरी के मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग को लेकर राष्ट्रीय जनता दल के सांसद सुधाकर सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की है. यह याचिका वकील सत्यम सिंह राजपूत और एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड जसवंती ए. ने दायर की गई है.
याचिका में मंदिर ट्रस्ट (श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट) को यह निर्देश देने की भी मांग की गई है कि वह 5 फरवरी, 2020 को अपने गठन के बाद से अब तक नकद और बहुमूल्य वस्तुओं के रूप में प्राप्त हुए सभी चढ़ावे का पूरा विवरण अदालत के सामने पेश करे. याचिका में इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि श्रद्धालुओं के चढ़ावे के प्रबंधन से जुड़े आरोपों की जारी जांच निष्पक्ष, स्वतंत्र और देश का भरोसा जीतने वाली हो, यह सुनिश्चित करने के लिए संवैधानिक सुरक्षा उपायों की अत्यंत आवश्यकता है.
याचिका में शीर्ष अदालत से आग्रह किया गया है कि वह 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट' को उसके गठन के बाद से प्राप्त हुए सभी दानों, चढ़ावों और योगदानों का एक पूरा विवरण प्रदान करने का निर्देश दे. इसमें नकद दान, बैंक ट्रांसफर, डिजिटल भुगतान, विदेशी योगदान, वस्तुओं के रूप में मिला दान, सोना, चांदी और अन्य बहुमूल्य वस्तुएं शामिल हों, और इसके साथ ही उनके अकाउंटिंग, कस्टडी और उपयोग का पूरा ब्योरा भी दिया जाए. याचिका में इस पूरे मामले की सीबीआई (CBI) जांच कराने की भी मांग की गई है.
याचिका में कहा गया है, "श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा प्राप्त किए गए दानों और चढ़ावों के प्रबंधन, हिसाब-किताब और उपयोग से जुड़े आरोपों से उत्पन्न जांच को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को स्थानांतरित करने के लिए एक उचित रिट, आदेश या निर्देश जारी किया जाए. यह जांच इस माननीय न्यायालय की देखरेख में या किसी ऐसे स्वतंत्र तंत्र के तहत आयोजित की जानी चाहिए जिसे यह माननीय न्यायालय उचित और सही समझे."
जनहित याचिका में मंदिर के मामलों के प्रबंधन के लिए एक अस्थायी निगरानी समिति का गठन करने का निर्देश देने की भी मांग की गई है. याचिका में कहा गया है कि जब तक चंदा चोरी के मामले की सुनवाई पूरी नहीं हो जाती और दोषी को सजा नहीं मिल जाती, तब तक ट्रस्ट को सभी प्रबंधकीय कार्यों से दूर रखा जाना चाहिए.
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