होमअपराधसुप्रीम कोर्ट ने बेटे को मां के पैर छूकर क्षमा माँगने की सलाह दी
अपराध

सुप्रीम कोर्ट ने बेटे को मां के पैर छूकर क्षमा माँगने की सलाह दी

संपत्ति विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने बेटे की याचिका खारिज कर दी और उसे अपनी माँ के पास जाकर उनके पैर छूकर अपने सभी पापों की क्षमा माँगने का सुझाव दिया। अदालत ने कहा कि बेटे को माँ के साथ भावनात्मक जुड़ाव पुनः स्थापित करना चाहिए।

9 सितंबर 2026 को 05:04 pm बजे
सुप्रीम कोर्ट ने बेटे को मां के पैर छूकर क्षमा माँगने की सलाह दी

सौजन्य से:- Navbharat Times

सभी पापों के लिए क्षमा मांगिए

सुप्रीम कोर्ट ने बेटे से कहा कि कि आपको अपनी मां के पैर छूकर माफी मांगनी चाहिए। अपने सभी पापों के लिए क्षमा मांगिए। जस्टिस शर्मा यहीं नहीं रुके। अदालत में मौजूद वकीलों की ओर मुखातिब होते हुए उन्होंने सवाल किया कि आखिर मां के साथ बेटे का इस तरह व्यवहार करना गलत नहीं है? उन्होंने कहा कि हम बेटे से कह रहे हैं कि वह अपनी मां के पास वापस जाए, उनके पैर छुए, उन्हें महसूस करे, माफी मांगे और उनका आशीर्वाद ले। यह टिप्पणी उस वक्त आई, जब बेटा अपने माता-पिता के खिलाफ संपत्ति से जुड़े विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। हालांकि अदालत ने उसकी याचिका खारिज कर दी।जिस घर में बेटे को जगह दी, वहीं से विवाद शुरू हुआ

मामला उस संपत्ति का था, जिसकी मां और उनके पति एकमात्र मालिक थे। माता-पिता ने बेटे और उसकी पत्नी को प्रेम और स्नेह के चलते घर की पहली मंजिल पर रहने की अनुमति दी थी। इसके लिए उनसे कोई किराया भी नहीं लिया गया था। लेकिन माता-पिता का आरोप था कि समय के साथ हालात बदल गए। बेटे और उसकी पत्नी ने उन्हें परेशान करना शुरू कर दिया और संपत्ति उनके नाम करने का दबाव बनाने लगे।आरोप यह भी था कि बेटे ने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर संपत्ति पर अपना मालिकाना हक जताना शुरू कर दिया। एक समय ऐसा आया जब माता-पिता ने अखबार में सार्वजनिक सूचना प्रकाशित कर बेटे और बहू से अपने संबंध समाप्त करने की घोषणा कर दी। बेटे के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। इसके बाद माता-पिता ने बेटे और बहू को दी गई लाइसेंस की अनुमति भी समाप्त कर दी और संपत्ति खाली करने का नोटिस भेज दिया। यानी जिस घर की पहली मंजिल बेटे को प्यार और भरोसे के कारण रहने के लिए दी गई थी, वही घर बाद में माता-पिता और बेटे के बीच कानूनी लड़ाई की वजह बन गया।

अदालत ने कहा- मालिक माता-पिता, बेटा सिर्फ लाइसेंसी

माता-पिता ने संपत्ति पर कब्जा वापस पाने, स्थायी निषेधाज्ञा और नुकसान की भरपाई के लिए मुकदमा दायर किया। ट्रायल कोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला दिया। अदालत ने माना कि संपत्ति के एकमात्र मालिक माता-पिता हैं और बेटे तथा उसकी पत्नी को वहां रहने की अनुमति केवल लाइसेंस के तौर पर दी गई थी। लाइसेंस समाप्त किए जाने के बाद बेटे और उसकी पत्नी का वहां कब्जा बनाए रखना वैध नहीं था। इसलिए उन्हें पहली मंजिल खाली करने का आदेश दिया गया। बेटे ने इस फैसले को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी, लेकिन 17 अप्रैल को हाई कोर्ट ने भी ट्रायल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा। इसके बाद बेटे ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।सुप्रीम कोर्ट में कानून के साथ रिश्ते की भी बात हुई

जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस एनके सिंह की पीठ ने मामले की सुनवाई की। अदालत ने मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए बेटे की विशेष अनुमति याचिका खारिज कर दी। लेकिन इस सुनवाई की सबसे अलग बात फैसला नहीं, बल्कि जस्टिस शर्मा की वह मौखिक टिप्पणी रही, जिसमें उन्होंने बेटे को उसकी मां की ओर लौटने की सलाह दी।'मां के पैर छूकर माफी मांगो... अपने सभी पापों के लिए क्षमा मांगो।'

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
संसद का अधिकार, सुप्रीम कोर्ट नहीं: वैवाहिक बलात्कार को अपराध मानने का फैसला संसद पर
अपराध

संसद का अधिकार, सुप्रीम कोर्ट नहीं: वैवाहिक बलात्कार को अपराध मानने का फैसला संसद पर

सुप्रीम कोर्ट नहीं तय कर सकता मैरिटल रेप का अपराधीकरण, यह संसद का अधिकार है
अपराध

सुप्रीम कोर्ट नहीं तय कर सकता मैरिटल रेप का अपराधीकरण, यह संसद का अधिकार है

सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा मजिस्ट्रेट को नोटिस जारी करने पर फटकार लगाई
अपराध

सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा मजिस्ट्रेट को नोटिस जारी करने पर फटकार लगाई

सुप्रीम कोर्ट ने उठाया सवाल: वैवाहिक दुष्कर्म को अपराध न मानने वाले प्रावधान में पति पर रैप का मुकदमा कैसे चलाया जा सकता है?
अपराध

सुप्रीम कोर्ट ने उठाया सवाल: वैवाहिक दुष्कर्म को अपराध न मानने वाले प्रावधान में पति पर रैप का मुकदमा कैसे चलाया जा सकता है?

सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल के सभी 65 धरना‑प्रदर्शन मामलों में अभियोजन वापस करने की मंजूरी दी
अपराध

सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल के सभी 65 धरना‑प्रदर्शन मामलों में अभियोजन वापस करने की मंजूरी दी

उत्तरी प्रदेश सरकार, आकृति चौधरी के NSA रद्दीकरण को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी
अपराध

उत्तरी प्रदेश सरकार, आकृति चौधरी के NSA रद्दीकरण को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी

सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल के सांसद‑विधायकों के कोविड‑सम्बंधी मामलों में अभियोजन वापस लेने की स्वीकृति दी
अपराध

सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल के सांसद‑विधायकों के कोविड‑सम्बंधी मामलों में अभियोजन वापस लेने की स्वीकृति दी

सुप्रीम कोर्ट ने वैवाहिक बलात्कार अपवाद की संवैधानिक वैधता पर सुनवाई शुरू की
अपराध

सुप्रीम कोर्ट ने वैवाहिक बलात्कार अपवाद की संवैधानिक वैधता पर सुनवाई शुरू की

ताज़ा ख़बरें