सुप्रीम कोर्ट की फटकार: ट्रायल में देरी पर पंजाब और महाराष्ट्र सरकार को झिड़का
सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब और महाराष्ट्र सरकार को ट्रायल में देरी के मामले में फटकार लगाई है। अदालत ने कहा कि यह बेहद चिंताजनक स्थिति है और राज्य सरकारें अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल दिखाई दे रही हैं।

सौजन्य से:- ndtv.in
सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल में देरी को लेकर आज पंजाब और महाराष्ट्र सरकार को फटकार लगाई है. ट्रायल में देरी पर नाराजगी जताते हुए कोर्ट ने कहा कि यह बेहद चिंताजनक स्थिति है और ये मुद्दा अदालत को परेशान कर रहा है. शीर्ष अदालत ने कहा कि महाराष्ट्र में तो ऐसे मामले हर दिन सामने आ रहे हैं.
एक जमानत मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह ने महाराष्ट्र सरकार को आड़े हाथ लिया. सुनवाई के दौरान महाराष्ट्र सरकार की ओर से कहा गया कि स्थिति में सुधार हो रहा है और जिन मामलों में देरी हुई है, वे पुराने मामले हैं. जस्टिस अमानुल्लाह ने कहा कि महाराष्ट्र में ऐसे मामले हर दिन सामने आ रहे हैं.
महाराष्ट्र सरकार ने यह भी बताया कि अब आरोपियों की अदालत में पेशी लगभग 100 प्रतिशत सुनिश्चित की जा रही है. हालांकि, अदालत ने मामले की प्रगति पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आरोपी पिछले चार सालों से जेल में है, लेकिन 45 गवाहों में से अब तक केवल दो की ही गवाही दर्ज हो सकी है.
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि यह बेहद चिंताजनक स्थिति है और यह मुद्दा लंबे समय से न्यायालय को परेशान कर रहा है. अदालत ने कहा कि राज्य सरकार जमानत का विरोध तो करती है, लेकिन ट्रायल का समय पर संचालन सुनिश्चित करने की अपनी जिम्मेदारी निभाने में पूरी तरह विफल दिखाई देती है. महाराष्ट्र सरकार के वकील ने इस मुद्दे पर विस्तृत जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा.
शीर्ष अदालत ने केवल इसी उद्देश्य से राज्य सरकार को विस्तृत जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया और मामले को 24 जुलाई अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का आदेश दिया. सुनवाई के दौरान अदालत ने पंजाब के एक समान मामले का भी उल्लेख किया, जिसमें अमृतसर के पुलिस अधीक्षक पर 50 हजार का जुर्माना लगाया गया था. हालांकि, उस आदेश के प्रभाव को राज्य सरकार से अतिरिक्त जवाब मिलने तक स्थगित रखा गया था.
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