हाई कोर्ट सख्त, लुधियाना अदालत की फाइल में गायब हुआ अहम दस्तावेज, 3 माह में जांच की तय करने के आदेश
पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने लुधियाना सिविल कोर्ट से गायब हुए महत्वपूर्ण दस्तावेज की जांच के आदेश दिए हैं। हाई कोर्ट ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश से रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।

सौजन्य से:- Jagran
लुधियाना अदालत की फाइल से गायब हुआ अहम दस्तावेज, हाई कोर्ट सख्त; 3 माह में जांच कर जिम्मेदार तय करने के आदेश
अदालत की फाइल से अहम दस्तावेज गायब होने पर हाई कोर्ट ने गंभीर रुख अपनाया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश को तीन महीने में जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों की ...और पढ़ें
HighLights
- लुधियाना सिविल कोर्ट से महत्वपूर्ण दस्तावेज गायब।
- हाई कोर्ट ने तथ्यात्मक जांच के आदेश दिए।
- तीन माह में रिपोर्ट सौंपने का निर्देश।
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने लुधियाना की एक सिविल अदालत के न्यायिक रिकार्ड से महत्वपूर्ण दस्तावेज की प्रति गायब होने के मामले को गंभीर मानते हुए तथ्यात्मक जांच के आदेश दिए हैं। हाई कोर्ट ने कहा कि यह पता लगाया जाए कि दस्तावेज रिकार्ड से कैसे गायब हुआ और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
अदालत ने लुधियाना के जिला एवं सत्र न्यायाधीश को तीन माह के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को सौंपने का निर्देश दिया है। आदेश की प्रति लुधियाना जिले के प्रशासनिक न्यायाधीश को भी भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
जस्टिस हर्ष बुंगर ने यह आदेश उस पुनरीक्षण याचिका को खारिज करते हुए पारित किया, जिसमें निचली अदालत के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसके तहत वादी को संबंधित दस्तावेज को द्वितीयक साक्ष्य अथवा मूल प्रति प्रस्तुत कर साबित करने की अनुमति दी गई थी।
यह भी पढ़ें- ‘सतलुज’ फिल्म पर रोक से भड़की SGPC, डीसी ऑफिस तक निकाला रोष मार्च; 14 जुलाई को हरिके पतन में करेंगे अरदास
निचली अदालत के आदेश में कोई त्रुटि नहीं
हाई कोर्ट ने कहा कि निचली अदालत के आदेश में कोई कानूनी त्रुटि नहीं है। हालांकि न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि न्यायिक रिकार्ड में सुरक्षित रखी गई दस्तावेज की फोटोकापी का गायब होना अलग और गंभीर विषय है। अदालत ने कहा, यह अब भी चिंता का विषय है कि संबंधित दस्तावेज की फोटोकापी न्यायिक रिकार्ड से क्यों गायब है।
खबरें और भी
इसी आधार पर कोर्ट ने निर्देश दिया, 'इस चूक की जांच आवश्यक है। इसलिए लुधियाना के जिला एवं सत्र न्यायाधीश इस संबंध में तथ्यात्मक जांच कराएं, जिम्मेदार अधिकारी अथवा अधिकारियों की जवाबदेही तय करें और आज से तीन माह के भीतर रिपोर्ट रजिस्ट्रार जनरल को भेजें।
यह भी पढ़ें- अमृतसर में घर पर फायरिंग के आरोपी ने पुलिस पर तानी पिस्टल, मुठभेड़ में घायल; जेल की रंजिश में चलाई थी गोलियां
गुरुद्वारे में गबन से जुड़ा है मामला
मामला एक गुरुद्वारा द्वारा अपने पूर्व पदाधिकारी के खिलाफ 32 लाख रुपये से अधिक की वसूली के लिए दायर दीवानी वाद से जुड़ा है। वाद में दावा किया गया था कि गुरुद्वारा द्वारा गठित तीन सदस्यीय समिति की जांच रिपोर्ट में धन के बड़े पैमाने पर गबन का खुलासा हुआ था, जिसके आधार पर वसूली का मुकदमा दायर किया गया।
सुनवाई के दौरान गुरुद्वारा ने आवेदन देकर बताया कि तीन सदस्यीय समिति की रिपोर्ट न्यायिक फाइल से गायब हो गई है और उसे तलाशने के निर्देश दिए जाएं। निचली अदालत ने वादी को दस्तावेज को द्वितीयक साक्ष्य या मूल प्रति से साबित करने की अनुमति देते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश को दस्तावेज गायब होने की सूचना भेजने का निर्देश दिया था।
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
चाचा की संपत्ति पर भतीजी के पति का हक: सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला

इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: खामेनेई के पोस्टर हटाने से रोकने की मांग वाली याचिका खारिज

सीएम के दौरे से पहले भाजपा नेता का हाउस अरेस्ट, कानून-व्यवस्था के नाम पर उठे सवाल

उपनल कर्मचारियों के नियमितीकरण पर हाई कोर्ट सख्त, सरकार को दिया अल्टिमेटम

उत्तर प्रदेश में 900 नए न्यायालयों के निर्माण पर कोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा

ताजमहल में जलाभिषेक के वाद में नया मोड़, अब अगली सुनवाई 12 अगस्त को

न्यायिक देरी पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी: घोंघा भी उठा सकता है सवाल

एम्स कार्यवाहक प्रमुख को फटकारा: माफी के बाद शांत हुए
ताज़ा ख़बरें
- हैश मान एक इलेक्ट्रॉनिक फ़िंगरप्रिंट है; धारा 63(4) बीएसए प्रमाणपत्र की आवश्यकता वैध है: सुप्रीम कोर्ट
- सुप्रीम कोर्ट नाराज है दीवानी मामलों की धीमी सुनवाई पर
- चम्बा: अदालत ने खारिज की अधिक मुआवजा की मांग
- किराएदार को बेदखली से नहीं बचता बैंकों का विलय: सुप्रीम कोर्ट
- टावर ऑफ जस्टिस में स्थानांतरित होगी गुरुग्राम जिला अदालत: हाईकोर्ट
- आयकर विभाग ने कमिंस इंडिया को राहत देने वाले आदेश के खिलाफ अपील दायर की
- बैंकों का विलय नहीं बचाता किराएदार को, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
- अयोध्या राम मंदिर दान चोरी की सीबीआई जांच पर सुप्रीम कोर्ट 13 जुलाई को सुनवाई करेगी

