कान्हा टाइगर रिजर्व में 2 हजार कुत्तों को वैक्सीनेट किया गया
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में कान्हा टाइगर रिजर्व में बाघों की मौत से जुड़ी जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि कैनाइन डिस्टेंपर वायरस की रोकथाम के लिए कान्हा टाइगर रिजर्व के आसपास 2 हजार कुत्तों का वैक्सीनेशन किया गया और अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करने के निर्देश दिए।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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कान्हा टाइगर रिजर्व में 2 हजार कुत्तों का हुआ वैक्सीनेशन:सरकार ने हाईकोर्ट में दी जानकारी, अदालत ने कहा-सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हो पालन
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मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में कान्हा टाइगर रिजर्व में बाघों की मौत से जुड़ी जनहित याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई। राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि कैनाइन डिस्टेंपर वायरस की रोकथाम के लिए कान्हा टाइगर रिजर्व के आसपास 2 हजार कुत्तों का वैक्सीनेशन किया जा चु
सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और टाइगर रिजर्व प्रबंधन को सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करने के निर्देश दिए। कोर्ट ने कहा कि प्रदेश के सभी 9 टाइगर रिजर्व में वन्यजीव विशेषज्ञ वेटरनरी डॉक्टर तैनात किए जाएं और खाली पद जल्द भरे जाएं। साथ ही कुत्तों की बढ़ती संख्या रोकने के लिए डॉग बर्थ कंट्रोल की व्यवस्था करने को भी कहा।
कोर्ट ने राज्य सरकार से कहा कि 17 अगस्त से पहले सभी टाइगर रिजर्व के आसपास कुत्तों के वैक्सीनेशन की स्थिति पर रिपोर्ट पेश की जाए।
कैनाइन डिस्टेंपर वायरस पर उठे सवाल
यह जनहित याचिका कान्हा टाइगर रिजर्व में कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (सीडीवी) से बाघों की संदिग्ध मौतों को लेकर दायर की गई है। सरकार ने कोर्ट को बताया कि वायरस के फैलाव को रोकने के लिए सीमावर्ती गांवों में कुत्तों का वैक्सीनेशन कराया गया है।
याचिका में क्या कहा गया
मुंबई के चेंबूर निवासी अधिवक्ता सुब्रत चक्रवर्ती की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि रॉयल बंगाल टाइगर की सुरक्षा के लिए वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के दिशा-निर्देशों का पालन जरूरी है। इनका पालन नहीं होने से बाघों की मौत बढ़ी है।
याचिका में यह भी कहा गया कि वायरस अन्य टाइगर रिजर्व तक फैल सकता है। इसलिए प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व के आसपास कुत्तों का वैक्सीनेशन कराया जाए। साथ ही सुप्रीम कोर्ट के नवंबर 2025 के आदेश के बावजूद खाली पद नहीं भरे गए हैं।
एक महीने में 8 बाघों की मौत
याचिका के अनुसार अप्रैल में बाघिन सुनैना, बाघिन अमाही और उसके चार अर्धवयस्क शावकों की मौत हुई थी। इसके बाद 19 मई 2026 को युवा नर बाघ महावीर की भी मौत हो गई। इसी अवधि में बालाघाट और किसली क्षेत्र में दो अन्य वयस्क नर बाघ भी मृत मिले। इस तरह करीब एक महीने में कान्हा टाइगर रिजर्व में 8 बाघों की मौत दर्ज हुई।
फंड का मुद्दा भी उठा
सुनवाई के दौरान टाइगर रिजर्व के लिए केंद्र सरकार से पर्याप्त फंड नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया गया। इस पर हाईकोर्ट पहले ही केंद्र और राज्य सरकार से जवाब तलब कर चुका है। मामले में याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अंशुमान सिंह और प्रतीक रूसिया ने पैरवी की।
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