होमवकीलMP में OBC आरक्षण केस के लिए विशेष बेंच, 15 जुलाई से नियमित सुनवाई की तैयारी
वकील

MP में OBC आरक्षण केस के लिए विशेष बेंच, 15 जुलाई से नियमित सुनवाई की तैयारी

मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण विवाद के समाधान की उम्मीद बढ़ गई है, क्योंकि हाई कोर्ट ने 91 लंबित याचिकाओं की सुनवाई के लिए एक विशेष डिवीजन बेंच का गठन कर दिया है।

9 जुलाई 2026 को 02:57 pm बजे
MP में OBC आरक्षण केस के लिए विशेष बेंच, 15 जुलाई से नियमित सुनवाई की तैयारी

सौजन्य से:- Jagran

MP में OBC आरक्षण केस में नई हलचल: हाई कोर्ट ने गठित की विशेष बेंच, 15 जुलाई से नियमित सुनवाई की तैयारी

मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण विवाद के समाधान की उम्मीद बढ़ गई है, क्योंकि हाई कोर्ट ने 91 लंबित याचिकाओं की सुनवाई के लिए एक विशेष डिवीजन बेंच का गठन ...और पढ़ें

HighLights

- ओबीसी आरक्षण विवाद के लिए विशेष डिवीजन बेंच गठित।

- न्यायमूर्ति आनंद पाठक और विनय सराफ करेंगे सुनवाई।

- 15 जुलाई से नियमित सुनवाई शुरू होने की संभावना।

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। मध्य प्रदेश में लंबे समय से लंबित ओबीसी आरक्षण विवाद के जल्द समाधान की उम्मीद बढ़ गई है। वर्ष 2019 से हाई कोर्ट में लंबित 91 याचिकाओं की सुनवाई के लिए आखिरकार विशेष डिवीजन बेंच का गठन कर दिया गया है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया की मंजूरी के बाद जारी प्रशासनिक आदेश के अनुसार अब इन सभी मामलों की सुनवाई न्यायमूर्ति आनंद पाठक और न्यायमूर्ति विनय सराफ की डिवीजन बेंच-2 करेगी।

प्रशासनिक आदेश के मुताबिक, सभी संबंधित प्रकरण 13 जुलाई से शुरू होने वाले सप्ताह में सूचीबद्ध किए जाएंगे, जबकि 15 जुलाई से नियमित सुनवाई शुरू होने की संभावना है। इससे वर्षों से लंबित इस महत्वपूर्ण मामले में न्यायिक प्रक्रिया फिर से गति पकड़ती नजर आ रही है।

सुप्रीम कोर्ट ने दिया था निर्देश

ओबीसी वर्ग की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर और विनायक प्रसाद शाह ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने 19 फरवरी को विशेष पीठ गठित कर तीन माह के भीतर मामलों के निराकरण के निर्देश दिए थे। इसके बाद तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा ने याचिकाकर्ताओं की दलीलें सुनने के बाद राज्य शासन का पक्ष रखने के लिए 16 जून की तारीख तय की थी।

हालांकि, न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा के सर्वोच्च न्यायालय में पदोन्नत होने और न्यायमूर्ति विनय सराफ के इंदौर स्थानांतरण के कारण नियमित सुनवाई बाधित हो गई। इसके बाद 16 और 24 जून को न्यायमूर्ति आनंद पाठक एवं न्यायमूर्ति भगवती प्रसाद शर्मा की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए 13 जुलाई से शुरू होने वाले सप्ताह में नियमित सुनवाई कराने के निर्देश दिए थे।

खबरें और भी

यह भी पढ़ें- प्रोबेशन कर्मचारियों को बड़ी राहत, हाई कोर्ट ने वेतन कटौती पर लगाई रोक; 100% सैलरी व एरियर देने के निर्देश

प्रकरण के निस्तारण की उम्मीद बढ़ी

चूंकि न्यायमूर्ति विनय सराफ पहले भी इन प्रकरणों की सुनवाई कर चुके हैं, इसलिए न्यायिक निरंतरता बनाए रखने के उद्देश्य से उन्हें पुनः न्यायमूर्ति आनंद पाठक के साथ विशेष बेंच में शामिल किया गया है। माना जा रहा है कि इस कदम से ओबीसी आरक्षण से जुड़े वर्षों पुराने विवाद के अंतिम निस्तारण की प्रक्रिया अब तेज हो सकती है।

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' को फिर से स्ट्रीम करने की मांग, अदालत में दायर हुई जनहित याचिका
वकील

दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' को फिर से स्ट्रीम करने की मांग, अदालत में दायर हुई जनहित याचिका

सुप्रीम कोर्ट में घुड़सवारी टीम चयन विवाद: जज ने सुनवाई से खुद को किया अलग
वकील

सुप्रीम कोर्ट में घुड़सवारी टीम चयन विवाद: जज ने सुनवाई से खुद को किया अलग

वाराणसी अदालत ने राहुल गांधी के खिलाफ पुनरीक्षण याचिका निरस्त की
वकील

वाराणसी अदालत ने राहुल गांधी के खिलाफ पुनरीक्षण याचिका निरस्त की

भारत के एशियाई खेल 2026 में भाग लेने से इनकार के बाद, दिल्ली उच्च न्यायालय ने शो जंपिंग टीम चयन प्रक्रिया की जांच को दरकिनार किया
वकील

भारत के एशियाई खेल 2026 में भाग लेने से इनकार के बाद, दिल्ली उच्च न्यायालय ने शो जंपिंग टीम चयन प्रक्रिया की जांच को दरकिनार किया

सुप्रीम कोर्ट: बैंक कानूनी राय में हुई गलतियों के लिए वकीलों का नाम सावधानी सूची में नहीं डाल सकते
वकील

सुप्रीम कोर्ट: बैंक कानूनी राय में हुई गलतियों के लिए वकीलों का नाम सावधानी सूची में नहीं डाल सकते

बैंक विलय से मकान मालिक को बेदखल करने का अधिकार खत्म नहीं होगा, जानिए क्या है सुप्रीम कोर्ट का निर्णय
वकील

बैंक विलय से मकान मालिक को बेदखल करने का अधिकार खत्म नहीं होगा, जानिए क्या है सुप्रीम कोर्ट का निर्णय

बीसीआई ने शीर्ष अदालत के फैसले का स्वागत किया, राष्ट्रीय कानूनी अकादमी की स्थापना का प्रस्ताव रखा
वकील

बीसीआई ने शीर्ष अदालत के फैसले का स्वागत किया, राष्ट्रीय कानूनी अकादमी की स्थापना का प्रस्ताव रखा

पत्नी को अपनी जिंदगी जीने का अधिकार, हैबियस कॉर्पस से नहीं मिलेगी वापस
वकील

पत्नी को अपनी जिंदगी जीने का अधिकार, हैबियस कॉर्पस से नहीं मिलेगी वापस

ताज़ा ख़बरें