MP में OBC आरक्षण केस के लिए विशेष बेंच, 15 जुलाई से नियमित सुनवाई की तैयारी
मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण विवाद के समाधान की उम्मीद बढ़ गई है, क्योंकि हाई कोर्ट ने 91 लंबित याचिकाओं की सुनवाई के लिए एक विशेष डिवीजन बेंच का गठन कर दिया है।

सौजन्य से:- Jagran
MP में OBC आरक्षण केस में नई हलचल: हाई कोर्ट ने गठित की विशेष बेंच, 15 जुलाई से नियमित सुनवाई की तैयारी
मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण विवाद के समाधान की उम्मीद बढ़ गई है, क्योंकि हाई कोर्ट ने 91 लंबित याचिकाओं की सुनवाई के लिए एक विशेष डिवीजन बेंच का गठन ...और पढ़ें
HighLights
- ओबीसी आरक्षण विवाद के लिए विशेष डिवीजन बेंच गठित।
- न्यायमूर्ति आनंद पाठक और विनय सराफ करेंगे सुनवाई।
- 15 जुलाई से नियमित सुनवाई शुरू होने की संभावना।
डिजिटल डेस्क, जबलपुर। मध्य प्रदेश में लंबे समय से लंबित ओबीसी आरक्षण विवाद के जल्द समाधान की उम्मीद बढ़ गई है। वर्ष 2019 से हाई कोर्ट में लंबित 91 याचिकाओं की सुनवाई के लिए आखिरकार विशेष डिवीजन बेंच का गठन कर दिया गया है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया की मंजूरी के बाद जारी प्रशासनिक आदेश के अनुसार अब इन सभी मामलों की सुनवाई न्यायमूर्ति आनंद पाठक और न्यायमूर्ति विनय सराफ की डिवीजन बेंच-2 करेगी।
प्रशासनिक आदेश के मुताबिक, सभी संबंधित प्रकरण 13 जुलाई से शुरू होने वाले सप्ताह में सूचीबद्ध किए जाएंगे, जबकि 15 जुलाई से नियमित सुनवाई शुरू होने की संभावना है। इससे वर्षों से लंबित इस महत्वपूर्ण मामले में न्यायिक प्रक्रिया फिर से गति पकड़ती नजर आ रही है।
सुप्रीम कोर्ट ने दिया था निर्देश
ओबीसी वर्ग की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर और विनायक प्रसाद शाह ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने 19 फरवरी को विशेष पीठ गठित कर तीन माह के भीतर मामलों के निराकरण के निर्देश दिए थे। इसके बाद तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा ने याचिकाकर्ताओं की दलीलें सुनने के बाद राज्य शासन का पक्ष रखने के लिए 16 जून की तारीख तय की थी।
हालांकि, न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा के सर्वोच्च न्यायालय में पदोन्नत होने और न्यायमूर्ति विनय सराफ के इंदौर स्थानांतरण के कारण नियमित सुनवाई बाधित हो गई। इसके बाद 16 और 24 जून को न्यायमूर्ति आनंद पाठक एवं न्यायमूर्ति भगवती प्रसाद शर्मा की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए 13 जुलाई से शुरू होने वाले सप्ताह में नियमित सुनवाई कराने के निर्देश दिए थे।
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प्रकरण के निस्तारण की उम्मीद बढ़ी
चूंकि न्यायमूर्ति विनय सराफ पहले भी इन प्रकरणों की सुनवाई कर चुके हैं, इसलिए न्यायिक निरंतरता बनाए रखने के उद्देश्य से उन्हें पुनः न्यायमूर्ति आनंद पाठक के साथ विशेष बेंच में शामिल किया गया है। माना जा रहा है कि इस कदम से ओबीसी आरक्षण से जुड़े वर्षों पुराने विवाद के अंतिम निस्तारण की प्रक्रिया अब तेज हो सकती है।
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