मंत्री पटेल ने विपक्ष के आरोपों का दी जवाब दें, कहा नहीं ओबीसी आरक्षण घटाया
संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने जोधपुर में जनसुनवाई के दौरान कहा कि सरकार किसी भी वर्ग का आरक्षण कम नहीं कर रही है, सभी निर्णय सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत लिए जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने आरक्षण की अधिकतम सीमा 50% तय की है. लेकिन विपक्ष ने आरक्षण कम करने की आशंका जताई है.

सौजन्य से:- ईटीवी भारत
मंत्री पटेल बोले- OBC आरक्षण घटाने का आरोप पूरी तरह निराधार, सुप्रीम कोर्ट की सीमाओं के तहत ही होगा निकाय व पंचायत चुनाव
सरकार किसी भी वर्ग का आरक्षण कम नहीं कर रही है...
प्रकाशित : अगस्त 9, 2026 ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. 1:20 अपराह्न भारतीय समय
जोधपुर: संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने जोधपुर में सर्किट हाउस में रविवार को अपनी जनसुनवाई के दौरान मीडिया से बातचीत में निकाय व पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण घटाने के विपक्ष के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया. उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी वर्ग का आरक्षण कम नहीं कर रही है और सभी निर्णय सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों व संवैधानिक प्रावधानों के तहत ही लिए जा रहे हैं.
मंत्री पटेल ने स्पष्ट किया कि सर्वोच्च न्यायालय ने आरक्षण की अधिकतम सीमा 50% तय की है. संविधान के तहत एससी और एसटी वर्ग का आरक्षण निर्धारित है, जबकि शेष सीमा के अनुसार ही ओबीसी वर्ग को आरक्षण का लाभ दिया जाता है. मंत्री पटेल ने आरोप लगाया कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है, वह केवल जनता में भ्रम फैलाकर सदन की कार्यवाही को बाधित करने का प्रयास कर रहा है. सरकार सभी वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है.
उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा मार्च 2021 में ही त्रि-स्तरीय जांच और ओबीसी आयोग के गठन के निर्देश दिए गए थे, लेकिन पिछली सरकार ने तीन वर्षों तक आयोग का गठन न कर चुनावों को अटकाए रखा. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में वर्तमान भाजपा सरकार ने आते ही पारदर्शी तरीके से ओबीसी आयोग का गठन किया, जिसने पूरे प्रदेश में सर्वे कर अपनी रिपोर्ट सौंपी है.
पढ़ें : OBC आरक्षण पर डोटासरा का भाजपा पर तीखा हमला, बोले- सड़क से सदन तक लड़ेंगे, ईंट से ईंट बजा देंगे
विपक्ष ने जताई आरक्षण कम करने की आशंका : हाईकोर्ट के आदेश पर हो रहे राजस्थान में आगामी पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों के लिए सरकार को ओबीसी कमिशन की रिपोर्ट मिल गई है. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने आरोप लगाया कि ओबीसी आयोग की मनमानी सर्वे रिपोर्ट की आड़ में 21% ओबीसी आरक्षण की व्यवस्था को कम करना और कई क्षेत्रों में इसे 5% तक सीमित करना सामाजिक न्याय भावना के खिलाफ है. यह 50% से अधिक ओबीसी आबादी के युवाओं और उनके राजनीतिक प्रतिनिधित्व के साथ सीधा अन्याय है. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने यह रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है, जिससे आरक्षण का वर्गवार विवरण सामने आ सके.
न्याय 247 न्यूज़ द्वारा प्रस्तुत
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने खड़गे ट्रस्ट मामले में लोकायुक्त से जवाब मांगा

बाल मजदूरी पर दिल्ली हाई कोर्ट का सख्त रुख, आपसी समझौते से नहीं हो सकता मामला खत्म

उड़ीसा उच्च न्यायालय ने बच्चों के साथ पुलिस कार्रवाई पर गंभीर आपत्ति व्यक्त की! जानें किन मामलों ने जोड़े खाद

पुलिस की लापरवाही: गंभीर अपराध के आरोपी को मिली डिफॉल्ट बेल

सुप्रीम कोर्ट ने सीएम चंद्रबाबू नायडू के खिलाफ अमरावती भूमि पूलिंग मामले को रद्द करने को बरकरार रखा

न्यायमूर्ति सूर्यकांत के विरोध के लिए एन. ए. एल. एस. ए. आर. छात्रों के खिलाफ भारी कार्रवाई

व्हाइट हाउस बॉलरूम परियोजना को पुनर्जीवित करने के लिए ट्रम्प प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की

सुप्रीम कोर्ट ने जारी की न्यायिक भाषा की हैंडबुक, अब यौन अपराधों में संवेदनशीलता पर जोर
ताज़ा ख़बरें
- बीसीआई द्वारा छात्रों के खिलाफ हस्तक्षेप पर सीजेआई की आलोचना
- पूर्व पुलिस वालों को मुसीबत, अब खाकी की कीमत चुकानी होगी
- सुप्रीम कोर्ट ने कुकी मैतेई समूहों से कहा, शांति बहाल करने के लिए सोचें
- नैनीताल में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत
- सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: कॉमेडियन समय रैना और अन्य के खिलाफ मामला बंद
- सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी के नफरत फैलाने वाले भाषण का मामला खारिज किया
- सुप्रीम कोर्ट का निर्णय: चंद्रबाबू नायडू के खिलाफ जमीन घोटाला केस रद्द, राजनीतिक लड़ाइयां अदालत में नहीं लड़ी जानी चाहिए: SC
- समय रैना को मुक्ति: सुप्रीम कोर्ट ने विकलांगों का मजाक उड़ाने के वीडियो पर एफआईआर रद्द की

