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सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने चार हाईकोर्टों में नए चीफ जस्टिसों की नियुक्ति की सिफारिश की

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने चार प्रमुख हाईकोर्टों में नए मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति की औपचारिक सिफारिश की है। जस्तिस वी. कामेश्वर राव, जस्तिस रवींद्र वी. घुगे, जस्तिस महेश चंद्र त्रिपाठी और जस्तिस अश्वनी कुमार मिश्रा को चीफ जस्टिस पद पर नियुक्त करने का प्रस्ताव दिया गया है।

9 अगस्त 2026 को 10:15 am बजे
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने चार हाईकोर्टों में नए चीफ जस्टिसों की नियुक्ति की सिफारिश की

सौजन्य से:- लॉ ट्रेंड

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने देश के चार प्रमुख हाईकोर्ट में नए मुख्य न्यायाधीशों (चीफ जस्टिस) की नियुक्ति की औपचारिक सिफारिश की है। 6 अगस्त 2026 को आयोजित कॉलेजियम की बैठक में यह फैसला लिया गया। सर्वोच्च अदालत द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, कॉलेजियम ने दिल्ली, बॉम्बे, इलाहाबाद और पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के न्यायाधीशों को पदोन्नत कर पटना, कलकत्ता, बॉम्बे तथा पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस पद पर नियुक्त करने का प्रस्ताव दिया है।

किसे किस हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बनाने का प्रस्ताव

कॉलेजियम द्वारा जारी की गई सिफारिशों का विवरण इस प्रकार है:

- जस्टिस वी. कामेश्वर राव: वर्तमान में दिल्ली हाईकोर्ट में कार्यरत जस्टिस वी. कामेश्वर राव को पटना हाईकोर्ट का नया चीफ जस्टिस बनाने की सिफारिश की गई है।

- जस्टिस रवींद्र वी. घुगे: बॉम्बे हाईकोर्ट के जज जस्टिस रवींद्र वी. घुगे को पदोन्नत कर कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस पद की जिम्मेदारी सौंपने का प्रस्ताव है।

- जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी: इलाहाबाद हाईकोर्ट में सेवारत जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी को बॉम्बे हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त करने की सिफारिश की गई है।

- जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा: इलाहाबाद हाईकोर्ट को अपना मूल (पैरेंट) हाईकोर्ट मानने वाले जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा, जो वर्तमान में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में कार्यरत हैं, उन्हें इसी हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है।

नियुक्ति की आगे की संवैधानिक प्रक्रिया

कॉलेजियम द्वारा प्रस्ताव पारित किए जाने के बाद अब यह मामला प्रशासनिक और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ेगा:

- केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्रालय कॉलेजियम की सिफारिशों की प्रशासनिक जांच और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करेगा।

- इसके बाद प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को भेजा जाएगा।

- अंतिम चरण में राष्ट्रपति द्वारा संविधान के अनुच्छेद 217 के तहत नियुक्ति का आधिकारिक वारंट जारी किया जाएगा, जिसके बाद नए चीफ जस्टिस अपने-अपने पदों की शपथ लेंगे।

न्याय 247 न्यूज़ द्वारा प्रस्तुत

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