सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद महिलाएं बोलीं- लिखित आदेश तक नहीं उठेंगे: धरने पर संघर्ष
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद महिलाओं ने कहा कि वे धरने पर बैठी रहेंगी जब तक व्यापारियों को स्पष्ट आश्वासन नहीं मिलता कि उन्हें उनके मौजूदा घरों और दुकानों से कोई समस्या नहीं होगी।

सौजन्य से:- दैनिक भास्कर
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धरने पर बैठी महिलाएं बोलीं- लिखित आदेश तक नहीं उठेंगे:सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद जगी उम्मीद, कहा-जनप्रतिनिधि आकर दें स्पष्ट आश्वासन
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शास्त्रीनगर प्रकरण में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद लगातार चार महीने से धरने पर बैठी महिलाओं ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। महिलाओं ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद उन्हें उम्मीद की किरण दिखाई दी है।
सेंट्रल मार्केट की महिला राधा ने कहा कि पिछले करीब चार महीने से व्यापारी और बड़ी संख्या में महिलाएं इस मुद्दे को लेकर संघर्ष कर रही हैं। बुधवार की सुनवाई के बाद उन्होंने कहा कि फिलहाल माहौल खुशी का है। उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट में मामले को लेकर उनके अधिवक्ता राहुल ने भी व्यापारियों को लगातार कानूनी लड़ाई के लिए तैयार किया और आंदोलन जारी रखने में सहयोग दिया। उन्होंने कहा कि कोर्ट से जो जानकारी सामने आई है, उससे उन्हें उम्मीद बंधी है, लेकिन अभी लिखित आदेश आना बाकी है। इसलिए व्यापारी जल्दबाजी में अपना धरना खत्म नहीं करेंगे।
राधा ने कहा कि जब तक उन्हें पूरी तरह विश्वास नहीं हो जाता और उनके बीच कोई जनप्रतिनिधि आकर स्पष्ट आश्वासन नहीं देता कि व्यापारी अपने घर और प्रतिष्ठान में रह सकते हैं, तब तक धरना जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि चार महीने की मेहनत के बाद बिना पूरी स्थिति स्पष्ट हुए आंदोलन खत्म करना उचित नहीं होगा। व्यापारियों का कहना है कि 14 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद से अभी तक कोई जनप्रतिनिधि उनके बीच नहीं पहुंचा है। राधा ने उम्मीद जताई कि अब जब मामला सरकार के स्तर पर पहुंचा है तो जनप्रतिनिधि व्यापारियों के बीच आएंगे और उनकी स्थिति को सरकार के सामने रखेंगे। उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद अब सरकार को इस मामले में आगे की नीति तैयार करनी है। ऐसे में व्यापारियों को उम्मीद है कि जनप्रतिनिधि भी उनकी बात सरकार तक पहुंचाएंगे।
राधा ने सरकार से साफ तौर पर कहा कि व्यापारी अपने वर्तमान स्थान पर ही रहना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि शास्त्रीनगर के सेक्टर-2 और सेंट्रल मार्केट में जिन लोगों के घर और दुकानें हैं, उन्हें वहीं रहने दिया जाए। व्यापारियों को न तो उजाड़ा जाए और न ही उन्हें दूसरी जगह भेजा जाए। उन्होंने कहा कि उन्हें पुनर्वास भी नहीं चाहिए, बल्कि वे चाहते हैं कि उनके घर और दुकानें जहां हैं, वहीं रहें।
बुलडोजर की कार्रवाई रुकने की जानकारी मिली
सेंट्रल मार्केट की व्यापारी रुपाली शर्मा ने कहा कि बुधवार की सुनवाई के बाद उन्हें राहत की उम्मीद जगी है। उन्होंने कहा कि उन्हें मिली जानकारी के मुताबिक बुलडोजर की कार्रवाई रोकने की बात सामने आई है और अब मामला उत्तर प्रदेश सरकार के हाथ में है। उनका कहना है कि इससे व्यापारियों को अपनी लड़ाई आगे जारी रखने का मौका मिला है।
रुपाली शर्मा ने कहा कि अभी लिखित आदेश सामने नहीं आया है, इसलिए पूरी स्थिति उसके बाद ही स्पष्ट होगी।उन्होंने कहा कि व्यापारियों को सरकार पर भरोसा है और उम्मीद है कि जल्द ही लिखित आदेश भी सामने आएगा। उनका कहना है कि व्यापारी इस लड़ाई को जीतने की उम्मीद लगाए हुए हैं।
लिखित आदेश से साफ होगी तस्वीर
व्यापारियों की ओर से फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के बुधवार के आदेश को उम्मीद की नजर से देखा जा रहा है। वहीं, दूसरी ओर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक आदेश में सेंट्रल मार्केट, मेरठ के 44 भवनों के ध्वस्तीकरण पर कोई स्पष्ट रोक या राहत दर्ज नहीं है। इसलिए व्यापारियों के धरने और आगे की रणनीति पर भी अंतिम फैसला लिखित आदेश आने के बाद ही साफ होगा।
फिलहाल व्यापारी धरना जारी रखने और सरकार की ओर से अगली कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। उनकी मुख्य मांग है कि उन्हें उनके मौजूदा घरों और दुकानों से न हटाया जाए और सेंट्रल मार्केट को लेकर स्थिति स्पष्ट की जाए।
न्याय 247 न्यूज़ द्वारा प्रस्तुत
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