मधुकम दखल-दिहानी मामला: महादेव उरांव को सुप्रीम कोर्ट से झटका, याचिका खारिज
मधुकम बस्ती में दखल-दिहानी के दौरान घरों को तोड़ने के मामले में महादेव उरांव को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली। उनकी याचिका खारिज हो गई और उन्हें प्रभावित लोगों को राशि देने का निर्देश दिया गया है।

सौजन्य से:- livehindustan.com
मधुकम दखल-दिहानी मामले में महादेव उरांव को सुप्रीम कोर्ट से झटका
महादेव उरांव को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली और उनकी याचिका को खारिज कर दिया गया। यह याचिका झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ थी, जिसमें दखल-दिहानी के दौरान घरों को तोड़ने के मामले में कार्रवाई की प्रक्रिया को समाप्त किया गया था। कोर्ट ने उरांव को प्रभावित लोगों को राशि देने का निर्देश दिया था।
रांची, विशेष संवाददाता। सुखदेवनगर की मधुकम बस्ती में चर्चित दखल-दिहानी मामले में महादेव उरांव को सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिली। झारखंड हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए दायर उनकी याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को खारिज कर दिया। शीर्ष अदालत ने हाईकोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। मामले की सुनवाई जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस मनमोहन की पीठ में हुई। महादेव उरांव ने झारखंड हाईकोर्ट के 31 जुलाई के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। हाईकोर्ट ने मधुकम बस्ती में दखल-दिहानी की प्रक्रिया और उससे संबंधित आदेश को खत्म कर दिया था।
कोर्ट ने वहां कार्रवाई के दौरान घर तोड़े जाने के मामले में भी कड़ा रुख अपनाया था। हाईकोर्ट ने महादेव उरांव को निर्देश दिया था कि जिन 12 लोगों के घर कार्रवाई के दौरान टूटे हैं, उन्हें निर्धारित एक-एक लाख की राशि का भुगतान किया जाए। कोर्ट ने यह राशि इसलिए तय की थी, क्योंकि रिट याचिका दाखिल करते समय महादेव उरांव ने अधिवक्ताओं के साथ हुए समझौते और उन्हें भुगतान की गई राशि की जानकारी अदालत से छिपाई थी। हाईकोर्ट ने इस तथ्य को गंभीरता से लेते हुए उन पर आर्थिक दायित्व भी तय किया था। मामले में महादेव उरांव की ओर से दखल-दिहानी का दावा किया गया था। इसी दावे के आधार पर मधुकम बस्ती में कार्रवाई की गई थी। कार्रवाई के बाद मामला झारखंड हाईकोर्ट पहुंचा, जहां सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए दखल-दिहानी के आदेश को समाप्त कर दिया था। अब सुप्रीम कोर्ट से भी याचिका खारिज होने के बाद हाईकोर्ट का आदेश प्रभावी रहेगा। इसके तहत महादेव उरांव को उन लोगों को राशि का भुगतान करना होगा, जिनके घर दखल-दिहानी की कार्रवाई के दौरान तोड़े गए थे।
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