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कृष्ण जन्मभूमि विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट में वापस भेजने का संकेत दिया

सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया है कि वह कृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद मामला वापस इलाहाबाद हाईकोर्ट भेज सकता है, क्योंकि हाईकोर्ट ने एक अलग मुकदमे में दूसरे हिंदू पक्ष की एक अलग मुकदमे को मानने से इनकार कर दिया. हाईकोर्ट ने कहा कि दूसरे केस में एक अलग हिंदू पक्ष को भगवान कृष्ण के सभी भक्तों का प्रतिनिधि माना गया था, लेकिन दूसरे केस के पक्षकारों को नोटिस जारी नहीं किए गए थे.

12 अगस्त 2026 को 12:56 pm बजे
कृष्ण जन्मभूमि विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट में वापस भेजने का संकेत दिया

सौजन्य से:- ETV Bharat

कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद विवाद: सभी भक्तों का प्रतिनिधित्व कौन करेगा, सुप्रीम कोर्ट ने मामला हाईकोर्ट भेजने के संकेत दिए

श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया कि वह मामले को वापस इलाहाबाद हाईकोर्ट भेज सकता है.

By Sumit Saxena

Published : August 12, 2026 at 5:08 PM IST

नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को संकेत दिया कि वह कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद विवाद में किसका मुकदमा मुख्य मामला होगा, इस बारे में याचिका को वापस इलाहाबाद हाई कोर्ट भेजने पर विचार कर रहा है.

यह मामला जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस संजीव सचदेवा की पीठ के सामने आया. पीठ एक हिंदू पक्ष की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें इलाहाबाद हाई कोर्ट के 2025 के आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें एक अलग मुकदमे में दूसरे हिंदू पक्ष को भगवान कृष्ण के सभी भक्तों का प्रतिनिधि माना गया था.

पीठ ने कहा कि हाई कोर्ट ने दूसरे केस करने वालों को नोटिस जारी नहीं किए, जबकि दूसरे केस में एक दूसरे हिंदू पक्ष को भगवान कृष्ण के सभी भक्तों का प्रतिनिधि माना गया था. पीठ ने कहा कि आवेदन किसी और चीज के लिए थी और सभी अभियोगी को नोटिस जारी नहीं किए गए थे.

पीठ ने कहा, "हम किसी भी हालत में मामले को वापस हाई कोर्ट में भेजना चाहते हैं." पीठ ने मामले की आगे की सुनवाई 2 सितंबर को तय की है."

पिछली सुनवाई का जिक्र करते हुए, पीठ ने कहा कि कुछ वकीलों ने बार में यह बयान दिया था कि अभियोगी (हिंदू पक्ष) के बीच इस बारे में ऑफ-द-रिकॉर्ड बातचीत चल रही थी कि इस मामले में किसका केस लीड केस होगा.

कुछ हिंदू पार्टियों की ओर से पेश हुए एक वकील ने कोर्ट से आग्रह किया कि इस मामले को वापस हाई कोर्ट को भेज दिया जाए ताकि इस मुद्दे पर नए सिरे से फैसला किया जा सके.

सुप्रीम कोर्ट में मस्जिद कमेटी और हिंदू पक्षों की तरफ से अलग-अलग आदेश के खिलाफ कई याचिका दायर की गई हैं, जिसमें हाई कोर्ट के 26 मई, 2023 के आदेश को चुनौती देने वाली एक याचिका भी शामिल है, जिसमें मथुरा कोर्ट में पेंडिंग विवाद से जुड़े सभी मामलों को कोर्ट में ट्रांसफर करने का आदेश दिया गया था.

पिछले साल जुलाई में हाई कोर्ट ने एक और हिंदू पार्टी को, जिसने मथुरा में विवादित जगह से शाही ईदगाह मस्जिद को हटाने के लिए एक अलग केस किया था, सभी भक्तों का प्रतिनिधि माना जाने की इजाजत दी थी.

ये भी पढ़ें- सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक को स्पेशल UAPA कोर्ट के लिए बुनियादी सुविधा देने का निर्देश दिया

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