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सुप्रीम कोर्ट पहुंचे तरुण तेजपाल, हाईकोर्ट की सजा पर स्टे की मांग

तरुण तेजपाल ने हाईकोर्ट के आदेश पर एक हफ्ते की रोक की मांग की है. सजा पर 2:30 बजे सुनवाई होनी है, उससे पहले ही सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई है. उन्होंने हाईकोर्ट के आदेश को रद्द करने और अपनी सजा पर रोक लगाने की मांग की है,

6 अगस्त 2026 को 09:15 am बजे
सुप्रीम कोर्ट पहुंचे तरुण तेजपाल, हाईकोर्ट की सजा पर स्टे की मांग

सौजन्य से:- Aaj Tak News

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तेहलका मैगजीन के संस्थापक संपादक तरुण तेजपाल 2013 के यौन उत्पीड़न मामले में गोवा में बॉम्बे हाईकोर्ट से दोषी ठहराए जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं. उन्होंने हाईकोर्ट के आदेश पर एक हफ्ते की रोक की मांग की है. खास बात यह है कि सजा पर 2:30 बजे सुनवाई होनी है और उससे पहले ही उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.

गोवा में वकील देविदास पांगम ने कहा कि अदालत ने सजा की मात्रा के सवाल पर आरोपी की बात सुन ली है. सजा को लेकर आदेश आज 2:30 बजे दिया जाएगा. हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि पहले का फैसला और आदेश रद्द किया जाता है और तेजपाल को दोषी ठहराया जाता है. अदालत ने यह भी कहा कि सजा पर दलीलें आज ही सुनी जाएंगी.

यह भी पढ़ें: तरुण तेजपाल को बरी करने का आदेश खारिज, बॉम्बे हाईकोर्ट ने रेप केस में दिया दोषी करार

तरुण तेजपाल पर कई धाराओं में केस

अदालत ने तेजपाल को आईपीसी की धाराओं 376(2)(f) और (k), 354A, 354B के तहत दोषी ठहराया. कोर्ट ने कहा कि चूंकि सजा पर दलीलें होनी हैं, इसलिए तब तक उनसे सरेंडर का इंतजार कराया जाएगा. बाद में अदालत ने साफ किया कि अभी उन्हें हिरासत में नहीं लिया जा रहा है और सजा दोपहर में सुनाई जाएगी. कोर्ट ने कहा कि वह दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करेगी.

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हाईकोर्ट से सजा पर नरमी की मांग

तेजपाल की तरफ से वरिष्ठ वकील आबाद पोंडा ने सजा में नरमी की मांग की. उन्होंने कहा कि यह पहला अपराध है, तेजपाल 62 साल के हैं और वरिष्ठ नागरिक हैं, इसलिए कानून के तहत जितनी कम से कम सजा हो सकती है, वही दी जाए. उन्होंने यह भी कहा कि जमानत की कोई गुंजाइश नहीं है, लेकिन ट्रायल कोर्ट और हाईकोर्ट के अलग-अलग निष्कर्षों के बीच सुप्रीम कोर्ट जाने का कानूनी हक है. पोंडा ने छह महीने की अवधि पर भी ध्यान देने और यह देखने को कहा कि कोई गलत आचरण या खराब व्यवहार का मामला नहीं है.

यह भी पढ़ें: गोवा के होटल में वारदात, ट्रायल कोर्ट से राहत और हाई कोर्ट से दोषी करार... तरुण तेजपाल केस की पूरी टाइम लाइन

कोर्ट ने सजा को लेकर तरुण तेजपाल से भी पूछा

अदालत ने पूछा कि क्या तेजपाल खुद सजा पर कुछ कहना चाहते हैं. इस पर तेजपाल ने कहा कि वे 30 साल से तथ्य सामने रखते रहे हैं, लेकिन जाहिर है उसका कोई मतलब नहीं माना गया. उन्होंने कहा कि वह दो बेटियों के पिता हैं, उनकी पत्नी है, और अब वे अपील कर सकते हैं. पोंडा ने आदेश पर रोक की भी मांग की.

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सरकारी पक्ष की तरफ से तुषार मेहता ने कहा कि तेजपाल को हिरासत में भेजा जाए और फिर वह ऊपरी अदालत में जमानत मांग सकते हैं. पोंडा ने जवाब में कहा कि मामला 2013 का है, वह बरी होने के बाद बाहर रहे हैं, आदेश को चुनौती देना चाहते हैं, और अगर अदालत कहेगी तो वह जेल भी जाएंगे. अब नजर 2:30 बजे होने वाली सजा पर सुनवाई और सुप्रीम कोर्ट में दायर उनकी एक हफ्ते की रोक वाली याचिका पर है.

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