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68 वर्षीय विधवा मां को छोड़ने के लिए इकलौते बेटे पर दबाव बनाना मानसिक क्रूरता: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि पत्नी द्वारा अपने पति पर बार-बार इस बात का दबाव बनाना कि वह अपनी 68 वर्षीय विधवा मां को छोड़कर अलग घर में रहे, मानसिक क्रूरता है। ऐसी स्थिति में पति हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 13 के तहत तलाक पाने का हकदार है। जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस इंद्रजीत शुक्ला की खंडपीठ ने कहा, “ अपने जीवन के अंतिम पड़ाव में पहुंच चुकी अपीलकर्ता की मां को उसके बेटे के साथ से वंचित करने का प्रयास प्रतिवादी की ओर से किया गया क्रूर कृत्य है।” मामले में पति और पत्नी का विवाह 17

14 अक्टूबर 2026 को 06:53 am बजे
68 वर्षीय विधवा मां को छोड़ने के लिए इकलौते बेटे पर दबाव बनाना मानसिक क्रूरता: इलाहाबाद हाईकोर्ट

सौजन्य से:- लाइव लॉ हिंदी

स्रोत संक्षेप

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि पत्नी द्वारा अपने पति पर बार-बार इस बात का दबाव बनाना कि वह अपनी 68 वर्षीय विधवा मां को छोड़कर अलग घर में रहे, मानसिक क्रूरता है। ऐसी स्थिति में पति हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 13 के तहत तलाक पाने का हकदार है। जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस इंद्रजीत शुक्ला की खंडपीठ ने कहा, “ अपने जीवन के अंतिम पड़ाव में पहुंच चुकी अपीलकर्ता की मां को उसके बेटे के साथ से वंचित करने का प्रयास प्रतिवादी की ओर से किया गया क्रूर कृत्य है।” मामले में पति और पत्नी का विवाह 17

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