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तमिलनाडु के सीएम को बड़ी राहत, करूर भगदड़ के पीड़ित परिवारों को नौकरी देने के लिए हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगाई

सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार की ओर से मद्रास हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने का आदेश दिया। इसका मतलब यह है कि अब तमिलनाडु सरकार करूर भगदड़ के पीड़ित परिवारों को नौकरी दे सकती है।

14 अगस्त 2026 को 06:59 am बजे
तमिलनाडु के सीएम को बड़ी राहत, करूर भगदड़ के पीड़ित परिवारों को नौकरी देने के लिए हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगाई

सौजन्य से:- नवभारत टाइम्स

सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को तमिलनाडु की थलपति सी जोसेफ विजय की टीवीके सरकार को बहुत बड़ी जीत मिली है। अब तमिलनाडु सरकार करूर भगदड़ के पीड़ित परिवारों को नौकरियां दे सकेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी है।

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलपति सी जोसेफ विजय को निजी तौर पर बहुत राहत दी है। सर्वोच्च अदालत ने शुक्रवार (14 अगस्त, 2026) को करूर भगदड़ हादसे के पीड़ित परिवारों को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति देने पर रोक लगाने वाले मद्रास हाई कोर्ट के आदेश को रोक दिया है।

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच ने तमिलनाडु सरकार की ओर से मद्रास हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के बाद यह अंतरिम आदेश जारी किया है।

'हाई कोर्ट कैसे दखल दे सकता है?'

इस केस में तमिलनाडु सरकार की ओर से कांग्रेस नेता और सीनियर वकील अभिषेक मनु सिंघवी और सीनियर वकील मुकुल रोहतगी पेश हुए।

लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि 'अगर सरकार मौत के बाद अनुच्छेद 162 के तहत नीतिगत फैसले से कुछ देना (दया के आधार पर नौकरी) चाहती है, तो हाई कोर्ट कैसे दखल दे सकता है? '

'यहां राजनीति मत लाइए'

इस दौरान एक राजनीतिक दल की ओर से एडवोकेट वेलन ने कहा कि अनुकंपा के आधार पर नौकरी राज्य की मर्जी से नहीं हो सकती।

उन्होंने दलील दी कि जो पार्टी भगदड़ के लिए जिम्मेदार थी, वही आज राज्य में सत्ता में है।

उनके मताबिक इसलिए यह 'हितों के टकराव' का मामला है।

जब अदालत ने पूछा कि वह किसकी ओर से पेश हो रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि एक राजनीतिक दल की ओर से।

इसपर जस्टिस पारदीवाला ने सवाल किया कि यहां राजनीतिक दल का क्या रोल है।

इसपर जस्टिस चंद्रन ने कहा, 'यहां राजनीति मत लाइए।'

(खबर अपडेट हो रही है)

लेखक के बारे मेंअंजन कुमारअंजन कुमार, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में असिस्टेंट एडिटर हैं और पिछले 24 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता कर रहे हैं। अंजन अप्रैल 2025 में नवभारत टाइम्स ऑनलाइन से जुड़े और बीते 10 वर्षों से डिजिटल मीडिया में राजनीति,चुनाव, जुडिशरी, डिफेंस, विदेश,करेंट अफेयर्स और बिजनेस जैसे विषयों पर लिख रहे हैं। डिजिटल मीडिया से जुड़ने के शुरुआती वर्षों में ये देश की एक टॉप लीडरशिप के आधिकारिक और राजनीतिक भाषणों और उनके पुस्तकों के संपादन कार्यों में भी योगदान दे चुके हैं। इन्होंने करियर का आरंभ टेलीविजन पत्रकारिता से किया और 14 वर्षों तक विभिन्न टीवी न्यूज चैनलों में सेवाएं दीं। इस कार्यकाल में इन्होंने सहारा समय नेशनल न्यूज चैनल पर 2006 में कन्या भ्रूण हत्या पर किए गए एक ऐतिहासिक स्टिंग ऑपरेशन पर बने'कोख में कत्ल' प्रोग्राम सीरीज को प्रोड्यूस किया, जो उन दिनों भारतीय संसद में भी छाया रहा। यहीं पर इन्होंने अगले ही साल पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम आंदोलन से जुड़े कार्यक्रमों पर न्यूज सीरीज बनाए, जिसकी देश की मीडिया में काफी चर्चा हुई। आगे के वर्षों में इसी चैनल पर 'मुर्दा, मवेशी, माफिया' प्रोग्राम सीरिज को भी पेश किया, जो दिल्ली-एनसीआर में मरे हुए मवेशियों का मांस बेचने वाली माफिया के खतरनाक स्टिंग ऑपरेशन पर आधारित था। ये 2002 के गुजरात विधानसभा चुनाव और 2004 के आम चुनावों से लेकर 2024 के आम चुनावों और 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव तक को टीवी और डिजिटल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म के लिए कवर कर चुके हैं।... और पढ़ें

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