मनीषा मौत मामले में नया मोड़: पंचकूला अदालत में सुनवाई
मनीषा मौत मामले में सीबीआई विशेष अदालत में सुनवाई हो रही है, जहां मनीषा के पिता संजय और अन्य परिजन मौजूद हैं। सीबीआई की ओर से दाखिल की गई क्लोजर रिपोर्ट पर चर्चा होगी। मनीषा के पिता संजय ने कहा कि वे न्याय मिलने तक चुप नहीं बैठेंगे।

सौजन्य से:- अमर उजाला
मनीषा मौत मामला: पंचकूला की सीबीआई विशेष अदालत में पहुंचा पिता संजय, क्लोजर रिपोर्ट पर होगी चर्चा
शुक्र, 14 अगस्त 2026 10:50 पूर्वाह्न भारतीय समय
नवीन
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)
प्रकाशितकर्ता: नवीन
अद्यतन किया गया शुक्र, 14 अगस्त 2026 10:50 पूर्वाह्न भारतीय समय
सार
सीबीआई की विशेष अदालत क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करने के संबंध में मनीषा के परिजनों से भी उनकी संतुष्टी के बारे में पूछ सकती है। वहीं मनीषा के पिता संजय का कहना है कि वह बेटी की मौत को न्याय दिलाने तक चुप नहीं बैठेंगे।
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मनीषा मौत मामले में एक साल बीत जाने के बाद आखिर वो घड़ी आ गई जब मौत का खुलासा होने जा रहा है। हालांकि सीबीआई की तरफ से मनीषा मौत मामले की जांच नौ माह में पूरी कर 12 अगस्त को क्लोजर यानी अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी थी। जिस पर शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे पंचकूला में सीबीआई की विशेष अदालत में सुनवाई होगी। इस अदालत में मनीषा के पिता संजय सहित तीन अन्य प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे।
विज्ञापन
सीबीआई की विशेष अदालत क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करने के संबंध में मनीषा के परिजनों से भी उनकी संतुष्टी के बारे में पूछ सकती है। वहीं मनीषा के पिता संजय का कहना है कि वह बेटी की मौत को न्याय दिलाने तक चुप नहीं बैठेंगे। सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट का अवलोकन के उपरांत ही आगे का फैसला लेंगे। अगर वे सीबीआई की जांच से संतुष्ट नहीं हुए तो फिर न्यायालय में गुहार लगाई जाएगी।
विज्ञापन
न्याय 247 न्यूज़ द्वारा प्रस्तुत
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने खड़गे ट्रस्ट मामले में लोकायुक्त से जवाब मांगा

बाल मजदूरी पर दिल्ली हाई कोर्ट का सख्त रुख, आपसी समझौते से नहीं हो सकता मामला खत्म

उड़ीसा उच्च न्यायालय ने बच्चों के साथ पुलिस कार्रवाई पर गंभीर आपत्ति व्यक्त की! जानें किन मामलों ने जोड़े खाद

पुलिस की लापरवाही: गंभीर अपराध के आरोपी को मिली डिफॉल्ट बेल

सुप्रीम कोर्ट ने सीएम चंद्रबाबू नायडू के खिलाफ अमरावती भूमि पूलिंग मामले को रद्द करने को बरकरार रखा

न्यायमूर्ति सूर्यकांत के विरोध के लिए एन. ए. एल. एस. ए. आर. छात्रों के खिलाफ भारी कार्रवाई

व्हाइट हाउस बॉलरूम परियोजना को पुनर्जीवित करने के लिए ट्रम्प प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की

सुप्रीम कोर्ट ने जारी की न्यायिक भाषा की हैंडबुक, अब यौन अपराधों में संवेदनशीलता पर जोर
ताज़ा ख़बरें
- बीसीआई द्वारा छात्रों के खिलाफ हस्तक्षेप पर सीजेआई की आलोचना
- पूर्व पुलिस वालों को मुसीबत, अब खाकी की कीमत चुकानी होगी
- सुप्रीम कोर्ट ने कुकी मैतेई समूहों से कहा, शांति बहाल करने के लिए सोचें
- नैनीताल में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत
- सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: कॉमेडियन समय रैना और अन्य के खिलाफ मामला बंद
- सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी के नफरत फैलाने वाले भाषण का मामला खारिज किया
- सुप्रीम कोर्ट का निर्णय: चंद्रबाबू नायडू के खिलाफ जमीन घोटाला केस रद्द, राजनीतिक लड़ाइयां अदालत में नहीं लड़ी जानी चाहिए: SC
- समय रैना को मुक्ति: सुप्रीम कोर्ट ने विकलांगों का मजाक उड़ाने के वीडियो पर एफआईआर रद्द की

