अदालत ने विवेचक को तलब किया, पेंशन खाते पर रोक हटाने के मामले में पूछताछ
अदालत ने विवेचक आशुतोष तिवारी को तलब किया है, जिसमें उनसे पेंशन बैंक खाता पर लगी रोक हटाने के मामले में पूछताछ की जाएगी।

सौजन्य से:- अमर उजाला
अदालत: सुभाष के पेंशन खाता पर रोक के मामले में विवेचक से होगी पूछताछ
बुध, 12 अगस्त 2026 12:15 पूर्वाह्न भारतीय समय
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
अद्यतन बुध, 12 अगस्त 2026 12:15 पूर्वाह्न भारतीय समय
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अयोध्या। जेल में निरुद्ध राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपी सुभाष श्रीवास्तव के पेंशन बैंक खाते पर लगी रोक हटाने के मामले में अदालत ने विवेचक को तलब किया है। विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कोर्ट रजत वर्मा ने बैंक खाते में जमा विभिन्न धनराशियों के संबंध में स्थिति स्पष्ट करने के लिए विवेचक सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी से पूछताछ का आदेश दिया है। साथ ही बैंक खाता सत्यापन की कार्रवाई पूरी कर 13 अगस्त को लिखित आख्या अदालत में प्रस्तुत करने को कहा है।
मंगलवार को विवेचक आशुतोष तिवारी ने सुभाष श्रीवास्तव के पेंशन बैंक खाते पर लगी रोक हटाने संबंधी प्रार्थना पत्र पर अपनी आपत्ति दाखिल की। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष अभियोजन अधिकारी संजय दूबे और आरोपी की ओर से डिप्टी चीफ कुलशेखर सिंह ने पक्ष रखा।
विवेचक की ओर से दाखिल आपत्ति में कहा गया है कि क्षितिज श्रीवास्तव द्वारा आरोपी सुभाष श्रीवास्तव के खाते में भेजी गई एक लाख रुपये की धनराशि के सत्यापन की कार्रवाई चल रही है। इसके अलावा पेंशन खाते में दो फरवरी को पांच लाख रुपये का चेक लगाया गया था, लेकिन धनराशि खाते में जमा नहीं हुई और चेक वापस हो गया।
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आपत्ति के अनुसार, छह मार्च को बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते से आरटीजीएस के माध्यम से पांच लाख रुपये सुभाष श्रीवास्तव के पेंशन खाते में जमा किए गए। इसके अगले दिन क्षितिज श्रीवास्तव के खाते से भी एक लाख रुपये की धनराशि आई। 24 मार्च को भारतीय जीवन बीमा निगम की ओर से 86,760 रुपये जमा किए गए। इसके अगले दिन किसान क्रेडिट कार्ड लोन के माध्यम से 1.53 लाख रुपये सुभाष श्रीवास्तव के पेंशन खाते में जमा हुए।
अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद पेंशन खाते में जमा धनराशि की स्थिति और स्पष्ट करने के लिए विवेचक से पूछताछ को जरूरी माना। न्यायालय ने 13 अगस्त की तारीख नियत करते हुए विवेचक को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का आदेश दिया है।
आरोपी सुभाष श्रीवास्तव ने 18 जुलाई को अदालत में प्रार्थना पत्र देकर पेंशन बैंक खाता संचालित करने की अनुमति दिए जाने की मांग की थी। इसी प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के दौरान खाते में जमा विभिन्न धनराशियों को लेकर उठे सवालों के जवाब के लिए विवेचक को तलब किया गया है।
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मंगलवार को विवेचक आशुतोष तिवारी ने सुभाष श्रीवास्तव के पेंशन बैंक खाते पर लगी रोक हटाने संबंधी प्रार्थना पत्र पर अपनी आपत्ति दाखिल की। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष अभियोजन अधिकारी संजय दूबे और आरोपी की ओर से डिप्टी चीफ कुलशेखर सिंह ने पक्ष रखा।
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विवेचक की ओर से दाखिल आपत्ति में कहा गया है कि क्षितिज श्रीवास्तव द्वारा आरोपी सुभाष श्रीवास्तव के खाते में भेजी गई एक लाख रुपये की धनराशि के सत्यापन की कार्रवाई चल रही है। इसके अलावा पेंशन खाते में दो फरवरी को पांच लाख रुपये का चेक लगाया गया था, लेकिन धनराशि खाते में जमा नहीं हुई और चेक वापस हो गया।
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आपत्ति के अनुसार, छह मार्च को बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते से आरटीजीएस के माध्यम से पांच लाख रुपये सुभाष श्रीवास्तव के पेंशन खाते में जमा किए गए। इसके अगले दिन क्षितिज श्रीवास्तव के खाते से भी एक लाख रुपये की धनराशि आई। 24 मार्च को भारतीय जीवन बीमा निगम की ओर से 86,760 रुपये जमा किए गए। इसके अगले दिन किसान क्रेडिट कार्ड लोन के माध्यम से 1.53 लाख रुपये सुभाष श्रीवास्तव के पेंशन खाते में जमा हुए।
अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद पेंशन खाते में जमा धनराशि की स्थिति और स्पष्ट करने के लिए विवेचक से पूछताछ को जरूरी माना। न्यायालय ने 13 अगस्त की तारीख नियत करते हुए विवेचक को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का आदेश दिया है।
आरोपी सुभाष श्रीवास्तव ने 18 जुलाई को अदालत में प्रार्थना पत्र देकर पेंशन बैंक खाता संचालित करने की अनुमति दिए जाने की मांग की थी। इसी प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के दौरान खाते में जमा विभिन्न धनराशियों को लेकर उठे सवालों के जवाब के लिए विवेचक को तलब किया गया है।
न्याय 247 न्यूज़ द्वारा प्रस्तुत
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