गुड़गांव के जेल लोक सुनवाई में दो कैदी मुक्त
गुड़गांव के जिला कारागार भोंडसी में आयोजित जेल लोक अदालत ने दो विचाराधीन बंदियों के मामलों को सौहार्दपूर्वक सुलझाया और उन्हें तुरंत रिहा कर दिया। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने लीगल एड क्लिनिक का निरीक्षण किया, मुफ्त वकील सहायता तथा अन्य जेल सुविधाओं की जानकारी दी।

सौजन्य से:- Hindustan
Gurgaon News: लोक अदालत में दो विचाराधीन बंदियों को मिली रिहाई
Gurgaon News: - जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के तत्वावधान में आयोजित अदालत लोक अदालत में दो बंदियों को मिली रिहाई
Gurgaon News: गुरुग्राम, कृष्ण कुमार। जिला कारागार भोंडसी में बुधवार को जेल लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस जेल लोक अदालत के दौरान दो विचाराधीन बंदियों के मामलों का सौहार्दपूर्ण तरीके से निपटारा किया गया, जिसके बाद उन्हें तुरंत रिहा कर दिया गया।
जेल में न्यायिक सेवाएं
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव, जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण, गुरुग्राम, निशा ने जिला कारागार का दौरा कर वहाँ बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही विधिक (कानूनी) सेवाओं का जायजा लिया। उन्होंने बंदियों को संबोधित करते हुए बताया कि जेल लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य छोटे मामलों में फंसे विचाराधीन बंदियों के मामलों का शीघ्र निपटारा कर उन्हें आवश्यक कानूनी राहत प्रदान करना है। उन्होंने बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों, मुफ्त विधिक सहायता और अधिवक्ता की सुविधा के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।
लीगल एड क्लिनिक और बुनियादी सुविधाओं का निरीक्षण
दौरे के दौरान मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने जिला कारागार में जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण द्वारा संचालित 'लीगल एड क्लिनिक' का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बंदियों को बताया कि वे एक साधारण प्रार्थना-पत्र के माध्यम से मुफ्त अधिवक्ता की सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा, उन्होंने बंदियों की अपने परिवार से मुलाकात, महिला बंदियों की समस्याओं, चिकित्सीय सुविधाओं, साक्षरता, खेलकूद, स्वच्छता, रहन-सहन और खान-पान से जुड़ी व्यवस्थाओं की भी बारीकी से जानकारी ली और जेल प्रशासन को उचित दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बंदियों को अवगत कराया कि आपातकालीन राष्ट्रीय कानूनी सहायता हेल्पलाइन नंबर 15100 पर संपर्क करके कोई भी नागरिक घर बैठे मुफ्त कानूनी सहायता प्राप्त कर सकता है। इस अवसर पर जेल अधीक्षक संदीप शर्मा, उप अधीक्षक अनिल, जेल स्टाफ, पैनल अधिवक्ता और विधिक सेवा प्राधिकरण से जुड़े अधिकारी व अधिवक्ता प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
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