राजपाल यादव ने सुप्रीम कोर्ट में 1.15 करोड़ जमा किए, बाकी भुगतान का भरोसा दिया
राजपाल यादव ने चेक बाउंस मामले में सुप्रीम कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होते हुए 1.15 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट सौंपा और शेष राशि के भुगतान की समयसीमा बताने को कहा गया। जजों ने उन्हें आर्थिक नुकसान को पाटते हुए एक अच्छी फिल्म बनाकर जनता का मनोरंजन करने की सलाह भी दी, जबकि भुगतान न होने पर सजा दो साल तक बढ़ाने की चेतावनी भी दी गई।

सौजन्य से:- ABP News
चेक बाउंस केस : राजपाल यादव ने सुप्रीम कोर्ट में जमा किए 1.15 करोड़, बाकी रकम के भुगतान का दिया भरोसा
चेक बाउंस केस में राजपाल यादव मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए. इस दौरान जजों ने उनसे कहा कि वह एक अच्छी फिल्म बना कर लोगों का मनोरंजन करें.
चेक बाउंस मामले में अभिनेता राजपाल यादव मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश हुए. जजों ने उनकी तरफ से सौंपे गए 1 करोड़ 15 लाख के डिमांड ड्राफ्ट को स्वीकार किया और उनसे बाकी रकम के भुगतान की समय सीमा भी बताने को कहा. इस दौरान जजों ने उनसे यह भी कहा कि वह एक अच्छी फिल्म बना कर लोगों का मनोरंजन करें.
कोर्ट को सौंपा ड्राफ्ट
15 सितंबर को कोर्ट ने उनसे अगली सुनवाई में कम से कम 2 करोड़ रुपए का ड्राफ्ट सौंपने को कहा था. 5 अक्टूबर को उनकी तरफ से सिर्फ 50 लाख का ड्राफ्ट लाया गया. इस पर कोर्ट ने उन्हें जेल भेजने की चेतावनी दी थी. बुधवार, 7 अक्टूबर को हुई सुनवाई में उन्होंने 1.15 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट पेश किया. साथ ही, 13 अक्टूबर को 85 लाख रुपये RTGS के जरिए जमा करने का भरोसा दिया.
'16 सावन झेल के' नाम की फिल्म बनाऊंगा : राजपाल
चीफ जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच ने राजपाल यादव से सीधी बातचीत भी की. राजपाल ने कोर्ट को बताया कि 16 साल पुराने इस मामले से उनका सम्मान प्रभावित हुआ है और उन्हें आर्थिक नुकसान भी हुआ है. उन्होंने कहा कि जिस फिल्म 'अता-पता लापता' का यह मामला है, वह किसी थिएटर में रिलीज नहीं हो सकी थी. खुद उन्हें इसमें करीब 17 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ.
इस पर चीफ जस्टिस सूर्य कांत ने उन्हें अच्छी फिल्म बनाकर लोगों का मनोरंजन करने और अपनी छवि सुधारने की सलाह दी. राजपाल ने मजाकिया अंदाज में कहा कि अगली फिल्म का नाम 'सोलह सावन झेल के' रखा है. इससे कोर्ट का माहौल हल्का हो गया.
पितृ पक्ष के चलते रुकी है बिक्री
राजपाल यादव के वकील ने कोर्ट को बताया कि अभिनेता लगभग 30 करोड़ रुपए की पुश्तैनी संपत्ति बेचने की कोशिश कर रहे हैं. उन्हें एक खरीदार से 85 लाख रुपये एडवांस के तौर पर मिलने हैं. पितृ पक्ष के कारण फिलहाल यह भुगतान नहीं हो रहा है. नवरात्रि शुरू होने के बाद 13 अक्टूबर को खरीदार यह रकम RTGS के जरिए जमा कर देंगे.
हाई कोर्ट ने क्या सज़ा दी थी?
2010 में राजपाल यादव ने फिल्म 'अता-पता लापता' के लिए दिल्ली की कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स से करीब 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था. कर्ज वापसी के 7 चेक बाउंस होने पर कंपनी ने अदालत का रुख किया.
निचली अदालत के बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने भी राजपाल को मामले में दोषी ठहराया. 10 जुलाई 2026 को दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें चेक बाउंस के हर मामले के लिए अलग-अलग 1.35 करोड़ रुपया जुर्माना भरने के लिए कहा. साथ ही, 3 महीने की जेल की सजा भी दी.
सुप्रीम कोर्ट ने दी सज़ा बढ़ाने की दी चेतावनी
8 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव को जेल जाने से अंतरिम राहत देते हुए 5 करोड़ रुपये रजिस्ट्री में जमा करने को कहा था. 15 सितंबर को राजपाल शुरू में 2 करोड़ रुपये जमा करने का प्रस्ताव दिया. फिलहाल 2 करोड़ के भुगतान की प्रक्रिया जारी है. इसके बाद आगे के भुगतान पर चर्चा होगी. बुधवार को हुई सुनवाई में बेंच के सदस्य जस्टिस जोयमाल्या बागची ने राजपाल को यह चेतावनी भी दी कि वह इसे सिर्फ 3 महीने की सज़ा न समझें. सज़ा को बढ़ा कर 2 साल भी किया जा सकता है.
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