सुप्रीम कोर्ट में तीन नए जज, महिला जजों की संख्या अब सिर्फ तीन
६ अक्टूबर को जस्टिस सुनीता अग्रवाल, देवेंद्र कुमार उपाध्याय और अपारेश कुमार सिंह ने ईश्वर के नाम शपथ ली, जिससे सुप्रीम कोर्ट के कुल जज ३७ हो गए। सुनीता अग्रवाल १३वीं महिला जज बनकर महिला जजों की संख्या को तीन तक सीमित कर देती हैं, जबकि एक पद अभी खाली है।

सौजन्य से:- Jagran
सुप्रीम कोर्ट के तीन नए जजों ने ईश्वर के नाम पर ली शपथ, SC में 37 जजों में सिर्फ 3 महिलाएं
सुप्रीम कोर्ट के तीन नए जजों - जस्टिस सुनीता अग्रवाल, देवेंद्र कुमार उपाध्याय और अपारेश कुमार सिंह ने शपथ ली, ...और पढ़ें
HighLights
- तीन नए जजों ने सुप्रीम कोर्ट में ईश्वर के नाम शपथ ली।
- जस्टिस सुनीता अग्रवाल 13वीं महिला जज, अब कुल तीन महिला जज।
- सुप्रीम कोर्ट में जजों की कुल संख्या बढ़कर 37 हो गई।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के तीन नए जजों ने मंगलवार, 6 अक्टूबर को ईश्वर के नाम की शपथ ली। इन जजों की सूची में जस्टिस सुनीता अग्रवाल, देवेंद्र कुमार उपाध्याय और अपारेश कुमार सिंह हैं।
CJI सूर्य कांत ने तीनों नए जजों को शपथ दिलाई। जस्टिस सुनीता अग्रवाल गुजरात हाई कोर्ट की जज रह चुकी हैं। जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय दिल्ली हाई कोर्ट के जज और जस्टिस अपारेश कुमार सिंह तेलंगाना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रह चुके हैं।
शपथ ग्रहण समारोह में सुप्रीम कोर्ट के जज, अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और अन्य सीनियर वकील मौजूद थे।
सुप्रीम कोर्ट के 37 जजों में तीन महिलाएं
सुप्रीम कोर्ट में तीन नए जजों की शामिल होने से जजों की संख्या 37 हो गई है। सुप्रीम कोर्ट के जजों में शामिल होने वाली जस्टिस सुनीता अग्रवाल 13वीं महिला जज हैं। अब शीर्ष अदालत में महिला जजों की संख्या तीन हो गई है।
जस्टिस सुनीता अग्रवाल के अलावा अब बाकी दो महिला जज जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस वी. मोहना हैं। जस्टिस बी.वी. नागरत्ना अगले साल 24 सितंबर को पहली महिला CJI बनने वाली हैं।
जस्टिस एन.वी. रमना के कार्यकाल के दौरान, सुप्रीम कोर्ट में एक साथ सबसे ज्यादा चार महिला जज थीं। जस्टिस इंदिरा बनर्जी, नागरत्ना, हिमा कोहली और बेला एम. त्रिवेदी।
इन जजों में से आखिरी तीन ने 31 अगस्त, 2021 को शपथ ली थी। जहां जस्टिस रमना की अगुवाई वाले कॉलेजियम ने तीन महिला जजों की नियुक्ति की सिफारिश की थी, वहीं CJI सूर्यकांत की अगुवाई वाले मौजूदा कॉलेजियम ने अब तक दो महिला जजों की नियुक्ति की है।
1989 में पहली महिला जज ने ली थी शपथ
सुप्रीम कोर्ट की स्थापना के 39 साल बाद, 6 अक्टूबर 1989 को जस्टिस एम. फातिमा बीवी ने शपथ ली थी और वो देश की सर्वोच्च अदालत की महिला जज बनी थीं।
जस्टिस बीवी 29 अप्रैल 1989 को केरल हाई कोर्ट से रिटायर हुई थीं, लेकिन रिटायरमेंट के पांच महीने बाद उन्हें सुप्रीम कोर्ट में प्रमोट किया गया।
सुप्रीम कोर्ट की अन्य महिला जजों में जस्टिस सुजाता वी. मनोहर, रूमा पाल, ज्ञान सुधा मिश्रा, रंजना पी. देसाई, आर. भानुमति और इंदु मल्होत्रा शामिल थीं।
सुप्रीम कोर्ट में जजों की कुल संख्या 38
शुरुआत में 16 मई को एक ऑर्डिनेंस के जरिए CJI समेत सुप्रीम कोर्ट के जजों की संख्या 34 से बढ़ाकर 38 कर दी गई थी। इसके बाद संसद ने संबंधित अमेंडमेंट एक्ट पास किया, जिसे 11 अगस्त को राष्ट्रपति की मंजूरी मिली।
सुप्रीम कोर्ट में तीन जजों के शामिल होने से मौजूदा समय में 37 जज हैं। वहीं एक स्थान अभी भी खाली है।
अगस्त 2019 में, CJI रंजन गोगोई के कार्यकाल के दौरान, CJI समेत सुप्रीम कोर्ट के जजों की मंजूर संख्या 31 से बढ़ाकर 34 कर दी गई थी।
यह भी पढ़ें- CEC नियुक्ति कानून पर फैसले को वापस लेने की याचिका पर सीजेआई करेंगे फैसला
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