होम›अपराध›सुप्रीम कोर्ट ने हिरासत में मौत मामले में पुलिस को नाराज किया, CBI को सौंपा जांच का, मुआवजे का आदेश
अपराध

सुप्रीम कोर्ट ने हिरासत में मौत मामले में पुलिस को नाराज किया, CBI को सौंपा जांच का, मुआवजे का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने हिरासत में मौत के बाद पुलिस की लापरवाही पर नाराजगी जताई और जांच सीबीआई को सौंप दी है। साथ ही कोर्ट ने मृतक के परिवार को 25 लाख रुपये का अंतरिम मुआवजा देने का आदेश दिया है।

12 अगस्त 2026 को 07:57 am बजे
सुप्रीम कोर्ट ने हिरासत में मौत मामले में पुलिस को नाराज किया, CBI को सौंपा जांच का, मुआवजे का आदेश

सौजन्य से:- एबीपी न्यूज़

हिरासत में मौत की FIR लिखने में पुलिस की देरी से SC नाराज, CBI को सौंपा केस, मुआवजे का आदेश

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में हिरासत में मौत के बाद पुलिस की लापरवाही को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई है. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी है. साथ ही मुआवजा देने का ऐलान किया है.

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में श्रवण सूर्यवंशी की जेल में मौत मामले की जांच अब सीबीआई करेगी. सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस के कामकाज पर कड़ी नाराजगी जताते हुए जांच सीबीआई को सौंप दी है. जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने मामले में ढाई साल तक एफआईआर दर्ज नहीं करने पर गंभीर सवाल उठाए हैं.

क्या है मामला?

18 जनवरी 2024 को बिलासपुर जिले के सीपत थाने की पुलिस ने 34 साल के श्रवण सूर्यवंशी को गिरफ्तार किया था. यह उनकी किराने की दुकान में बिक्री के लिए 1200 रुपए की कच्ची महुआ शराब रखने के आरोप में हुई थी. गिरफ्तारी के बाद उन्हें बिलासपुर सेंट्रल जेल भेज दिया गया. 21 जनवरी को तबीयत बिगड़ने पर उन्हें सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया. 22 जनवरी की सुबह इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.

सिर पर चोट से मौत

श्रवण की मौत के बाद सीजेएम, बिलासपुर के निर्देश पर मौत की जांच कराई गई. इस जांच में मौत का कारण सिर में लगी गंभीर चोट को बताया गया. इसके बाद श्रवण के परिवार ने पुलिसकर्मियों और जेल अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की. उन्होंने 50 लाख रुपये मुआवजे की भी मांग की.अक्टूबर, 2024 में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने परिवार को एक लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया था.

सुप्रीम कोर्ट पहुंचा परिवार

श्रवण की पत्नी लहरा बाई और उनकी 8 और 10 साल की नाबालिग बेटियों ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के आदेश पर असंतोष जताते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया. 28 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने मामले में अब तक एफआईआर दर्ज न होने पर सवाल उठाए. कोर्ट ने राज्य के गृह विभाग के प्रमुख सचिव और डीजीपी को 4 अगस्त को वीडियो कांफ्रेंसिंग के ज़रिए पेश होने का आदेश दिया. कोर्ट की इस सख्ती के बाद 30 अगस्त को मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई.

सीबीआई जांच और अंतरिम मुआवजा

बुधवार, 12 अगस्त को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने एफआईआर दर्ज होने में ढाई साल की देरी पर सवाल उठाए. जजों ने कहा मामले की जांच का ज़िम्मा पुलिस के पास बनाए रखना न्यायसंगत नहीं लगता. इसके बाद कोर्ट ने जांच सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया. जजों ने यह भी कहा कि मृतक अपने परिवार का इकलौता कमाऊ सदस्य था. कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार से कहा कि वह परिवार को फिलहाल 25 लाख रुपए का अंतरिम मुआवजा दे. अंतिम मुआवजा राशि पर बाद में फैसला किया जाएगा.

न्याय 247 न्यूज़ द्वारा प्रस्तुत

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने खड़गे ट्रस्ट मामले में लोकायुक्त से जवाब मांगा
अपराध

कर्नाटक उच्च न्यायालय ने खड़गे ट्रस्ट मामले में लोकायुक्त से जवाब मांगा

बाल मजदूरी पर दिल्ली हाई कोर्ट का सख्त रुख, आपसी समझौते से नहीं हो सकता मामला खत्म
अपराध

बाल मजदूरी पर दिल्ली हाई कोर्ट का सख्त रुख, आपसी समझौते से नहीं हो सकता मामला खत्म

उड़ीसा उच्च न्यायालय ने बच्चों के साथ पुलिस कार्रवाई पर गंभीर आपत्ति व्यक्त की! जानें किन मामलों ने जोड़े खाद
अपराध

उड़ीसा उच्च न्यायालय ने बच्चों के साथ पुलिस कार्रवाई पर गंभीर आपत्ति व्यक्त की! जानें किन मामलों ने जोड़े खाद

पुलिस की लापरवाही: गंभीर अपराध के आरोपी को मिली डिफॉल्ट बेल
अपराध

पुलिस की लापरवाही: गंभीर अपराध के आरोपी को मिली डिफॉल्ट बेल

सुप्रीम कोर्ट ने सीएम चंद्रबाबू नायडू के खिलाफ अमरावती भूमि पूलिंग मामले को रद्द करने को बरकरार रखा
अपराध

सुप्रीम कोर्ट ने सीएम चंद्रबाबू नायडू के खिलाफ अमरावती भूमि पूलिंग मामले को रद्द करने को बरकरार रखा

न्यायमूर्ति सूर्यकांत के विरोध के लिए एन. ए. एल. एस. ए. आर. छात्रों के खिलाफ भारी कार्रवाई
अपराध

न्यायमूर्ति सूर्यकांत के विरोध के लिए एन. ए. एल. एस. ए. आर. छात्रों के खिलाफ भारी कार्रवाई

व्हाइट हाउस बॉलरूम परियोजना को पुनर्जीवित करने के लिए ट्रम्प प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की
अपराध

व्हाइट हाउस बॉलरूम परियोजना को पुनर्जीवित करने के लिए ट्रम्प प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की

सुप्रीम कोर्ट ने जारी की न्यायिक भाषा की हैंडबुक, अब यौन अपराधों में संवेदनशीलता पर जोर
अपराध

सुप्रीम कोर्ट ने जारी की न्यायिक भाषा की हैंडबुक, अब यौन अपराधों में संवेदनशीलता पर जोर

ताज़ा ख़बरें