होम›फैसले›अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प की तीसरे देश में डिपोर्टेशन नीति को फिर से मंजूरी दी
फैसले

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प की तीसरे देश में डिपोर्टेशन नीति को फिर से मंजूरी दी

सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प प्रशासन को मेक्सिको, रवांडा और सूडान समेत 29 तीसरे देशों में 25,000 से अधिक प्रवासियों को भेजने की अनुमति दी, जबकि निचली अदालत ने इसे अवैध घोषित किया था। नीति के तहत अपने मूल देश में लौटाना असम्भव होने पर प्रवासियों को इन देशों में भेजा जाता है। प्रवासी अधिकार संगठनों का तर्क है कि भेजने से पहले जोखिम का विस्तृत आकलन आवश्यक है।

29 सितंबर 2026 को 10:04 pm बजे
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प की तीसरे देश में डिपोर्टेशन नीति को फिर से मंजूरी दी

सौजन्य से:- Jagran

मेक्सिको, रवांडा और सूडान भेजे जा सकते हैं प्रवासी, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने डिपोर्टेशन को फिर दी हरी झंडी

अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन को प्रवासियों को उनके अपने मूल देश के बजाय किसी ...और पढ़ें

HighLights

- अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप को दी तीसरे देश में डिपोर्टेशन फिर शुरू करने की इजाजत

- 25 हजार प्रवासियों को 29 "तीसरे देशों" में भेजा गया है

रॉयटर, न्यूयॉर्क। अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन को प्रवासियों को उनके अपने मूल देश के बजाय किसी तीसरे देश में भेजने या डीपोर्ट करने की प्रक्रिया फिर शुरू करने की मंगलवार को अनुमति दे दी।

कोर्ट ने निचली अदालत के उस आदेश को फिलहाल रोक दिया है, जिसने इस नीति को गैरकानूनी बताते हुए रोक लगा दी थी। इस नीति के तहत ऐसे प्रवासियों को किसी तीसरे देश भेजा जा सकता है, जिनके अपने देश में उन्हें वापस भेजना संभव नहीं है।

प्रवासी अधिकार समूहों का कहना है कि 25 हजार प्रवासियों को 29 "तीसरे देशों" में भेजा गया है।

इनमें बड़ी संख्या में लोगों को मेक्सिको भेजा गया है, जबकि कुछ लोगों को अफ्रीकी देशों में भी भेजा गया।

सुप्रीम कोर्ट का नया आदेश अंतिम फैसला नहीं है। मामले की कानूनी लड़ाई अभी जारी है।

प्रवासी अधिकार संगठनों का कहना है कि लोगों को तीसरे देश भेजने से पहले उन्हें यह बताने और यह साबित करने का पर्याप्त मौका मिलना चाहिए कि वहां उन्हें उत्पीड़न, हिंसा या यातना का खतरा हो सकता है।

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
स्थायी लोक अदालत ने 13 साल बाद विधवा को 5 लाख की बीमा राहत दी
फैसले

स्थायी लोक अदालत ने 13 साल बाद विधवा को 5 लाख की बीमा राहत दी

सुलतानपुर लोकअदालत ने किसान की विधवा को 5.20 लाख रुपये का बीमा भुगतान आदेश दिया
फैसले

सुलतानपुर लोकअदालत ने किसान की विधवा को 5.20 लाख रुपये का बीमा भुगतान आदेश दिया

सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड‑बिहार के बंद सरकारी इकाइयों के कर्मचारियों को 1 लाख रुपये अतिरिक्त भुगतान का निर्देश दिया
फैसले

सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड‑बिहार के बंद सरकारी इकाइयों के कर्मचारियों को 1 लाख रुपये अतिरिक्त भुगतान का निर्देश दिया

एटा के उपनिरीक्षकों का पुन: तैनाती: 13 उपनिरीक्षकों का कार्यक्षेत्र बदला
फैसले

एटा के उपनिरीक्षकों का पुन: तैनाती: 13 उपनिरीक्षकों का कार्यक्षेत्र बदला

सुप्रीम कोर्ट के बाद राहत, 9,217 प्राथमिक शिक्षकों को नियुक्ति तिथि से ग्रेड‑1 का लाभ
फैसले

सुप्रीम कोर्ट के बाद राहत, 9,217 प्राथमिक शिक्षकों को नियुक्ति तिथि से ग्रेड‑1 का लाभ

सुप्रीम कोर्ट में तीन नई नियुक्तियों की सिफ़ारिश, कॉलेजियम ने गुजरात, दिल्ली और तेलंगाना के चीफ जस्टिस चुने
फैसले

सुप्रीम कोर्ट में तीन नई नियुक्तियों की सिफ़ारिश, कॉलेजियम ने गुजरात, दिल्ली और तेलंगाना के चीफ जस्टिस चुने

सुप्रीम कोर्ट में 37 जज, कॉलेजियम ने तीन हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों को भेजने की सिफारिश
फैसले

सुप्रीम कोर्ट में 37 जज, कॉलेजियम ने तीन हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों को भेजने की सिफारिश

एससी कॉलेजियम ने तीन हाईकोर्ट चीफ जस्टिसों को सुप्रीम कोर्ट जज के लिए सुझाया
फैसले

एससी कॉलेजियम ने तीन हाईकोर्ट चीफ जस्टिसों को सुप्रीम कोर्ट जज के लिए सुझाया

ताज़ा ख़बरें