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मुज़फ़्फ़रनगर जज रवि कुमार दिवाकर की 23वीं मौत की सज़ा: क्या अदालतें ऐसी रूटीन दे सकती हैं?
उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फ़रनगर में अपर सत्र जज रवि कुमार दिवाकर ने 7 सितंबर को नदीम को मौत की सज़ा सुनाई, जो पिछले पाँच महीनों में उनके द्वारा सुनाई गई 23वीं ऐसी सज़ा है। इस फैसले ने फिर से सवाल उठाया कि क्या अदालतें नियमित रूप से इतनी सज़ा दे सकती हैं और किस परिस्थिति में मौत की सज़ा लागू होती है।

सौजन्य से:- facebook.com
उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फ़रनगर की ज़िला अदालत में अपर सत्र जज रवि कुमार दिवाकर कई हफ़्तों से सुर्ख़ियों में हैं. उनकी अदालत ने 7 सितंबर को नदीम नाम के एक व्यक्ति को मौत की सज़ा सुनाई. पिछले पांच...
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