अदालत‑एडीआर सहयोग से पारिवारिक विवादों का तेज़ समाधान
सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस बी.वी. नागरत्ना ने गुवाहाटी में आयोजित सम्मेलन में कहा कि न्याय प्रक्रिया में गति लाने और रिश्तों के तनाव को घटाने हेतु अदालत और वैकल्पिक विवाद समाधान (एडीआर) को साथ काम करना चाहिए। उन्होंने बताया कि एडीआर का उद्देश्य अदालत की जगह लेना नहीं बल्कि मामलों की शीघ्रता, गोपनीयता और आपसी सहमति से निपटारा सुनिश्चित करना है, जिससे बिहार, ओडिशा, असम और सिक्किम में लंबित कई केस कम हो सकते हैं।

सौजन्य से:- Hindustan
‘पारिवारिक विवादों में अदालत-मध्यस्थता साथ काम करें’
सुप्रीम कोर्ट की जज जस्टिस बी.वी. नागरत्ना ने पारिवारिक विवादों के समाधान के लिए अदालत और वैकल्पिक विवाद समाधान (एडीआर) के समन्वय पर जोर दिया। गुवाहाटी में आयोजित सम्मेलन में उन्होंने कहा कि मध्यस्थता से न्याय प्रक्रिया में तेजी लाई जा सकती है, जिससे लंबित मामलों की संख्या कम होगी और रिश्तों में तनाव घट सकेगा।
सुप्रीम कोर्ट की जज जस्टिस बी.वी. नागरत्ना ने शनिवार को कहा कि पारिवारिक विवादों का समाधान करने के लिए अदालत और वैकल्पिक विवाद समाधान/मध्यस्थता (एडीआर) दोनों को मिलकर काम करना चाहिए। उनका कहना है कि जल्दी फैसला ज़रूरी है, लेकिन न्याय और उचित समाधान की कीमत पर। जस्टिस नागरत्ना ने गुवाहाटी में पारिवारिक विवादों पर आयोजित ‘पारिवारिक झगड़ों में एडीआर बनाम एडज्यूडिकेशन: चुनौतियां और आगे का रास्ता’ विषय पर दो दिवसीय क्षेत्रीय सम्मेलन के उद्घाटन समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि एडीआर का मकसद अदालतों की जगह लेना नहीं है। यह अदालतों की मदद करने वाला तरीका है, जिससे पारिवारिक मामलों में तेजी, गोपनीयता और आपसी सहमति से समाधान मिल सकता है।
उन्होंने कहा कि पारिवारिक मामलों में फैसलों में देरी होने से रिश्तों में पहले से मौजूद तनाव बढ़ बढ़ जाते हैं। ऐसे मामलों में मध्यस्थता जैसे एडीआर के तरीकों का सही समय पर इस्तेमाल देरी कम करने में मदद कर सकता है। उन्होंने कहा कि एडीआर मैकेनिज्म का सही इस्तेमाल लंबित मामला कम करने में मदद कर सकता है। उन्होंने कहा कि अक्तूबर 2024 तक बिहार में 70,365, ओडिशा में 36,792, असम में 7,399 और सिक्किम में 149 मामले लंबित हैं। मुकदमों को हथियार बनाने का जिक्र करते हुए, जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि यह एक ऐसी घटना है जहां मुकदमे की प्रक्रिया ही दूसरे पक्ष के लिए सजा और एक पक्ष के लिए बदला लेने का हथियार है।
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