BRICS सम्मेलन के मद्देनज़र दिल्ली हाई कोर्ट 11 सितंबर को बंद, ट्रायल कोर्ट्स को तीन दिन की छुट्टी
दिल्ली हाई कोर्ट 11 सितंबर को बंद रहेगा और सभी जिला (ट्रायल) अदालतें 11 से 13 सितंबर तक बंद रहेंगी। यह निर्णय ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में विश्व नेताओं की सुरक्षा और ट्रैफ़िक प्रतिबंधों को ध्यान में रखकर लिया गया है, ताकि जनता और न्यायिक प्रक्रिया पर असर न पड़े।

सौजन्य से:- Jagran
BRICS Summit 2026: दिल्ली HC और जिला अदालतें 11 सितंबर को बंद, ट्रायल कोर्ट्स में लगातार 3 दिन की छुट्टी
दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के कारण 11 सितंबर को हाई कोर्ट और जिला अदालतें बंद रहेंगी। ट्रायल कोर्ट्स 11, ...और पढ़ें
HighLights
- दिल्ली हाई कोर्ट 11 सितंबर को बंद रहेगा।
- ट्रायल कोर्ट्स 11 से 13 सितंबर तक बंद रहेंगे।
- ब्रिक्स सम्मेलन की सुरक्षा के कारण यह फैसला।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली में आयोजित होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के चलते केंद्रीय सरकार के दफ्तरों के बाद अब हाई कोर्ट व ट्रायल कोर्ट्स के बंद होने की सूचना सामने आई है।
हाई कोर्ट प्रशासन द्वारा जारी एक आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, 11 सितंबर (शुक्रवार) को दिल्ली हाई कोर्ट और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के अधीन आने वाली सभी जिला अदालतें (ट्रायल कोर्ट) बंद रहेंगी।
लगातार तीन दिन बंद रहेंगे ट्रायल कोर्ट्स
इसी के साथ ही यह भी जानकारी दी गई है कि ब्रिक्स सम्मेलन के चलते ट्रायल कोर्ट्स में 12 सितंबर यानी शनिवार को भी अवकाश रहेगा। इस तरह दिल्ली की सभी निचली अदालतें कुल तीन दिन 11, 12 और 13 सितंबर (शुक्रवार, शनिवार और रविवार) को बंद रहेंगी।
यह फैसला ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान शहर में होने वाले हाई-प्रोफाइल वैश्विक नेताओं के आगमन, उनकी सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रतिबंधों के कारण लिया गया है, ताकि आम लोगों और अदालती कार्यवाही से जुड़े लोगों को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े। हाई कोर्ट के लिए केवल शुक्रवार का ही अवकाश मान्य होगा।
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
दुमका में राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन के लिए जिला जज ने पुलिस से की समन्वय बैठक

सुप्रीम कोर्ट ने अरावली विशेषज्ञ पैनल को 30 नवंबर तक रिपोर्ट पेश करने का अंतिम आदेश, विस्तार का अनुरोध खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने अरावली विशेषज्ञ पैनल को 30 नवंबर 2026 तक रिपोर्ट जमा करने का आदेश, विस्तार का अनुरोध खारिज

ताई निन्ह की जन अदालत ने 73% से अधिक दीवानी मामलों का निपटारा कर उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की

कानूनी स्नातक ने नौकरी छोड़कर गृहनगर में शहद आड़ू के बाग से समृद्धि लायी

आदिवासी अधिकारों की अनदेखी: जस्टिस लोकुर ने वन‑और पंचायत अधिनियमों के गैर-प्रवर्तन को उजागर किया

ओडिशा जन कांग्रेस ने एमएमडीआर कानून के विरोध में चंडीखोल में बड़ा प्रदर्शन और आर्थिक नाकेबंदी का आह्वान

समस्तीपुर में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत में लंबित ई‑चालानों पर 50% छूट
ताज़ा ख़बरें
- इंडस जल समझौते पर पाकिस्तान की हर चाल ठहर गई, भारत का कड़ा रुख अडिग
- नवीन भूमि कानून मसौदा: कागज़ी व इलेक्ट्रॉनिक स्वामित्व प्रमाणपत्र, प्रक्रिया उल्लंघन वाले भूखंडों पर विशेष प्रावधान
- कानून से कार्यान्वयन तक: राष्ट्रीय सभा के निर्णय से प्रशासन में नई सुव्यवस्था
- सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने बताया: अदालतें राष्ट्र की 'अदृश्य रीढ़'
- सुप्रीम कोर्ट ने जिला अदालतों के बकाया मामलों को देखते हुए अनुभवी न्यायिक अधिकारियों की सेवानिवृत्ति आयु 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष करने का आदेश दिया
- सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद रजिस्ट्रार से जांच का निर्देश, न्यायिक अधिकारी पर रिपोर्ट न देने की चेतावनी
- न्यायिक सेवा आयु में बड़ा बदलाव: 60 साल से बढ़ाकर 62 साल, मध्यप्रदेश सहित सात राज्यों में लागू
- सुपौल में 12 सितंबर को लोक अदालत, 16,600 ट्रैफ़िक‑परिवहन मामलों का त्वरित निपटारा, 90‑दिन पुराने चालानों पर 50% तक राहत

