ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के कारण दिल्ली हाई कोर्ट व निचली अदालतें 11‑13 सितंबर को बंद
दिल्ली हाई कोर्ट 11 सितंबर को बंद रहेगा और सभी निचली अदालतें 12 सितंबर को अवकाश पर होंगी, यह निर्णय ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की सुरक्षा चिंताओं के चलते लिया गया है। पुलिस ने भारत मंडप में बड़े समारोह के कारण ट्रैफिक जाम से बचने हेतु अदालतों को बंद रखने का अनुरोध किया था, और इसी सिलसिले में स्कूलों और सरकारी दफ्तरों को भी छुट्टी दी गई। सुरक्षा हेतु लगभग 15 हज़ार पुलिसकर्मी और अर्धसैनिक बलों की 200 कंपनियां तैनात की जाएंगी।

सौजन्य से:- Hindustan
दिल्ली हाई कोर्ट इस दिन रहेगा बंद; निचली अदालतों में 2 दिन कब-कब रहेगा अवकाश?
दिल्ली हाई कोर्ट ने एक की की छुट्टी घोषित की है। दिल्ली हाई कोर्ट ने अपने साथ-साथ निचली अदालतों में भी अवकाश घोषित किया है। इस रिपोर्ट में जानें कब-कब बंद रहेंगी दिल्ली की अदालतें…
दिल्ली हाई कोर्ट में 11 सितंबर यानी शुक्रवार को छुट्टी रहेगी। दिल्ली हाई कोर्ट ने 11 सितंबर को अपने साथ-साथ निचली अदालतों में भी अवकाश घोषित किया है। राष्ट्रीय राजधानी की सभी निचली अदालतें 12 सितंबर यानी शनिवार को भी बंद रहेंगी। दिल्ली हाई कोर्ट ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मद्देनजर यह छुट्टी घोषित की है।
पुलिस ने की थी बंद रखने की गुजारिश
दरअसल, 12 और 13 सितंबर को दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन के लिए दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट और पटियाला हाउस कोर्ट को बंद रखने का अनुरोध किया था। पुलिस का कहना था कि अदालतों के खुलने से भारत मंडपम के आसपास वाहन खड़े होंगे जिससे कार्यक्रम के दौरान आवाजाही में परेशानी आ सकती है।
सभी स्कूल भी रहेंगे बंद
दिल्ली में आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को देखते हुए शिक्षा निदेशालय ने भी शुक्रवार यानी 11 सितंबर को दिल्ली के सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित की है। 11 सितंबर को स्कूलों में अवकाश की घोषणा इसलिए की गई है क्योंकि लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। यह आदेश सभी बोर्डों पर लागू रहेगा।
सभी दफ्तर भी रहेंगे बंद
बता दें कि दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन आयोजित होने जा रहा है। 5 सितंबर को जारी परिपत्र में कहा गया कि यह अवकाश शिक्षा निदेशालय के तहत आने वाले सभी एडेड और प्राइवेट स्कूलों पर लागू होगा। इस दिन शिक्षा निदेशालय के अंतर्गत आने वाले सभी दफ्तर भी बंद रहेंगे।
खाकी वर्दी में नजर आ सकते हैं जवान
ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान अर्धसैनिक बलों के जवान भी पुलिस की तरह खाकी वर्दी में नजर आ सकते हैं। दिल्ली पुलिस की तरफ से इस बारे में गृह मंत्रालय को अनुरोध भेजा गया है। इसमें कहा गया है कि विदेशी मेहमानों की सुरक्षा में सड़कों पर तैनात जवानों की वर्दी अलग-अलग होने से कई लोग असहज महसूस करते हैं।
किस वजह का हवाला?
दिल्ली पुलिस का कहना है कि अक्सर लोगों को ऐसा प्रतीत होता है कि सुरक्षा में भारतीय सेना लगी है। ऐसे में अगर अर्धसैनिक बलों की वर्दी भी खाकी (पुलिस की वर्दी जैसी) होगी तो मेहमान सहज महसूस करेंगे और सड़क पर एक ही जैसी वर्दी में जवानों को देखना अच्छा लगेगा।
अर्धसैनिक बलों की 200 कंपनियां होंगी तैनात
ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान कुल 15 हजार पुलिसकर्मी और अर्धसैनिक बलों की 200 कंपनियां (15 हजार जवान) सुरक्षा में तैनात की जाएंगी। एयरपोर्ट से लेकर होटल और भारत मंडपम तक की सुरक्षा में यह जवान तैनात रहेंगे। पुलिस सूत्रों ने बताया कि एयरपोर्ट पर आने वाले मेहमानों की सुरक्षा का जिम्मा विशेष आयुक्त स्तर के अधिकारी को सौंपा गया है।
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