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12 सितंबर को नेशनल लोक अदालत: पेंडिंग ट्रैफिक चालानों का आसान निपटारा और बड़ी छूट

देश भर के जिला न्यायालय 12 सितंबर को विशेष नेशनल लोक अदालत आयोजित करेंगे, जहाँ ओवरस्पीड, गलत पार्किंग आदि शमनीय ट्रैफिक चालानों को बड़ी छूट के साथ अंतिम रूप से निपटाया जा सकेगा। प्रक्रिया में चालक को चालान की प्रिंटेड कॉपी, आरसी, लाइसेंस, बीमा और पीयूसी साथ ले जाकर जज के सामने प्रस्तुत होना होगा, और भुगतान के साथ तुरंत रसीद मिल जाएगी। समय पर निपटारे से गाड़ी का रिकॉर्ड साफ रहेगा और बीमा व ट्रांसफर जैसी सुविधाएँ बिना रोक‑टोक मिलेंगी।

8 सितंबर 2026 को 01:31 am बजे
12 सितंबर को नेशनल लोक अदालत: पेंडिंग ट्रैफिक चालानों का आसान निपटारा और बड़ी छूट

सौजन्य से:- ABP News

गाड़ी के Pending Challan से हैं परेशान, इस दिन हो सकता है निपटारा

12 सितंबर 2026 को नेशनल लोक अदालत का आयोजन होने जा रहा है. जानिए इसके जरिए गाड़ियों के पेंडिंग ट्रैफिक चालान पर भारी छूट और निपटारे की पूरी प्रक्रिया.

हमारे देश में लगभग सभी लोगों का ही कभी न कभी चालान कटा होगा. इन दिनों चालान से बचना अब बहुत मुश्किल हो गया है. बता दें कि, अगर आपकी गाड़ी का कोई लंबा पेंडिंग ट्रैफिक चालान कटा हुआ है और आप ज्यादा चालान राशि से परेशान है तो यह खबर आपके लिए ही है. दरअसल, आगामी 12 सितंबर 2026 को देश की सभी जिला अदालतों में नेशनल लोक अदालत का विशेष आयोजन किया जा रहा है. इस लोक अदालत के जरिए वाहन चालक अपने पेंडिंग ई-चालान का आसानी से निपटारा करा सकेंगे.

बता दें कि, समय पर चालान का भुगतान न करने से यह रकम धीरे-धीरे बढ़ती जाती है और बाद में कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटने पड़ते हैं. नेशनल लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य लोगों को कानूनी प्रक्रियाओं के लंबे झंझट से बचाना और आपसी सहमति से मामलों को हल करना है. इसलिए अगर आपकी गाड़ी पर भी कोई चालान बकाया है तो 12 सितंबर का दिन आपके लिए बेहद खास साबित हो सकता है और बेहद कम पैसे में ही आपका चालान निपट सकता है.

क्या होंगे फायदे?

आपको बता दें कि नेशनल लोक अदालत में पेंडिंग ट्रैफिक चालान निपटाने का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि वाहन चालकों को चालान राशि में अच्छी-खासी छूट मिल जाती है. इसके अलावा लोक अदालत द्वारा दिया गया फैसला अंतिम और सर्वमान्य होता है. इसके खिलाफ किसी भी अन्य अदालत में कोई अपील दाखिल नहीं की जा सकती. इससे आपका समय और कानूनी प्रक्रिया का खर्च दोनों बचता है. पेंडिंग चालान क्लियर होने से आपकी गाड़ी का रिकॉर्ड भी बिल्कुल साफ हो जाता है.

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किन चालानों का हो सकेगा निपटारा?

जानकारी दें दे कि, लोक अदालत में केवल शमनीय अपराधों वाले चालानों का ही निपटारा किया जाता है. उदाहरण के तौर पर ओवर स्पीडिंग, गलत पार्किंग, रेड लाइट जंप, नो हेलमेट, नो सीट बेल्ट, ड्राइविंग के दौरान मोबाइल इस्तेमाल और बिना पीयूसी या इंश्योरेंस जैसे मामलों के चालान इसमें शामिल होते हैं.

हालांकि, ड्रंक एंड ड्राइव जैसे गंभीर और नॉन-कंपाउंडेबल अपराधों से जुड़े चालान लोक अदालत के दायरे में नहीं आते हैं. इसके अलावा जिन वाहनों के चालान काफी पुराने हैं या फिर कोर्ट में ट्रांसफर किए जा चुके हैं उनका निपटारा भी इस विशेष अदालत के माध्यम से आसानी से कराया जा सकता है.

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क्या रहेगी प्रक्रिया?

बता दें कि, लोक अदालत के दौरान चालान निपटारे के लिए वाहन चालकों को संबंधित जिला कोर्ट परिसर में जाना होता है. इसके लिए आपको अपने पेंडिंग चालान की प्रिंटेड कॉपी, गाड़ी की आरसी, वैध ड्राइविंग लाइसेंस, इंश्योरेंस कॉपी और पीयूसी सर्टिफिकेट साथ रखना अनिवार्य है.

वहीं, कोर्ट परिसर में बने हेल्प डेस्क पर जाकर चालान की स्थिति सत्यापित की जाती है. इसके बाद जज के सामने पेश होकर आपसी सहमति से चालान राशि तय की जाती है. चालान का भुगतान करते ही आपको ऑन-द-स्पॉट फाइनल रसीद दे दी जाती है जिससे पेंडिंग स्टेटस तुरंत हट जाता है.

चालान न भरने के नुकसान

यदि आप पेंडिंग चालान को लंबे समय तक नहीं भरते हैं तो आपको भविष्य में कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. वाहन पोर्टल पर चालान पेंडिंग रहने के कारण आप अपनी गाड़ी का इंश्योरेंस रिन्यू नहीं करा पाएंगे और न ही वाहन की एनओसी या आरसी ट्रांसफर करवा सकेंगे.

वहीं, इसके अलावा लगातार चालान पेंडिंग रहने पर ट्रैफिक पुलिस द्वारा कोर्ट का समन जारी किया जा सकता है. ऐसे में 12 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत का फायदा उठाकर अपने पेंडिंग चालान को जल्द से जल्द क्लियर करवा लें.

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