भाभी सिता सोरेन ने झारखंड की कानून‑व्यवस्था पर निशाना साधा, आदिवासी महिलाओं की सुरक्षा व छात्र विरोध के मामलों में केस वापसी की माँग
सिता सोरेन ने हेमंत सरकार को आदिवासी महिलाओं के खिलाफ बढ़ते दुष्कर्म व मारपीट की घटनाओं को लेकर कड़ी निंदा की और तेज़ ट्रैक कोर्ट में दोषियों को फांसी की सजा दिलाने की मांग की। साथ ही उन्होंने जेपीएससी‑जेएसएससी परीक्षा सुधार के लिए आंदोलन करने वाले छात्रों पर दर्ज मुकदमों को तुरंत वापस लेने का अनुरोध कर, उनकी लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की वकालत की।

सौजन्य से:- Jagran
झारखंड की कानून-व्यवस्था ध्वस्त... भाभी ने देवघर की सरकार को घेरा; छात्रों पर दर्ज मुकदमों को लेकर लिखा खत
Jharkhand Politics: सीता सोरेन ने झारखंड में आदिवासी महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों और जेपीएससी-जेएसएससी घोटाले के विरोध में छात्रों ...और पढ़ें
HighLights
- सीता सोरेन ने हेमंत सरकार पर कानून-व्यवस्था ध्वस्त होने का आरोप लगाया।
- आदिवासी महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर चिंता व्यक्त की।
- जेपीएससी-जेएसएससी आंदोलनकारी छात्रों के मुकदमे वापस लेने की मांग की।
डिजिटल डेस्क, धनबाद। झारखंड में लगातार हो रहे आदिवासी लड़कियों और महिलाओं के साथ दुष्कर्म की घटना और JPSC-JSSC Scam के विरोध में आंदोलन करने वाले छात्रों पर दर्ज मुकदमों को लेकर भाजपा नेत्री सीता सोरेन ने हेमंत सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सरकार को घेरते हुए शुक्रवार को इंटरनेट मीडिया पर दो पोस्ट किए।
हजारीबाग में आदिवासी महिला के साथ दुष्कर्म और उसका पैर तोड़ देने की घटना को लेकर सीता सोरेन ने एक्स पर पोस्ट किया-झारखंड की कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। हजारीबाग के कटकमदाग में हमारी एक और आदिवासी बहन के साथ दुष्कर्म और फिर बर्बरता से मारपीट कर उसका पैर तोड़ देने वाली घटना रूह कंपाने वाली है।
धनबाद में भी आदिवासी किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म
मालूम हो कि हजारीबाग की घटना से तीन पहले धनबाद में भी एक आदिवासी किशोरी के साथ चार युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। राज्य में महिला उत्पीड़न की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। खासकर आदिवासी लड़कियों और महिलाओं के साथ दुराचार की घटनाएं बढ़ी हैं।
सीता सोरेन ने एक्स पर लिखा है-खुद को 'आदिवासी हितैषी' बताने वाली सरकार के राज में बहन-बेटियां अपने घरों में भी सुरक्षित नहीं हैं,अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। पुलिस प्रशासन से मांग है कि इस मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए दरिंदों को फांसी की सजा दिलाई जाए और पीड़िता को तत्काल उच्च स्तरीय इलाज व मुआवजा मिले।
सीता सोरेन, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की भाभी हैं। वह जामा विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुकी हैं। फिलहाल भाजपा में हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की भाभी सीता सोरेन ने जेपीएससी-जेएसएससी घोटाले के विरोध में आंदोलन करने वाले छात्रों पर दर्ज मामले वापस लेने की मांग की है।
परीक्षा में सुधार की मांग उठाना लोकतांत्रिक अधिकार
सीता सोरेन ने छात्रों पर दर्ज मामले को वापस लेने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र भी लिखा है। सीता सोरेन ने पत्र को एक्स पर पोस्ट कर शुक्रवार को दी जानकारी। उन्होंने JPSC और JSSC-CGL परीक्षा में सुधार की मांग को लेकर आंदोलन करने वाले युवाओं पर दर्ज मुकदमों को अविलंब वापस लेने का आग्रह किया है।
उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और सुधार की मांग उठाना युवाओं का लोकतांत्रिक अधिकार है। ऐसे में आंदोलन में शामिल अभ्यर्थियों पर दर्ज मुकदमों की समीक्षा कर उनके भविष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार को संवेदनशील निर्णय लेना चाहिए।
छात्रों के प्रदर्शन का उद्देश्य कानून-व्यवस्था बिगाड़ना नहीं
सीता सोरेन ने पत्र में कहा कि झारखंड के हजारों युवा और अभ्यर्थी लंबे समय से परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उनके अनुसार, युवाओं ने अपनी मांगों और शिकायतों को सरकार तक पहुंचाने के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन का सहारा लिया था।
उन्होंने कहा कि इन प्रदर्शनों का उद्देश्य कानून-व्यवस्था बिगाड़ना नहीं, बल्कि रोजगार और भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराना था।
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उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान कई छात्रों और छात्र नेताओं पर विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज हुए हैं। आपराधिक मुकदमों के कारण सरकारी नौकरी के सत्यापन के दौरान उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। सीता सोरेन ने कहा कि मध्यम और गरीब परिवारों से आने वाले अभ्यर्थियों के लिए ऐसी स्थिति उनके भविष्य पर गंभीर असर डाल सकती है।
हमारे झारखंड के होनहार युवा JPSC और JSSC-CGL परीक्षा में सुधार के लिए लंबे समय से सड़कों पर संघर्ष कर रहे थे। व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग करने वाले इन युवाओं पर मुकदमा चलाना अन्यायपूर्ण है।
— Sita Soren (@SitaSorenMLA) September 4, 2026
माननीय मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM जी, मेरा आपसे आग्रह है कि इन युवाओं पर दर्ज… pic.twitter.com/3baGQWSK0C
झारखंड में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है!!
— Sita Soren (@SitaSorenMLA) September 4, 2026
हजारीबाग के कटकमदाग में हमारी एक और आदिवासी बहन के साथ दुष्कर्म और फिर बर्बरता से मारपीट कर उसका पैर तोड़ देने की घटना रूह कंपाने वाली है।
खुद को 'आदिवासी हितैषी' बताने वाली सरकार के राज में बहन-बेटियां अपने घरों में भी…
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