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UP सरकार सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के NSA रद्द आदेश को चुनौती देगी

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नोएडा में मजदूर प्रदर्शन से जुड़े केस में आकृति चौधरी की राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) हिरासत रद्द कर 5 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि उनकी हिरासत ‘गढ़ी हुई कहानी’ पर आधारित थी और मुआवजा जिलाधिकारी की वेतन से वसूला जाएगा। इस फैसले को राज्य सरकार अब सर्वोच्च न्यायालय में अपील कर रही है।

9 सितंबर 2026 को 02:06 pm बजे
UP सरकार सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के NSA रद्द आदेश को चुनौती देगी

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

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हाईकोर्ट के फैसले को SC में चुनौती देगी UP सरकार:नोएडा में हिंसक प्रदर्शन में शामिल छात्रा आकृति चौधरी की NSA रद्द का मामला

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नोएडा में मजदूरों के हिंसक प्रदर्शन से जुड़े मामले में DU की छात्रा और एक्टिविस्ट आकृति चौधरी की NSA हिरासत रद्द करने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को यूपी सरकार सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी। बुधवार को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने CJI सूर्यकांत की अ

हाईकोर्ट ने 2 सितंबर को आकृति की हिरासत का आदेश रद्द करते हुए उन्हें 5 लाख रुपए मुआवजा देने का निर्देश दिया था। सुप्रीम कोर्ट में यह मुद्दा उस समय उठा, जब गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी के एक छात्र को CJP के प्रदर्शन में शामिल होने पर नोएडा के कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने कारण बताओ नोटिस जारी किया था।

छात्र को नोटिस पर CJI ने जताई नाराजगी

वरिष्ठ अधिवक्ता विश्वजीत भट्टाचार्य ने सुप्रीम कोर्ट को ग्रेटर नोएडा के कार्यकारी मजिस्ट्रेट की कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी के एक छात्र को प्रदर्शन से जुड़ी गतिविधियों को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

इस पर CJI सूर्यकांत ने नाराजगी जताते हुए कहा- जब सुप्रीम कोर्ट ने छात्र विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी FIR रद्द कर दी हैं। विरोध प्रदर्शनों को लेकर किसी भी छात्र के खिलाफ भविष्य में जबरदस्ती की कार्रवाई पर रोक लगाई है। ऐसे में एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने छात्र को नोटिस जारी करने की हिम्मत कैसे की? कोई भी मजिस्ट्रेट उस आदेश का उल्लंघन नहीं कर सकता।

इसी दौरान CJI सूर्यकांत ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस फैसले का जिक्र किया, जिसमें नोएडा DM के NSA हिरासत आदेश को रद्द किया गया था। इस पर तुषार मेहता ने साफ कहा कि सरकार हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे रही है

सॉलिसिटर जनरल बोले- DM ने नहीं, मजिस्ट्रेट ने जारी किया नोटिस

हालांकि, लंच ब्रेक से पहले सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मामले में सफाई दी। उन्होंने कहा कि नोएडा की जिलाधिकारी को इस मामले में लगातार मीडिया के सवालों का सामना करना पड़ रहा है।छात्र को कारण बताओ नोटिस नोएडा की जिलाधिकारी ने नहीं, बल्कि ग्रेटर नोएडा के कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने जारी किया है।

मजदूरों के प्रदर्शन के बाद आकृति पर लगा था NSA

दरअसल, 13 अप्रैल 2026 को नोएडा में मजदूरों का हिंसक प्रदर्शन हुआ था। इस मामले में लखनऊ के पत्रकार सत्यम वर्मा और नोएडा की एक्टिविस्ट आकृति चौधरी पर NSA लगाया गया था। दोनों पर सोशल मीडिया के जरिए मजदूरों को भड़काने और विदेशी फंडिंग से जुड़े आरोप लगाए गए थे। आकृति को 11 अप्रैल को मेट्रो स्टेशन से गिरफ्तार किया गया था।

आकृति की हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस अचल सचदेव की बेंच ने सुनवाई की। बेंच ने उनके खिलाफ जारी डिटेंशन ऑर्डर रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा कि आकृति की हिरासत राज्य की ओर से पेश की गई एक ‘गढ़ी हुई कहानी’ पर आधारित थी। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि अगर किसी अन्य मामले में उनकी गिरफ्तारी जरूरी नहीं है तो उन्हें तत्काल रिहा किया जाए।

DM की सैलरी से वसूली जानी है मुआवजे की रकम

हाईकोर्ट ने आकृति को मुआवजा के तौर पर 5 लाख रुपए देने का भी आदेश दिया था। कोर्ट ने निर्देश दिया कि यह रकम नोएडा की जिलाधिकारी मेधा रूपम की व्यक्तिगत सैलरी से वसूली जाए। हाईकोर्ट ने NSA के तहत हिरासत का आदेश जारी करने के तरीके पर भी कड़ी टिप्पणी की थी।

आकृति चौधरी के बारे में जानिए-

आकृति चौधरी दिल्ली यूनिवर्सिटी से इतिहास में पोस्ट ग्रेजुएट हैं। नोएडा मजदूर प्रदर्शन के मामले में यूपी पुलिस ने 13 मई को उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाया था। इसी मामले में कार्यकर्ता और पत्रकार सत्यम वर्मा पर भी NSA के तहत कार्रवाई हुई थी।

उस समय नोएडा पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने आकृति और अन्य आरोपियों के खिलाफ मजबूत इलेक्ट्रॉनिक और वीडियो सबूत होने का दावा किया था। निचली अदालत से जमानत नहीं मिलने पर आकृति ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें पहले हाईकोर्ट जाने को कहा, जिसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में गिरफ्तारी और हिरासत को चुनौती दी।

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कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) कार्यकर्ता नीशू आजाद ने एक बार फिर दावा किया कि गाजियाबाद में उनको रेप और जान से मारने की धमकी दी जा रही है। नीशू ने बुधवार शाम करीब पांच बजे सोशल मीडिया X पर मोबाइल का एक स्क्रीनशॉट जारी किया है। लिखा है- मुझे लगातार गालियां और धमकियां भी दी जा रही हैं। यहां पढ़ें पूरी खबर

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