सुप्रीम कोर्ट में याचिका, लुटियंस दिल्ली में बिना पुलिस की मंजूरी के मार्च पर रोक
कॉकरोच जनता पार्टी के नेता राजेंद्र सिंह ने दिल्ली पुलिस से मांग की है कि लुटियंस दिल्ली में कोई भी जुलूस या प्रदर्शन बिना पूर्व अनुमति के न निकाला जाए। 5 सितंबर के शिक्षक‑दिवस पर प्रस्तावित मार्च पर भी यह प्रतिबंध लागू करने और ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के बाद तक कार्यक्रमों को नियंत्रित करने की अपील की गई है।

सौजन्य से:- Jagran
लुटियंस दिल्ली में विरोध मार्च पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका, पुलिस मंजूरी अनिवार्य करने की मांग
सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है, जिसमें पुलिस की मंजूरी के बिना लुटियंस दिल्ली में किसी भी ...और पढ़ें
HighLights
- लुटियंस दिल्ली में बिना मंजूरी मार्च पर रोक की मांग।
- सीजेपी का 5 सितंबर को विरोध मार्च प्रस्तावित।
- ब्रिक्स शिखर सम्मेलन तक प्रदर्शन नियंत्रित करने की अपील।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के पांच सितंबर के विरोध मार्च से पहले सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। इसमें मांग की गई है कि लुटियंस दिल्ली में पुलिस की मंजूरी के बिना कोई मार्च या जुलूस न निकाला जाए।
सीजेपी ने दिल्ली में विरोध मार्च का आह्वान किया है। पार्टी का आरोप है कि केंद्र सरकार ने 25 जुलाई को किए गए उन वादों को पूरा नहीं किया, जिनके तहत उसे अपना 36 दिन का आंदोलन वापस लेने के लिए मनाया गया था। दिल्ली पुलिस ने पहले कहा था कि उसे इंडिया गेट से दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक जुलूस निकालने के लिए कोई अनुरोध नहीं मिला है, जबकि सीजेपी ने इसकी योजना की घोषणा की थी।
दिल्ली पुलिस के सेवानिवृत्त अधिकारी राजेंद्र सिंह द्वारा दायर इस याचिका में मांग की गई है कि इंडिया गेट, सेंट्रल विस्टा और आसपास के इलाकों जैसे सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील संवैधानिक क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर लोगों को इकट्ठा करने, मार्च या संगठित प्रदर्शन के किसी भी सार्वजनिक आह्वान की अनुमति न दी जाए, जब तक आयोजकों ने आवश्यक मंजूरी न ले ली हो।
इसमें यह भी मांग की गई है कि लुटियंस दिल्ली में लोगों को इकट्ठा करने के किसी भी प्रस्तावित कार्यक्रम को 12-13 सितंबर को होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के खत्म होने तक ठीक से नियंत्रित किया जाए, टाला जाए या उसमें उचित बदलाव किए जाएं। साथ ही मांग की गई है कि कोई भी मार्च या जुलूस तय सीमा से आगे न बढ़े, जब तक कि इसके लिए कानूनी मंजूरी न हो और उस इलाके के लिए लागू नियमों का पालन न किया जाए।
सीजेपी के अनुसार, यह मार्च शिक्षक दिवस पर होना है। इसका नेतृत्व उन छात्रों के परिवार करेंगे जिन्होंने नीट रद होने और उसके बाद दोबारा परीक्षा होने के कारण आत्महत्या कर ली थी। साथ ही वे लोग भी शामिल होंगे जिनके साथ जुलाई में आंदोलन के दौरान पुलिस ने कथित ज्यादती की थी।
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