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हाईकोर्ट ने पुलिस को ललकारा, आरोपी ननद को 24 घंटे के भीतर रिहा करने का आदेश

अल्लाहाबाद हाईकोर्ट ने मेरठ के लिसाड़ी गेट थाने में हत्या के आरोप में गिरफ्तार की गई ननद की गिरफ्तारी, हिरासत और रिमांड को अवैध बताया। सीजेएम मेरठ को आदेश दिया गया कि आरोपी को 24 घंटे के भीतर रिहा किया जाए।

12 अगस्त 2026 को 12:57 pm बजे
हाईकोर्ट ने पुलिस को ललकारा, आरोपी ननद को 24 घंटे के भीतर रिहा करने का आदेश

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

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भाभी की हत्या करने वाली ननद की रिहाई:मेरठ के मामले में हाईकोर्ट ने दिए आदेश, कहा गिरफ्तारी की गाइडलाइन फॉलो नहीं की गई

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मेरठ में भाभी की हत्या की आरोपी ननद को हाईकोर्ट ने रिहाई के आदेश दिए हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मेरठ के लिसाड़ी गेट थाने में हत्या के आरोप में गिरफ्तार की गई आरोपी महिला की गिरफ्तारी, हिरासत और रिमांड को अवैध करार दिया है। कोर्ट ने सीजेएम मेरठ को महिला को 24 घंटे के भीतर तत्काल रिहा करने का आदेश दिया है।

न्यायमूर्ति सिद्धार्थ और न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए। कोर्ट ने पाया कि गिरफ्तारी से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को अदालत के सामने सही तरीके से नहीं रखा गया और सुप्रीम कोर्ट के गिरफ्तारी संबंधी दिशा-निर्देशों का भी पालन नहीं हुआ।

12 जुलाई को किया था अरेस्ट आरोपी महिला को अपनी भाभी की हत्या के आरोप में 12 जुलाई 2026 को शाम करीब 4 बजे उसके घर से गिरफ्तार किया गया था। उसे रिमांड मजिस्ट्रेट के सामने 14 जुलाई को दोपहर करीब 1 बजे पेश किया गया। बचाव पक्ष ने सीजेएम मेरठ की अदालत में पुलिस थाने की CCTV फुटेज उपलब्ध कराने की मांग की थी। मजिस्ट्रेट ने फुटेज पेश करने का आदेश भी दिया, लेकिन पुलिस ने CCTV रिकॉर्डिंग अदालत के सामने पेश नहीं की है।

अदालत को नहीं दी गई पूरी जानकारी हाईकोर्ट ने पाया कि पुलिस की ओर से अदालत को पूरी जानकारी नहीं दी गई। कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए कहा कि मामले से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाया गया। पुलिस की ओर से CCTV फुटेज उपलब्ध नहीं कराने के लिए कहा गया कि थाने में लगे कैमरे खराब थे और रिकॉर्डिंग नहीं हो रही थी।

हालांकि, कोर्ट के सामने पेश जनरल डायरी में कैमरों की मरम्मत के लिए भेजे गए रिमाइंडरों का उल्लेख मिला। हाईकोर्ट ने कहा कि पुलिस ने इन दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को समय पर मजिस्ट्रेट के सामने पेश करना और गिरफ्तारी की पूरी प्रक्रिया को रिकॉर्ड में रखना पुलिस की जिम्मेदारी है।

गिरफ्तारी मेमो में भी कई खामियां मिलीं हाईकोर्ट ने महिला के गिरफ्तारी मेमो की भी जांच की। इसमें समय में काट-छांट, गवाहों के हस्ताक्षर नहीं होने और कई कॉलम खाली छोड़े जाने जैसी खामियां सामने आईं। कोर्ट ने कहा कि गिरफ्तारी की प्रक्रिया में निर्धारित कानूनी नियमों का पालन किया जाना जरूरी है। पुलिस इन प्रक्रियाओं को नजरअंदाज नहीं कर सकती। खंडपीठ ने डीके बसु बनाम पश्चिम बंगाल राज्य और परमवीर सिंह सैनी बनाम बलजीत सिंह मामलों में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गिरफ्तारी और हिरासत को लेकर तय दिशा-निर्देशों का हवाला दिया।

गिरफ्तारी, हिरासत और रिमांड तीनों अवैध मामले के सभी तथ्यों और रिकॉर्ड का परीक्षण करने के बाद हाईकोर्ट ने महिला की गिरफ्तारी, हिरासत और रिमांड को अवैध करार दिया।

कोर्ट ने सीजेएम मेरठ को निर्देश दिया कि महिला को आदेश प्राप्त होने के 24 घंटे के भीतर रिहा किया जाए। हाईकोर्ट के इस आदेश से पुलिस की गिरफ्तारी प्रक्रिया और थाने में CCTV रिकॉर्डिंग के रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।

जानिए पूरा मामला...

अहमदनगर गली नंबर-2 में रहने वाले हाजी जाहिद शहर में एंपायर टेलर्स के नाम से दुकान चलाते हैं। करीब 40 साल से वह इस कारोबार से जुड़े हैं। उनके परिवार में 2 बेटे शाहवेज और शाजेब और एक बेटी रिम्शा है। सुभाष बाजार स्थित पहली दुकान पर हाजी जाहिद खुद बैठते हैं, जबकि अहमदनगर स्थित दूसरी ब्रांच शाहवेज संभालता है।

करीब 6 साल पहले शाहवेज का निकाह किदवईनगर में रहने वाली निदा उर्फ सोनी (28) से हुआ था। दोनों के 2 बच्चे हैं। वहीं, रिम्शा (25) की शादी अहमदनगर से करीब 3 किलोमीटर दूर करीमनगर में रहने वाले ओवेश से हुई है। ओवेश ऑनलाइन कपड़ों का कारोबार करता है।

12 जुलाई को हत्या वाले दिन मेरठ के लिसाड़ी गेट में जांच-पड़ताल करने पुलिस पहुंची थी।

4 साल से अफेयर था, 8 महीने पहले ननद से हुई शादी

पड़ोसियों के मुताबिक, कपड़ों के कारोबार की वजह से ओवेश का शाहवेज के घर आना-जाना था। इसी दौरान उसकी निदा से नजदीकियां बढ़ीं। करीब 8 महीने पहले शाहवेज ने अपनी बहन रिम्शा की शादी ओवेश से करा दी। इसके बाद भी ओवेश और निदा के बीच बातचीत जारी रही। इस पर रिम्शा कई बार आपत्ति जताती थी।

रिम्शा ने पुलिस को बताया कि घटना वाले दिन (रविवार को) उसने भाभी को अपने पति से बात करते देख लिया था। उसने किचन में भाभी से कहा कि उसके पति का पीछा छोड़ दे। इस पर निदा ने जवाब दिया, "पहले अपने पति को संभालो, दूसरे पर आरोप बाद में लगाना।" इसी बात पर दोनों के बीच कहासुनी हो गई।

गुस्से में रिम्शा ने रसोई में रखा चाकू उठाया और निदा के सीने पर ताबड़तोड़ कई वार कर दिए। गंभीर रूप से घायल होकर निदा वहीं गिर पड़ी।

चीख-पुकार सुनकर परिवार के लोग मौके पर पहुंचे। उसे अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिवार ने घटना को हादसा बताकर मामला छिपाने की कोशिश की। पुलिस को बताया गया कि निदा फर्श पर गिरने से घायल हुई थी।

पड़ोसी के फोन पर पहुंचे मायकेवाले, फर्श पर पड़ा मिला शव

निदा के घरवालों के मुताबिक, 12 जुलाई की दोपहर करीब साढ़े 3 बजे पड़ोसी का फोन आया कि बेटी के साथ ससुराल में कोई अनहोनी हो गई है। सूचना मिलते ही मां, दोनों भाई और अन्य घरवाले मौके पर पहुंचे।

घर के अंदर निदा का शव फर्श पर पड़ा था और आसपास काफी खून फैला था। उसके हाथ, पैर और गले पर चोट के निशान थे। यह देखकर घरवालों ने हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस को सूचना दी। इस पर सीओ कोतवाली संग्राम सिंह और लिसाड़ी गेट थाना पुलिस मौके पर पहुंची। मायकेवालों की शिकायत पर जांच शुरू की गई।

शुरुआत में रिम्शा ने भी पुलिस को यही बताया कि निदा फर्श पर गिरने से घायल हुई थी। लेकिन, मंगलवार (14 जुलाई) को वह खुद पुलिस के पास पहुंची और हत्या करने की बात कबूल कर ली। उसने बताया कि वारदात के बाद से उसे रातभर नींद नहीं आ रही थी। इसके बाद पुलिस ने ननद को गिरफ्तार कर लिया और देर रात पूरे हत्याकांड का खुलासा कर दिया।

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