इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कार्यवाहक प्रधानाध्यापकों को जिम्मेदारी के दिन से पूरा वेतन देने का आदेश दिया
कोर्ट ने कहा कि यदि कोई सहायक शिक्षक को कार्यवाहक प्रधानाध्यापक बनाकर जिम्मेदारी सौंप दी जाती है, तो उसे उसी दिन से प्रधानाध्यापक के स्तर का वेतन मिलेगा और बकाया भुगतान को तीन साल तक सीमित नहीं किया जा सकता। पिछले फैसले में लागू सीमा को अब रद्द कर, सभी याचिकाकर्ताओं को उनके कार्यभार संभालने की तिथि से पूर्ण वेतन प्रदान करने का निर्देश दिया गया।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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कार्यवाहक प्रधानाध्यापकों को अब पूरी सेवा का वेतन मिलेगा:इलाहाबाद हाईकोर्ट का आदेश- जिम्मेदारी संभालने की तारीख से मिलेगा पद का पूरा भुगतान
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इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने कार्यवाहक प्रधानाध्यापकों के वेतन को लेकर एक जरूरी आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि अगर किसी सहायक अध्यापक को कार्यवाहक प्रधानाध्यापक की जिम्मेदारी दी गई है, तो उसे उस पद का वेतन जिम्मेदारी संभालने की तारीख से मिलेगा। बकाया वेतन का भुगतान सिर्फ याचिका दायर करने से पहले के तीन साल तक सीमित नहीं किया जा सकता।
न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की एकल पीठ ने पूनम रानी वाष्णेय समेत 1030 याचिकाकर्ताओं की अर्जियां निपटाते हुए यह आदेश दिया। याचिकाकर्ताओं ने बताया था कि उनके स्कूलों में नियमित प्रधानाध्यापक नहीं थे। वे अलग-अलग तारीखों से कार्यवाहक प्रधानाध्यापक के तौर पर काम कर रहे थे। इसके बावजूद उन्हें प्रधानाध्यापक पद के हिसाब से वेतन नहीं मिला।
भुगतान को 3 साल तक सीमित किया था
न्यायालय ने अपने पुराने फैसले का भी जिक्र किया, जिसमें कार्यवाहक प्रधानाध्यापकों को नियमित प्रधानाध्यापकों के बराबर वेतन देने का अधिकार माना गया था। हालांकि, उस समय सुप्रीम कोर्ट के तरसेम सिंह फैसले के आधार पर बकाया भुगतान को याचिका दायर करने से पहले के तीन साल तक सीमित कर दिया गया था।
इस मामले में न्यायालय ने कहा कि बाद में सुप्रीम कोर्ट ने माया बनर्जी मामले में तरसेम सिंह के आधार पर अपनाई गई इस व्यवस्था पर फिर से विचार किया। कोर्ट ने माना कि कार्यवाहक प्रधानाध्यापक के तौर पर दी गई सेवा के बदले मिलने वाला वेतन कर्मचारी के लिए संपत्ति के अधिकार जैसा है।
ऐसे में वेतन के दावे को तीन साल तक सीमित करने का आधार सही नहीं है। इसके साथ ही न्यायालय ने सभी याचिकाकर्ताओं को कार्यवाहक प्रधानाध्यापक का कार्यभार संभालने की तारीख से भुगतान होने तक प्रधानाध्यापक पद का वेतन देने का आदेश दिया।
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