राजस्थान हाई कोर्ट में नए चीफ जस्टिस नियुक्त, कार्यवाहक पर उठी विवाद की लहर
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश पर आठ हाई कोर्ट में जस्टिसों की नई नियुक्तियाँ की, जिनमें राजस्थान हाई कोर्ट का नया चीफ जस्टिस भी शामिल है। उसी दौरान कार्यवाहक जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा पर शिकायत पत्र आने से विवाद बढ़ा, और CJI सूर्यकांत ने मीडिया के बजाय प्रक्रिया को प्राथमिकता देते हुए समाधान का आश्वासन दिया।

सौजन्य से:- Aaj Tak News
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केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश पर 8 हाई कोर्ट के नए जस्टिस नियुक्त किए हैं. केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए इसकी जानकारी दी है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने CJI सूर्यकांत की सलाह के बाद इन नई नियुक्तियों को मंजूरी दे दी है.
दिल्ली हाईकोर्ट के वरिष्ठ जज जस्टिस वल्लूरी कामेश्वर राव को पटना हाई कोर्ट, बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस रवींद्र वी. घुगे को कलकत्ता हाई कोर्ट, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल को राजस्थान हाई कोर्ट, इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी को बॉम्बे हाईकोर्ट, पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में नियुक्त जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा को पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट का ही चीफ जस्टिस बनाया गया है.
वहीं, उड़ीसा हाईकोर्ट के जस्टिस कृष्ण राम महापात्र को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट, गुजरात हाईकोर्ट के जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट, राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया है.
माना जा रहा है कि इन नियुक्तियों का उद्देश्य हाई कोर्ट में स्थायी और नियमित नेतृत्व सुनिश्चित करना है.
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बता दें, राजस्थान हाई कोर्ट के नए चीफ जस्टिस की नियुक्ति के बीच मौजूदा कार्यवाहक चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा को लेकर भी विवाद सामने आ रहा है. राजस्थान हाई कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट पहुंचे जस्टिस संदीप मेहता ने CJI सूर्यकांत को तीन चिठ्ठी लिखकर जस्टिस शर्मा की कार्यशैली और उनके व्यवहार को लेकर शिकायत की थी.
साथ ही चिठ्ठी में ये भी आरोप लगाया था कि जस्टिस शर्मा प्रशासनिक शक्तियों का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं और प्रभावशाली पक्षों को फायदा पहुंचाने के लिए मामलों की लिस्टिंग में कथित तौर पर हेरफेर कर रहे हैं. पत्र में जस्टिस शर्मा पर जजों को ट्रांसफर की धमकी देने के भी आरोप लगागए गए हैं.
मीडिया में मामला आने के बाद CJI सूर्यकांत ने कहा कि ऐसे मामलों में मीडिया की बजाय तय प्रक्रिया प्रभावी होती है और इसका जल्द ही समाधान निकाला जाएगा.
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