सुप्रीम कोर्ट ने एपी हाईकोर्ट की “खारिज करने के लिए” लिस्टिंग पर की कड़ी निंदा
सुप्रीम कोर्ट ने बताया कि आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने किसी आपराधिक रिवीजन केस को ‘खारिज करने के लिए’ शीर्षक के तहत लिस्ट करके पहले से ही फैसला ले लिया था, जो प्रक्रिया के विरुद्ध है। न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुयान और अतुल एस. चंडुरकर की बेंच ने इसे गलत ठहराते हुए मामले को वापस हाईकोर्ट को भेज दिया और अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को तय की।

सौजन्य से:- Live Law Hindi
'खारिज करने के लिए' हेडिंग के तहत केस लिस्ट करना गलत: सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट की आलोचना की
Shahadat
5 Sept 2026 10:07 AM IST
सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा 'खारिज करने के लिए' (For Dismissal) हेडिंग के तहत कॉज़-लिस्ट में एक केस को लिस्ट करने पर आपत्ति जताई।
जस्टिस उज्ज्वल भुयान और जस्टिस अतुल एस. चंडुरकर की बेंच ने कहा कि ऐसा करना गलत है क्योंकि इससे पता चलता है कि कोर्ट ने सुनवाई से पहले ही मामले पर फैसला कर लिया था।
कोर्ट ने कहा,
"हमने पाया कि हाईकोर्ट ने संबंधित क्रिमिनल रिविज़न केस को 'खारिज करने के लिए' हेडिंग के तहत लिस्ट किया और बाद में रिविज़न याचिका खारिज की, जबकि मामले की सुनवाई 21.11.2025 को मेरिट के आधार पर हुई थी। किसी केस को ऐसी हेडिंग के तहत लिस्ट करने से ही पता चलता है कि आदेश सुनाए जाने से पहले ही फैसला लिया जा चुका है। यह सही नहीं है, खासकर क्रिमिनल मामलों में।"
कोर्ट उस याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें हाईकोर्ट द्वारा एक दोषी की क्रिमिनल रिविज़न याचिका खारिज करने के फैसले को चुनौती दी गई। दोषी ने हत्या की कोशिश के अपराध के लिए अपनी सज़ा को चुनौती दी।
सुप्रीम कोर्ट ने मामले को हाईकोर्ट को वापस भेजने का प्रस्ताव दिया और याचिका पर नोटिस जारी किया।
मामले पर अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को होगी।
Case : K Ravi v. State of Andhra Pradesh | Diary No. 40946/2026
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