मेरठ में महापंचायत पर ड्रोन निगरानी और एसपी की शांति अपील
रवि गौतम के आह्वान पर कमिश्नरी पार्क में बड़ी संख्या में लोग जुटे, पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ड्रोन से निगरानी और भारी बल तैनात किया। माहौल तनावपूर्ण होकर युवाओं ने सड़क पर कदम बढ़ाया, परंतु अधिकारियों ने शांतिपूर्वक व्यवस्था कर ली। एसपी विनायक गोपाल भोंसले ने जनता से शांति बनाए रखने और संविधान का पालन करने की अपील की।

सौजन्य से:- ETV Bharat
मेरठ में कमिश्नरी पार्क में महापंचायत; ड्रोन से की गई निगरानी, एसपी सिटी बोले- "कानून और संविधान का पालन करिये"
"युवा शक्ति दल" के राष्ट्रीय अध्यक्ष रवि गौतम के आह्वान पर महापंचायत में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे.
By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : August 30, 2026 at 6:30 PM IST
|Updated : August 30, 2026 at 6:51 PM IST
मेरठ : जिले में रविवार को कमिश्नरी पार्क में महापंचायत का आयोजन किया जा रहा है. "युवा शक्ति दल" के राष्ट्रीय अध्यक्ष रवि गौतम के आह्वान पर आयोजित इस महापंचायत में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे. इस दौरान पुलिस प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए ड्रोन से निगरानी कराई और मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है.
कमिश्नरी पार्क में महापंचायत के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया. आरोप है कि इस दौरान मंच से दिए गए कथित भड़काऊ बयान के बाद युवा दीवार फांदकर सड़क पर आने लगे. स्थिति बिगड़ती देख पुलिस अधिकारियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए युवाओं को वापस पार्क के अंदर भेजा और यातायात सुचारू कराया.
"युवा शक्ति दल" के राष्ट्रीय अध्यक्ष रवि गौतम हाथ में भारतीय संविधान और डॉ. भीमराव आंबेडकर की तस्वीर लेकर धरने पर बैठे रहे. उन्होंने कहा कि "यह धरना अनिश्चितकालीन चलेगा. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन ने कुछ लोगों को जिले की सीमाओं, टोल प्लाजा और हापुड़-बुलंदशहर जैसे पड़ोसी जिलों में ही रोक दिया है व हाउस अरेस्ट किया है.
उन्होंने तत्कालीन एसएसपी और अन्य दोषी पुलिसकर्मियों पर तुरंत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई किये जाने की मांग की. साथ ही उन्होंने 8 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान जेल भेजे गए व नामजद कार्यकर्ताओं पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाने की मांग की. उन्होंने कहा कि यदि हमारी मांगें पूरी नहीं हुईं तो यह आंदोलन भूख हड़ताल और पैदल मार्च में बदल जाएगा."
एसपी सिटी विनायक गोपाल भोंसले ने प्रदर्शनकारियों और आम जनता से शांति बनाए रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि कानून का पालन करिये, संविधान का पालन करिये. उन्होंने कहा कि "बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने संविधान में जो सिखाया है, उसको पढ़िए और समझिए. किसी के बहकावे में आकर मेरठ की शांति व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को भंग करने का प्रयास न करें. आस-पास कई बड़े अस्पताल और कचहरी हैं, रोड जाम करने से आम जनता को परेशानी होगी. आप अपना विरोध शांतिपूर्ण ढंग से दर्ज कराएं और प्रशासन का सहयोग करें. कानून हाथ में लेने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी."
वायरल वीडियो को लेकर ललिता के पिता वेदप्रकाश ने कहा कि वीडियो उन्हीं के द्वारा बनाया गया है. उन्होंने कहा कि राजनीति हो रही है, इसलिए उन्होंने इस महापंचायत से दूरी बनाई है. पुलिस अपना काम कर रही है. दोषियों पर कार्रवाई भी हुई है, इसलिए वो अब किसी के कहने पर राजनीति का शिकार नहीं होंगे.
क्या है पूरा मामला: 17 मई को रोहटा थाना क्षेत्र के उकसिया गांव के गन्ने के खेत में ललिता का शव मिला था. 24 घंटे के अंदर ही पुलिस ने इस मामले में आरोपियों को पकड़ने का दावा किया. पुलिस ने बताया कि 3 साल से आरोपी की ललिता से दोस्ती थी. उसे ललिता के किसी दूसरे युवक से बात करने का शक था. इसको लेकर दोनों के बीच झगड़ा हुआ था. जिसके बाद इसी रंजिश में अंकुश ने अपने साथियों के साथ मिलकर ललिता की हत्या कर दी थी.
9 जुलाई को छात्रा हत्याकांड में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर लोगों ने कलेक्ट्रेट के सामने उग्र प्रदर्शन किया था. धरना-प्रदर्शन के दौरान अचानक भारी बवाल हो गया था. इस दौरान 11 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे. इस मामले में पुलिस ने 50 से 60 लोगों को हिरासत में लिया था. लगभग 20 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था. जिसमें करीब 13 नामजद FIR थीं.
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