बैंक घोटाले का खुलासा, किसान ने अदालत में बयान दिया
गाजियाबाद में प्रथमा बैंक की मंडी शाखा में 3.96 करोड़ रुपये के घोटाले का मामला उजागर हुआ। किसान हरचरन सिंह ने अदालत में बताया कि उनके बैंक खाते से उनके बिना पैसे निकाले गए। बैंक अधिकारियों ने आपराधिक षड्यंत्र के तहत आम लोगों की धनराशि हड़पने का काम किया।

सौजन्य से:- Hindustan
किसान ने अदालत में बयान दर्ज कराया
गाजियाबाद में प्रथमा बैंक की मंडी शाखा में 3.96 करोड़ रुपये के घोटाले का मामला अदालत में सुनवाई के दौरान उजागर हुआ। किसान हरचरन सिंह ने बताया कि उनके बैंक खाते से उनके ज्ञान के बिना पैसे ट्रांसफर किए गए। सीबीआई के अनुसार, बैंक अधिकारियों ने आपराधिक षड्यंत्र के तहत आम लोगों की धनराशि हड़पने का काम किया।
गाजियाबाद, अमन वत्स। अदालत में अमरोहा के हसनपुर स्थित प्रथमा बैंक की मंडी शाखा में हुए करीब 3.96 करोड़ रुपये के घोटाले में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान बुधवार को एक किसान खाताधारक ने अदालत में अपना बयान दर्ज कराया। किसान हरचरन सिंह ने बताया कि उनके बैंक खाते से पांच बार में 50-50 हजार रुपये किसी होरीलाल के खाते में ट्रांसफर किए गए थे। उन्हें इसकी जानकारी तक नहीं थी। अदालत से मिली जानकारी के अनुसार किसान हरचरन सिंह ने कोर्ट को बताया कि उनके पास मोबाइल फोन नहीं था। इस वजह से खाते से रकम ट्रांसफर होने का कोई संदेश या सूचना उन्हें नहीं मिली।
वर्ष 2016-17 के दौरान प्रथमा बैंक की मंडी शाखा में तत्कालीन शाखा प्रबंधक विपिन कुमार और सहायक प्रबंधक नवीन कुमार पर कमीशन एजेंट जितेंद्र आर्य के साथ मिलकर बैंक में जमा आम लोगों की धनराशि हड़पने और वित्तीय अनियमितता करने का आरोप है। सीबीआई की जांच के मुताबिक आरोपियों ने आपराधिक षड्यंत्र के तहत अपने पद का दुरुपयोग किया और बैंक की यूजर आईडी का इस्तेमाल किया। जांच में सामने आया कि प्रथमा किसान क्रेडिट कार्ड के 226 खाताधारकों में से 219 खातों से निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना धनराशि डेबिट की गई। आरोप है कि खातों से निकाली गई रकम को अन्य लोगों के नाम से खोले गए खातों में स्थानांतरित किया गया। कुछ खाताधारकों की मृत्यु के बाद भी उनके खातों से रकम निकाले जाने की बात जांच में सामने आई। सीबीआई के अनुसार कुछ रकम आरोपियों के खातों में भी ट्रांसफर की गई, जबकि कई ऋण खातों से निर्धारित सीमा से अधिक धनराशि निकाली गई। जांच एजेंसी ने इस पूरे मामले में प्रथमा बैंक के साथ करीब 3.96 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी किए जाने का आरोप लगाया है।
लेखक के बारे में
Hindustan | Bureauहिन्दुस्तान भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN-IFRA के अनुसार, 2016 में 'हिन्दुस्तान' विश्व के शीर्ष 13 सर्वाधिक प्रसारित अखबारों में शामिल था। हर रोज 5 राज्यों सहित देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम) में 23 संस्करण प्रकाशित होते हैं। ‘पाठक सर्वोपरि’ हिन्दुस्तान की संपादकीय नीति है। समय पर, शोध और गहन खोजबीन के बाद विस्तार से न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित की जाती है। हर खबर में सभी पक्षों और दृष्टिकोणों को संतुलित रूप से पेश किया जाता है।
और पढ़ें
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
नीट प्रश्नपत्र लीक मामला: अदालत ने सीबीआई के आरोपपत्र पर संज्ञान लिया

नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में अदालत ने सीबीआई के आरोपपत्र का संज्ञान लिया

विवादित बयान पर CM ने दी कड़ी चेतावनी, कहा- बख्शा नहीं जाएगा कोई भी

दिल्ली में 12 सितंबर को भ्रष्टाचार की शिकायतों का त्वरित निपटान के लिए राष्ट्रीय लोक अदालत होगी

हवाएँ अब रौशनी का फ़ैसला करेंगी: कवियों के गहरे अर्थ

हरदोई में राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियाँ: अधिक से अधिक मामले निपटाने पर फोकस

न्यायाधिकरण सुधार विधेयक 2026 : क्या इसके कोई फायदे हैं या घाटे?

फ्रांस में टेलीमार्केटिंग कॉल पर प्रतिबंध, भारत में नियम क्या कहते हैं?
ताज़ा ख़बरें
- डिजिटल परिवर्तन: कानून की पहुंच बढ़ाने की दिशा में कदम
- 12 सितंबर को जींद के न्यायिक परिसर में लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत
- राष्ट्रीय लोक अदालत में जल्द निर्णय, अधिकारियों को दी गयी जिम्मेदारी
- बेसिक शिक्षा विभाग के 59 मामले 20 अगस्त तक निपटाने के दिए निर्देश
- शहरी विकास कानून ने नागरिकों को बुनियादी ढांचे की बाधाओं को दूर करने में मदद कैसे की?
- 12 सितंबर को हाथरस में राष्ट्रीय लोक अदालत की रणनीति पर व्यापक चर्चा
- JDU का दो टूक: बिहार में शराबबंदी कानून की समीक्षा का कोई सवाल नहीं!
- सुप्रीम कोर्ट ने दी अनुकंपा नियुक्ति को कल्याणकारी उपाय का दर्जा

